- दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में पहुंचने पर GRAP का तीसरा चरण लागू किया गया है.
- BSIII पेट्रोल और BSIV डीजल वाहनों पर दिल्ली और आसपास के जिलों में कड़ी पाबंदी लगाई गई है.
- निर्माण कार्यों, धूल उड़ाने वाली गतिविधियों और स्टोन क्रशर संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
Delhi Pollution GRAP 3 Rules 2026: राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) में हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP3 लागू कर दिया है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में BSIII पेट्रोल और BSIV डीजल वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड या ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई का आदेश जारी किया गया है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में हवा का मिजाज एक बार फिर बेहद खतरनाक हो गया है. वायु प्रदूषण के स्तर में हुए अचानक उछाल के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है. बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP उप समिति ने पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है.
इन गतिविधियों पर रहेगी पूरी पाबंदी
- इस दौरान धूल पैदा करने वाली सभी बड़ी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह बैन रहेगा. इसमें खुदाई, बोरिंग, ड्रिलिंग, पाइलिंग, खुली ट्रेंच से सीवर या केबल बिछाना, ईंट गारे का काम, आरएमसी बैचिंग प्लांट का संचालन, बड़ी वेल्डिंग, पेंटपॉलिश और टाइल्स पत्थरों की कटिंग शामिल है.
- बिना पक्की सड़कों पर निर्माण सामग्री व मलबे से भरे वाहनों की आवाजाही और धूल उड़ने वाली सामग्री की लोड अनलोडिंग पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा.
- पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशरों का संचालन और सभी प्रकार की खनन व उससे जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.
- तंदूर, हीटिंग या अलाव के लिए कोयले और लकड़ी के उपयोग पर सख्त मनाही है.
गाड़ियों की आवाजाही को लेकर क्या हैं नियम
- दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा और सोनीपत जिलों में BSIII पेट्रोल और BSIV डीजल से चलने वाली 4 पहिया गाड़ियों के चलाने पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा.
- दिल्ली में रजिस्टर्ड BSIV या उससे नीचे की डीजल चालित मध्यम मालवाहक गाड़ियों पर रोक रहेगी.
- आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं को छोड़कर दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BSIV डीजल मालवाहक वाहनों के दिल्ली में दाखिल होने पर पाबंदी रहेगी.
क्या खुला रहेगा और किसे मिलेगी छूट
- दिल्ली और एनसीआर के जिलों में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन और भौतिक दोनों में चलेंगे, जहां भी ऑनलाइन पढ़ाई संभव हो.
- एनसीआर की राज्य सरकारें और दिल्ली सरकार, नगर निगम और निजी दफ्तरों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाने और 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने पर फैसला ले सकती हैं.
- रेलवे, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, आईएसबीटी, राष्ट्रीय सुरक्षा व रक्षा संबंधी कार्य, अस्पताल, राजमार्ग, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे सार्वजनिक महत्व के प्रोजेक्ट्स को धूल नियंत्रण नियमों के सख्त पालन के साथ जारी रखा जा सकेगा.
- गड्ढों की मरम्मत, मैकेनिक या इलेक्ट्रिकल या प्लंबिंग से जुड़े छोटे मोटे वेल्डिंग काम और घरों के अंदर होने वाले छोटे मोटे रिपेयरिंग कार्य जारी रखे जा सकते हैं.
आम नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
- छोटी दूरी तय करने के लिए वाहनों की जगह पैदल चलें या साइकिल चलाएं.
- दफ्तर या बाजार जाने के लिए बस, मेट्रो या कारपूल का इस्तेमाल करें.
- अपने छोटे मोटे कामों को एक साथ मिलाकर यात्राओं की संख्या कम करें.
- अपने घरेलू कर्मचारियों या सुरक्षा गार्डों को खुले में लकड़ी या कचरा जलाने से रोकने के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएं.
क्या है GRAP 3
GRAP3 एक आपातकालीन कार्य योजना है, जिसका उद्देश्य हवा की गुणवत्ता को और अधिक खराब होने से बचाना है. इसके लागू होते ही निर्माण, परिवहन, स्कूलों के संचालन और उद्योगों को लेकर बेहद सख्त पाबंदियां प्रभावी हो जोती हैं.
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AQI के किस स्तर पर लागू होते हैं GRAP-1, 2, 3 और 4
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक आपातकालीन कार्य योजना है, जो हवा की गुणवत्ता (AQI) के आधार पर इसे 4 अलग-अलग चरणों में लागू किया जाता है.
- GRAP-1 : जब हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी (AQI 201-300) में पहुंचती है, तब पहला चरण लागू होता है.
- GRAP-2: जब स्थिति बिगड़कर बहुत खराब श्रेणी (AQI 301-400) में आती है, तो दूसरा चरण प्रभावी होता है.
- GRAP-3: जब वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी (AQI 401-450) तक पहुंच जाती है, तब तीसरा चरण लागू किया जाता है.
- GRAP-4: जब प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक गंभीर प्लस श्रेणी (AQI 450 से ऊपर) में चला जाता है, तो सबसे सख्त चौथा चरण लागू होता है.
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