रुद्रप्रयाग: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बुधवार देर रात केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया. तिलवाड़ा स्थित स्मार्ट शौचालय के समीप अचानक गदेरा उफान पर आ गया. देखते ही देखते भारी मात्रा में पानी, बोल्डर और मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. गदेरे के तेज बहाव के साथ आए मलबे की चपेट में कई वाहन दब गए. घटना के समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों और यात्रियों में हड़कंप मच गया. लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई. रातभर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में गदेरे ने विकराल रूप धारण कर लिया और मलबे का विशाल ढेर हाईवे पर जमा हो गया. इससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एवं संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं मार्ग बहाली का कार्य शुरू कर दिया.

नेशनल हाईवे पर भारी मात्रा में आया मलबा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के कारण तिलवाड़ा क्षेत्र में गदेरा उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है. मलबे में दबे वाहनों को सुरक्षित निकालने तथा मार्ग को शीघ्र सुचारु करने के लिए जेसीबी मशीनों और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं. नुकसान का आकलन किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की.

मॉनसून के दौरान केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और गदेरों के उफान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. तिलवाड़ा की यह घटना एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है. स्थानीय लोगों ने संवेदनशील गदेरों के स्थायी उपचार, सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की मांग की है.
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