हाल ही में चेन्नई और पुणे जाने वाली 2 अलग-अलग उड़ानों में तकनीकी समस्याएं सामने आने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. एक विमान के इंजन में खराबी आने के बाद उसकी चेन्नई में आपात लैंडिंग करानी पड़ी, जबकि दूसरी उड़ान में एयर कंडीशनिंग सिस्टम (AC) खराब होने से यात्रियों को असुविधा हुई और एयरलाइन को ऑप्शनल विमान की व्यवस्था करनी पड़ी.
हालांकि, दोनों मामलों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई, लेकिन ऐसी घटनाएं अक्सर यह सवाल खड़ा कर देती हैं कि अगर किसी फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ जाए, उड़ान रद्द हो जाए या लंबे समय तक देरी हो जाए, तो क्या यात्रियों को टिकट का रिफंड मिलता है या एयरलाइंस किसी अन्य तरह का मुआवजा और सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं? चलिए यहां जानते हैं सभई सवालों के जवाब-
फ्लाइट में AC खराब हो, तो क्या होता है प्रावधान पर क्या होता है?
अगर किसी फ्लाइट में यात्रा के दौरान AC खराब हो जाए, तो यात्रियों को गर्मी, घुटन, सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में एयरलाइन आमतौर पर विमान को रोककर तकनीकी जांच कराती है या यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करती है.
क्योंकि यात्रा शुरू हो चुकी होती है, इसलिए सामान रूप से पूरे टिकट का रिफंड नहीं मिलता, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर एयरलाइन की ओर से रिफ्रेशमेंट, वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था या अन्य तरह का मुआवजा दिया जा सकता है. वहीं, यदि टेकऑफ से पहले ही विमान में अत्यधिक गर्मी या घुटन की समस्या हो, तो यात्री सुरक्षा के आधार पर उड़ान रोकने या समस्या दूर करने की मांग कर सकते हैं.
अगर उड़ान में देरी हो जाए, तो क्या?
टेक्नीकल खराबी या फिर मौसम खराबी के चलते अगर उड़ान में देरी हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में डीजीसीए नियमों के तहत, यात्रियों को जलपान और मुफ्त भोजन देना होगा. वहीं, अगर उड़ान में काफी ज्यादा देरी हो जाए, तो ऐसी स्थिति में यात्रियों को पूरा रिफंड और रात के समय ठहने के लिए होटल की सुविधा पाने का अधिक होता है.
फ्लाइट रद्द होने पर क्या है प्रावधान?
अगर टेक्नीकल खराबी के चलते फ्लाइट रद्द होती है, तो इस स्थिति में आपको पूरा रिफंड मिलता है. DGCA के नियमों के मुताबि, फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइन को यात्रियों को पूरा रिफंड या फिर उड़ान का दूसरा विकल्प देना होगा. वहीं, अगर फ्लाइट रद्द होने की सूचना अंतिम समय पर या कम समय पहले दी जाती है, तो ऐसी स्थिति में एयरलाइन को तय नियमों के तहत मुआवजा और अन्य सुविधाएं भी देनी होती हैं.
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