Ganga Expressway: 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का उद्घाटन किया था. इसके शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो गया है. पहले जहां इस दूरी को तय करने में 10 से 12 घंटे लगते थे, वहीं अब लोग सिर्फ 5 से 6 घंटे में प्रयागराज पहुंच सकते हैं. हालांकि, एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद शुरुआती 15 दिनों तक लोगों को टोल नहीं देना पड़ा था, लेकिन अब आज यानी 14 मई से इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू हो रही है. बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे पर आज यानी 14 मई की आधी रात से टोल वसूली शुरू हो जाएगी. ऐसे में आइए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को कितना टोल देना होगा. साथ ही जानेंगे आप टोल का भुगतान कैसे कर सकेंगे.
दूरी के हिसाब से कटेगा टोल
गंगा एक्सप्रेसवे पर 'क्लोज्ड टोल सिस्टम' लागू किया गया है. इसका मतलब है कि वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी हिसाब से टोल देना होगा. टोल भुगतान पूरी तरह FASTag के जरिए होगा, ताकि वाहन बिना रुके आसानी से निकल सकें.
किस वाहन पर कितना टोल?यूपीडा की ओर से जारी दरों के अनुसार अलग-अलग वाहनों के लिए टोल इस प्रकार है-
- कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है.
- दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर के लिए 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर टोल है.
- हल्के कमर्शियल वाहन और मिनी बसों को 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर टोल देना होगा.
- बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह दर 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर रखी गई है.
- बड़े मल्टी एक्सल और भारी मशीनरी वाहनों के लिए टोल 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर
- वहीं, 7 या उससे अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक तय किया गया है.
- ऐसे में मेरठ से प्रयागराज तक पूरी यात्रा करने पर कार चालकों को करीब 1,515 रुपये टोल देना होगा.
- इससे अलग छोटे कमर्शियल वाहनों को करीब 2,405 रुपये, तो बस और ट्रक को लगभग 4,840 रुपये तक टोल देना होगा.
यूपीडा का कहना है कि एक्सप्रेसवे के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए टोल दरें तय की गई हैं और आने वाले समय में इनमें बदलाव भी किया जा सकता है.
12 जिलों को जोड़ता है एक्सप्रेसवेकरीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांदू तक जाता है. यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरता है. इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं. फिलहाल इस एक्सप्रेसवे पर हर दिन करीब 7 से 8 हजार वाहन गुजर रहे हैं. यात्रियों को बेहतर और तेज सफर देने के लिए यहां आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं.
AI कैमरों से निगरानीएक्सप्रेसवे पर AI कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर वाहन की निगरानी की जाएगी. यहां वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. नियम तोड़ने वालों पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
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