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अमेजन पर ई कॉमर्स बिजनेस कैसे शुरू करें; जानें रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट्स और सेलिंग की पूरी जानकारी

अमेज़न पर अपना ऑनलाइन बिजनेस शुरू करके लाखों ग्राहकों तक पहुंचना अब बेहद आसान है. जानिए सेलर अकाउंट बनाने की प्रक्रिया, आवश्यक डॉक्यूमेंट्स, प्रोडक्ट लिस्टिंग और ऑर्डर डिलीवर करने का पूरा तरीका.

अमेजन पर ई कॉमर्स बिजनेस कैसे शुरू करें; जानें रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट्स और सेलिंग की पूरी जानकारी
जनिए अमेज़न (Amazon) पर ई कॉमर्स बिजनेस कैसे शुरू करें?
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Amazon Seller Account Opening Process: आज के डिजिटल युग में अपना बिजनेस शुरू करने के लिए बड़ी दुकान या भारी पूंजी की जरूरत नहीं है. अगर आपके पास कोई क्वालिटी प्रोडक्ट है, तो आप अमेजन (Amazon) के जरिए से देश भर के करोड़ों ग्राहकों तक सीधे अपने उत्पाद बेच सकते हैं. अमेज़न पर सेलर (Seller) के रूप में काम शुरू करने का प्रोसेस बेहद आसान है. अगर आप भी अमेजन पर अपना ई कॉमर्स बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई स्टेप बाय स्टेप गाइड का पालन करें. 

अमेजन के जरिए से देश भर के करोड़ों ग्राहकों तक सीधे अपने उत्पाद बेच सकते हैं.

अमेज़न पर सेलर अकाउंट बनाने से पहले ये दस्तावेज रखे तैयार 

  • GSTIN: ई कॉमर्स पर टैक्स योग्य सामान बेचने के लिए GST नंबर होना जरूरी है. हालांकि, अगर आप केवल शत प्रतिशत जीएसटी मुक्त किताबें बेच रहे हैं, तो बिना जीएसटी भी रजिस्टर कर सकते हैं.
  • चालू बैंक खाता : आपकी बिक्री के पैसे सीधे बैंक खाते में आते हैं, इसलिए किसी भी बैंक का एक चालू खाता होना जरूरी है. 
  • पैन कार्ड : आपके व्यक्तिगत या बिजनेस का पैन कार्ड भी होना चाहिए. 
  • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर: सेलर पोर्टल के लिए एक्टिव फोन नंबर और ईमेल की भी जरूरत होती है.
  • पिकअप एड्रेस : आपके वेयरहाउस, ऑफिस या घर का वह एड्रेस जहां से कूरियर बॉय आपका सामान पिक करेगा.

Amazon Seller Central पर रजिस्टर करें

  • अपने ब्राउजर में sell.amazon.in पर जाएं और Register Now पर क्लिक करें.
  • अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर ओटीपी से वेरीफाई करें.
  • अपनी कंपनी या स्टोर का नाम दर्ज करें.
  • अपने डिस्प्ले स्टोर का यूनिक नाम तय करें, जो ग्राहकों को दिखेगा.
  • अपने GSTIN और बैंक अकाउंट की जानकारी दर्ज करें.

प्रोडक्ट की लिस्टिंग करें

  • अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद आपको अपने प्रोडक्ट्स को अमेज़न पर लिस्ट करना होता है. 
  •  Single Listing: अगर प्रोडक्ट्स कम हैं, तो Add a Product पर क्लिक करके एक-एक करके डिटेल्स भरें.
  •  Bulk Listing: ज्यादा प्रोडक्ट्स के लिए Excel शीट के जरिए एक साथ कैटलॉग अपलोड करें.

 SEO ऑप्टिमाइजेशन

  •  प्रोडक्ट टाइटल में मुख्य कीवर्ड्स का इस्तेमाल करें.
  •  इमेज साफ और व्हाइट बैकग्राउंड के साथ HD क्वालिटी यानी कम से कम एक हजार गुणा एक हजार पिक्सेल में अपलोड करें.
  •  बुलेट पॉइंट्स में प्रोडक्ट के फायदे और स्पेसिफिकेशन स्पष्ट लिखें.

सही शिपिंग और डिलीवरी मॉडल चुनें

अमेजन आपको सामान ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए 3 विकल्प देता है. FBA,  Easy Ship और Self Ship. इनमें से एक विकल्प को चुनें. इन तीनों की जानकारी नीचे दी गई है. 

  1. FBA: आप अपना सामान अमेजन के वेयर हाउस (Fulfillment Center) में भेज देते हैं. पैकिंग, डिलीवरी, रिटर्न और कस्टमर सपोर्ट की पूरी जिम्मेदारी अमेजन की होती है.
  2. Easy Ship: सामान की पैकिंग और स्टोरेज आपको खुद करना होता है. ऑर्डर आने पर अमेज़न का कूरियर बॉय आपके एड्रेस से पिक करके कस्टमर तक पहुंचाता है.
  3. Self Ship: पैकिंग से लेकर डिलीवरी और कूरियर पार्टनर चुनने की जिम्मेदारी पूरी तरह आपकी होती है. 

 पेमेंट और प्रॉफिट का गणित समझें

  •  पेमेंट साइकिल: ऑर्डर डिलीवर होने और रिटर्न विंडो समाप्त होने पर अमेज़न 7 से 14 दिनों के भीतर आपके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करता है.
  •  अमेज़न की फीस: प्रोडक्ट की अंतिम बिक्री पर अमेज़न कुछ शुल्क काटता है.
  •  Referral Fee: कैटेगरी के हिसाब से 3 से 15 प्रतिशत तक.
  •  Closing Fee: प्रोडक्ट की कीमत के आधार पर चार्ज किया जाता है.
  •  Shipping Fee: अगर आप Easy Ship या FBA चुनते हैं, तो शिपिंग फीस भी चुकानी पड़ती है. 

 अपनी बिक्री कैसे बढ़ाएं?

 Amazon Ads: शुरुआत में अपने प्रोडक्ट्स को सर्च में ऊपर लाने के लिए अमेजन पर कम बजट में विज्ञापन चलाएं.
 Coupons और Deals: अपने प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट कूपन या Lightning Deals लागू करें, जिससे कस्टमर आकर्षित हों.
 अच्छी रेटिंग और रिव्यू: ग्राहकों को समय पर सही सामान भेजें, ताकि आपको पॉजिटिव 5 स्टार रेटिंग मिले, जिससे आपकी बिक्री कई गुना बढ़ जाएंगी.

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 अपने प्रोडक्ट की MRP तय करते समय मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट, अमेज़न कमीशन, कूरियर चार्जेस और अपना प्रॉफिट मार्जिन जरूर जोड़ें.

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