- चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की वजह से ट्रेन रद्द करने का फैसला.
- दक्षिण मध्य रेलवे ने 11 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है.
- मौसम को देखते हुए ट्रेन का डायवर्जन भी किया जा सकता है.
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं. यह चक्रवात बुधवार (28 अक्टूबर) की सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम (यानम के पास) के तट से टकरा सकता है. इसके मद्देनजर दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने 11 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. इनमें से 10 ट्रेनें मंगलवार (27 अक्टूबर) और एक ट्रेन 28 अक्टूबर को रद्द रहेगी. जबकि एक ट्रेन 29 अक्टूबर को भी कैंसिल की गई है. इससे पहले साउथ कोस्ट रेलवे भी 61 ट्रेनें रद्द करने की घोषणा कर चुका है. रेलवे ने यह भी कहा है कि मौसम को देखते हुए ट्रेन का डायवर्जन भी किया जा सकता है.
कौन-कौन सी ट्रेन कैंसिल?
रेलवे द्वारा कैंसिल की गई ट्रेनों में मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से ओडिशा और पश्चिम बंगाल जाने वाली गाड़ियां शामिल हैं.
सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
हैदराबाद-विशाखापत्तनम गोदावरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
सिकंदराबाद-भुवनेश्वर नई विशाखा एक्सप्रेस
सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम गरीबरथ सुपरफास्ट एक्सप्रेस
लिंगमपल्ली से काकीनाडा टाउन (कोकानाडा), नरसापुर और काकीनाडा पोर्ट (गौतमी) एक्सप्रेस
महबूबनगर-विशाखापत्तनम सुपरफास्ट एक्सप्रेस
हजूर साहिब नांदेड़-संबलपुर नागवल्ली एक्सप्रेस
चारलापल्ली-श्रीकाकुलम रोड स्पेशल (दोनों दिशाओं से)
इसके अलावा नागरासोल-नरसापुर एक्सप्रेस को चरलापल्ली और नरसापुर के बीच आंशिक रूप से रद्द किया गया है. जबकि 29 अक्टूबर को हावड़ा से चलने वाली हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस भी रद्द रहेगी.

मौसम विभाग का रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात के कारण 28 अक्टूबर को तेलंगाना के खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु और महबूबाबाद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा 28 और 29 अक्टूबर को वारंगल, हनुमकोंडा, सूर्यापेट और नलगोंडा में भी भारी बारिश की आशंका है. मौसम के मिजाज को देखते हुए इस रूट की अन्य ट्रेनों को भी आगे रद्द या डायवर्ट किया जा सकता है.
दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया. रेलवे ने संवेदनशील पुलों और रेल पटरियों पर गश्त बढ़ा दी है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए काजीपेट और दोरनाकल में पत्थरों, रेत की बोरियों से लदी ट्रेनें, दुर्घटना राहत ट्रेनें (ART) और मेडिकल टीमें (ARME) तैनात कर दी गई हैं. मुख्यालय और मंडल स्तर पर अधिकारी लगातार जलस्तर और पटरियों की निगरानी कर रहे हैं.
मौसम देखकर करें यात्रा
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम के हालातों को देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं. ट्रेनों के रद्द होने, मार्ग बदलने या समय में बदलाव की जानकारी यात्रियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के जरिए दी जा रही है.
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