सोशल मीडिया पर मौजूद फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर लोन चुकाने को लेकर कई तरह की बातें करते हैं, कुछ लोगों का कहना है कि समय से पहले लोन चुकाना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है. वहीं, कुछ इंफ्लूएंसर का कहना है कि ऐसा करना आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है. अगर आप इन इंफ्लूएंसर की बातों को सुनकर कंफ्यूज हो गए हैं, तो परेशान ना हों. यहां हम आपको विस्तार से समझाएंगे कि समय से पहले लोन चुकाना आपके लिए फायदे का सौदा है या घाटे का...
क्या समय से पहले लोन चुकाने से बढ़ता है क्रेडिट स्कोर?
कुछ लोगों का मानना है कि अगर समय से पहले लोन चुका दिया जाए, तो CIBIL या क्रेडिट स्कोर तेजी से बढ़ जाता है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है. किसी भी तरह के लोन का अगर आप प्रीपेमेंट करते हैं, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर डायरेक्ट नहीं बढ़ता है. लेकिन अगर आपने अपने लोन का सभी ईएमआई टाइम पर भरा है और आपका लोन सही तरीके से क्लोज हुआ है, तो ऐसे में आपका सिविल स्कोर बढ़ सकता है.
लोन प्रीपेमेंट क्या होता है?
अगर आपने कोई लोन लिया है, तो उस लोन का कुछ हिस्सा या फिर पूरा हिस्सा समय से पहले चुका रहे हैं, तो इसे लोन प्रीपेमेंट कहा जाता है. लोन का कुछ हिस्सा चुकाने से लोन का पीरियड कम हो सकता है. ऐसे में आपके ऊपर ब्याज का खर्च कम हो जाता है.
समय से पहले लोन चुकाने के क्या हैं फायदे?
अगर आप समय से पहले लोन चुकाते हैं, तो आपको कुल ब्याज का खर्च कम उठाना पड़ता है. साथ ही EMI का बोझ भी जल्दी खत्म हो जाता है. वहीं, अगर आप फ्यूचर में किसी तरह का लोन उठाना चाहते हैं, तो आपको नया लोन उठाने में आसानी हो जाती है. वहीं, EMI न होने से फाइनेंशियल प्रेशर भी कम फील होता है.
हर बार नहीं होता, समय पर लोन चुकाना फायदे का सौदा
ध्यान रखें कि हर मामले में समय पर लोन चुकाना फायदे का सौदा नहीं होता है. दरअसल, हर एक बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के रुल अलग-अलग हो सकते हैं. कुछ केस में अगर आप समय से पहले लोन बंद कराते हैं, तो प्रीपेमेंट चार्ज या फिर फॉरक्लोजर चार्ज देना पड़ सकता है. इसलिए अगर आप प्रीपेमेंट का प्लान कर रहे हैं, तो बैंक के नियमों को अच्छी तरह से जान लें.
वहीं, अगर आपके लोन का ब्याज कम है और आपको इंवेस्ट करने पर ज्यादा रिटर्न मिल सकता है, तो ऐसे केस में लोन जल्द से जल्द चुकाने की जल्दबाजी न करें. ऐसी स्थिति में हमेशा लोन चुकाना सही फैसला नहीं हो सकता है.
पार्शल प्रीपेमेंट भी है अच्छा विकल्प
कई बैंक अपने कस्टमर्स को पार्शल प्रीपेमेंट का विकल्प देता है. इस ऑप्शन में कस्टमर को लोन का कुछ हिस्सा पहले जमा कर सकता है. इससे लोन का अमाउंट कम हो जाता है और आगे का इंट्रेस्ट भी कम हो जाता है.
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