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Rooftop Solar : सिर्फ 60 सेकंड में मिलेगा पूरा हिसाब, सरकार ने लॉन्च की नई डिजिटल टूल

50 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच बना चुकी पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार ने नया डिजिटल टूल 'Get Solar in 60 Seconds' लॉन्च किया है. यहां जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

Rooftop Solar : सिर्फ 60 सेकंड में मिलेगा पूरा हिसाब, सरकार ने लॉन्च की नई डिजिटल टूल
PM Surya Ghar Scheme : सिर्फ 60 सेकंड में मिलेगा रूफटॉप सोलर का पूरा हिसाब

देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना अब और डिजिटल हो गई है. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 'Get Solar in 60 Seconds' नाम का नया टूल लॉन्च किया है, जिसकी मदद से लोग एक मिनट से भी कम समय में अपने घर के लिए सोलर प्लांट की क्षमता, लागत, सब्सिडी और संभावित बचत की जानकारी हासिल कर सकते हैं. यहां जानते हैं इस डिजिटल टूल के बारे में विस्तार से-

सिर्फ 60 सेकंड में जानें सोलर प्लांट की लागत

कस्टमर के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 'Get Solar in 60 Seconds' नामक एक नया इंटरैक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म (https://xr.flamapp.com/?ad=qcjyLYG1gavt) लॉन्च किया है. 

सरकार की ये पहल दिखाती है कि किस तरह भारत की तकनीकी क्षमता सार्वजनिक योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की चुनौतियों का समाधान कर रही है. 

पहले घर मालिकों के सामने सही वेंडर चुनने और आवश्यक सोलर क्षमता तय करने जैसी कई उलझनें होती थीं, लेकिन अब ये टूल उपयोगकर्ताओं को महज एक मिनट के अंदर उनकी सोलर पात्रता और आगे की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करा रहा है. इसी कारण यह प्लेटफॉर्म रूफटॉप सोलर कनेक्शन के लिए पंजीकरण का सबसे तेज और सुविधाजनक माध्यम बनकर उभरा है.

60 सेकंड में मिलेगा पूरा सोलर प्लान

'Get Solar in 60 Seconds' की सबसे अच्छी बात ये है कि  इसका सरल और इंटरैक्टिव अनुभव है, जो अब तक की जटिल और औपचारिक प्रोसेस को बहुत ही आसान बना देता है. इसकी शुरुआत एक एनिमेटेड सोलर पैनल से होती है, जो उपयोगकर्ताओं को स्क्रीन पर टैप कर आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करता है.

इसके बाद उपयोगकर्ताओं को सिर्फ अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है. फिर उन्हें अपना राज्य और जिला चुनना होता है. अगले चरण में एक आसान स्लाइडर की मदद से वे पिछले महीने के बिजली बिल और स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) की जानकारी दर्ज करते हैं.

कुछ ही सेकंड में ये टूल उनके घर के लिए उपयुक्त सोलर प्लांट की क्षमता, इंस्टॉलेशन की अनुमानित लागत, मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, उपलब्ध बैंक लोन, उस पर लागू ब्याज दर और संभावित लाइफटाइम बचत का पूरा आकलन प्रस्तुत कर देता है.

अंतिम चरण में उपयोगकर्ताओं को पीएम सूर्य घर योजना के तहत पंजीकृत और सत्यापित वेंडरों की सूची दिखाई जाती है. इनमें से किसी भी वेंडर से उपभोक्ता सीधे फोन कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर सोलर सिस्टम लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं.

कागजी कार्रवाई और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से मिलेगी राहत

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना पहले से ही एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, जहां रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए आवेदन, वेंडर चयन, इंस्टॉलेशन की निगरानी और सब्सिडी वितरण जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होती हैं.

इससे कागजी कार्रवाई और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में काफी कमी आई है, जो पहले लोगों के लिए बड़ी बाधा साबित होती थीं. इसी डिजिटल सोच को आगे बढ़ाते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने हाल ही में 'सनटोश' नाम का व्हाट्सऐप आधारित एआई चैटबॉट लॉन्च किया है.

यह चैटबॉट नागरिकों के सवालों का जवाब देने, आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन करने और आम समस्याओं के समाधान में मदद करता है. इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय उन्हीं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिनका वे रोजमर्रा की जिंदगी में पहले से इस्तेमाल करते हैं.

इस बदलाव से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का बदल रहा है तरीका 

ये बदलाव भारत में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के तरीके में आ रहे व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ मंत्रालय अब जटिल और बहु-स्तरीय प्रक्रियाओं को सरल, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर जोर दे रहे हैं. व्हाट्सऐप, मोबाइल ऐप और एआई आधारित टूल्स जैसे माध्यम योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जहां डिजिटलीकरण सिर्फ सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि योजना के तेज और व्यापक विस्तार की नींव बन चुका है. आज किसी भी सरकारी योजना की सफलता सिर्फ उसकी सब्सिडी या लक्ष्य संख्या से नहीं आंकी जाती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि आम नागरिक उसके लाभ तक कितनी आसानी और तेजी से पहुंच पाते हैं.

50 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच बना चुकी पीएम सूर्य घर योजना के लिए 'Get Solar in 60 Seconds' जैसे डिजिटल टूल को इस बदलाव की अगली कड़ी माना जा रहा है. उम्मीद है कि यह पहल आने वाले महीनों में रूफटॉप सोलर अपनाने की रफ्तार को और तेज करेगी. साथ ही, यह अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी एक प्रभावी डिजिटल मॉडल के रूप में उभर सकती है.

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना क्या है?

29 फरवरी 2024 को शुरू की गई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश के 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उपलब्ध कराना है. 

योजना के तहत वर्ष 2026-27 तक 30 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके जरिए करीब 1,000 बिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पूरे जीवनकाल में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी लाने का अनुमान है.

योजना को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार लगातार डिजिटल उपायों को बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने 4 जून 2026 को ‘सनटोश' नाम का व्हाट्सऐप आधारित एआई चैटबॉट लॉन्च किया. यह चैटबॉट उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, सब्सिडी की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और संभावित वित्तीय बचत से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है.

व्हाट्सऐप पर आधारित यह सुविधा नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना जरूरी जानकारी हासिल करने में मदद करती है. सरकार का मानना है कि ऐसे डिजिटल टूल न केवल उपभोक्ताओं का अनुभव बेहतर बनाएंगे, बल्कि देश में स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की रफ्तार भी तेज करेंगे.

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