Complete Guide Transport Your Pet to Foreign: विदेश में अपने पालतू जानवर यानी कुत्ते-बिल्ली के साथ जाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन अगर सही तैयारी और जरूरी दस्तावेज पहले से पूरे हों, तो यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है. कागजी काम से लेकर एयरलाइन के नियमों तक, यहां भारत से पेट को विदेश ले जाने की पूरी जानकारी दी गई है, ताकि आपके प्यारे साथी की यात्रा सुरक्षित और बिना परेशानी के हो सके. चलिए आपको बताते हैं भारत से पालतू जानवर को विदेश ले जाने के लिए कौन‑से दस्तावेज जरूरी हैं?
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र- किसी रजिस्टर्ड पशु चिकित्सक (वेटरनरी डॉक्टर) द्वारा जारी किया गया.
रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र- टीका समय पर लगा हो और गंतव्य देश के नियमों के मुताबिक होना चाहिए.
नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)- भारत की एनिमल क्वारंटीन एंड सर्टिफिकेशन सर्विस (AQCS) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होना चाहिए.
इंपोर्ट परमिट- कुछ देशों में यह जरूरी होता है.
माइक्रोचिपिंग प्रमाण पत्र- पहचान के लिए
पेट पासपोर्ट- कुछ देशों में अनिवार्य
हालांकि, हर देश के नियम अलग‑अलग हो सकते हैं, इसलिए सलाह है कि यात्रा से काफी पहले जहां आप जा रहे हैं उस देश के नियमों की जांच कर लें, ताकि आखिरी समय पर किसी तरह की परेशानी न हो.
अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले पालतू जानवर की तैयारी कैसे करें?
विदेश यात्रा के दौरान पेट की सुरक्षा और आराम के लिए सही तैयारी बहुत जरूरी है. यात्रा से कुछ हफ्ते पहले अपने पालतू जानवर को एयरलाइन द्वारा मान्य ट्रैवल क्रेट में रहने की आदत डालें. डॉक्टर से जांच कराएं कि पेट यात्रा के लिए पूरी तरह स्वस्थ है. यात्रा से पहले हल्का भोजन दें, ताकि पेट को कोई परेशानी न हो. पेट को पानी पिलाते रहें, लेकिन जरूरत से ज्यादा न दें. क्रेट में उसका पसंदीदा खिलौना या कंबल रखें, इससे डर और तनाव कम होगा. कुछ पालतू जानवरों को यात्रा के दौरान तनाव हो सकता है, इसलिए धीरे‑धीरे उन्हें तैयार करना और शांत माहौल देना मददगार रहता है.
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भारत से पेट को विदेश ले जाने की अनुमति कौन‑सी एयरलाइंस देती हैं?कई एयरलाइंस पालतू जानवरों को यात्रा की इजाजत देती हैं, लेकिन नियम अलग‑अलग होते हैं. कुछ एयरलाइंस छोटे पेट को केबिन में, जबकि बड़े पेट को कार्गो में ले जाती हैं. कुत्तों और बिल्लियों के लिए नियम अलग हो सकते हैं, खासकर चपटी नाक (snub‑nosed) वाली नस्लों के लिए, पेट के लिए पहले से बुकिंग जरूरी होती है, क्योंकि सीटें सीमित होती हैं. कुछ एयरलाइंस प्रोफेशनल पेट रिलोकेशन एजेंसियों के साथ भी काम करती हैं. टिकट बुक करने से पहले हमेशा एयरलाइन से नियमों की पुष्टि कर लें.
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