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अब सभी पायलटों का होगा डोप टेस्ट, फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस के बाद एयर इंडिया का बड़ा फैसला

दिल्ली-फुकेत फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद अब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सभी पायलटों के डोप टेस्ट कराने का फैसला लिया है. दोनों एयरलाइनों में कुल मिलाकर 5,000 से अधिक पायलट हैं.

अब सभी पायलटों का होगा डोप टेस्ट, फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस के बाद एयर इंडिया का बड़ा फैसला
एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के दौरान की तस्वीर.
NDTV
  • एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सभी पायलटों के डोप टेस्ट अनिवार्य करने का फैसला लिया है.
  • पायलटों की जांच 13 अगस्त 2026 से शुरू होकर ट्रेनिंग और पोस्ट फ्लाइट दोनों समय की जाएगी.
  • डोप टेस्ट में फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाया गया था.

फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस की घटना के बाद अब सभी पायलटों को डोप टेस्ट से गुजरना होगा. टर्बुलेंस की घटना के फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड की रिपोर्ट डोप टेस्ट में पॉजिटिव आई थी. मतलब कि विमान उड़ाते समय पायलट नशे में था. यह एक गंभीर चूक है. अब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने आगे ऐसी गलती नहीं हो, इसलिए सभी पायलटों के डोप टेस्ट कराने का फैसला लिया है. दरअसल इस घटना के बाद एयर इंडिया ने सभी ग्रुप पायलटों की जांच कराने का फैसला किया है.

सभी पायलटों की जांच में यह देखा जाएगा कि उनके शरीर में नियमों के तहत प्रतिबंधित कोई पदार्थ या दवा तो मौजूद नहीं है. यह जांच 13 अगस्त 2026 से अनिवार्य रूप से शुरू होगी. एयर इंडिया का कहना है कि वह पहले से ही DGCA के सभी नियमों का पालन करती है.

पायलटों की ट्रेनिंग के साथ-साथ पोस्ट फ्लाइट भी होगी जांच

कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनी ने नियमों से आगे जाकर यह अतिरिक्त जांच कराने का फैसला किया है. जांच गुड़गांव स्थित एयर इंडिया अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर, एयर इंडिया कार्यालयों या संबंधित बेस पर होगी. यह जांच पायलटों की ट्रेनिंग के साथ-साथ, पोस्ट-फ्लाइट भी की जाएगी.

एयर इंडिया का कहना है कि इस कदम का मकसद सुरक्षा और प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है. किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए पायलट चीफ पायलट या बेस मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं. मालूम हो कि टाटा समूह के स्वामित्व वाली दोनों एयरलाइनों में कुल मिलाकर 5,000 से अधिक पायलट हैं. ऐसे में अब कंपनी के सभी पायलटों की यह जांच होगी. 

पायलटों को भेजे इंटरनल मेल में दी गई टेस्ट की जानकारी

पायलटों को भेजे गए एक इंटरनल मेल में दोनों एयरलाइन कंपनियों ने कहा कि किसी भी ऐसे पदार्थ या दवाओं की पूर्ण जांच करने का निर्णय लिया गया है, जिनकी मौजूदा नियमों के तहत अनुमति नहीं है.

4 अगस्त को, एयरबस A320 विमान के साथ संचालित फुकेत-दिल्ली उड़ान AI2379, मध्य हवा में अशांति के बीच अचानक 300 फीट की ऊंचाई खो गई, जिससे कम से कम 24 लोग घायल हो गए. विमान में 137 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों सहित 145 लोग सवार थे. उड़ान के पायलट-इन-कमांड ने पुष्टिकरण स्क्रीनिंग परीक्षण में एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए सकारात्मक परीक्षण किया. सूत्रों ने कहा कि पायलट को मारिजुआना, एक साइकोएक्टिव दवा के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया है. यात्रियों ने भी उस फ्लाइट की आपबीती बताई थी. जिसमें कहा था कि पायलट की आंखें लाल थी, वो नशे में लड़खड़ा रहा था. 

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