विज्ञापन

NEET एग्जाम में बड़ी चूक, हिंदी में परीक्षा देने वाले छात्रों को पांच घंटे तक नहीं मिला क्वेश्चन पेपर

NEET Exam Delay Jharkhand: पलामू जिले के मेदनीनगर में नीट यूजी के लिए बने एक सेंटर में छात्रों को करीब पांच घंटे इंतजार करना पड़ा, रात करीब 10 बजे तक परीक्षा ली गई.

NEET एग्जाम में बड़ी चूक, हिंदी में परीक्षा देने वाले छात्रों को पांच घंटे तक नहीं मिला क्वेश्चन पेपर
NEET परीक्षा के दौरान बड़ी गड़बड़ी

NEET Exam Delay Jharkhand: NEET UG परीक्षा के दौरान झारखंड के पलामू में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. यहां हिंदी मीडियम के कई छात्रों को करीब पांच घंटे तक क्वेश्चन पेपर ही नहीं दिए गए. पलामू जिले के मेदनीनगर में नीट यूजी के लिए चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर रविवार 3 मई को 360 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा 2:00 बजे से तय थी, लेकिन केंद्र पर कमरा नंबर 11 में शामिल 48 परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र ही नहीं मिला. अब इस मामले की जांच की बात कही जा रही है. 

हिंदी में देनी थी परीक्षा 

इस रूम के सभी परीक्षार्थी हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले थे. करीब 1 घंटे इंतजार के बाद परीक्षार्थियों के सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद वह कक्षा से बाहर निकाल कर हंगामा करने लगे. गेट के बाहर अभिभावकों ने भी जमकर हंगामा किया, हालात बिगड़ते देख सूचना मिलते ही मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी ने मोर्चा संभाला और परीक्षार्थियों को किसी तरह समझाया गया. 

बाद में शाम 6:55 बजे, यानी करीब पांच घंटे बाद संबंधित परीक्षार्थियों की परीक्षा ली गई, जबकि उनकी परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से ही होनी थी. इस मामले को लेकर छात्र और उनके पेरेंट्स का गुस्सा साफ झलक रहा था. परीक्षा देकर बाहर निकले  परीक्षार्थियों का आरोप है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है.

क्यों हुई देरी? 

मामले में सदर एसडीओ सुलोचना मीणा ने बताया कि जब प्रश्न पत्र बांटे जा रहे थे तो सबसे अंतिम कमरा रूम नंबर 11 में पहुंचने पर पता चला की हिंदी के प्रश्न पत्र कम हैं. रूम नंबर 11 में सभी परीक्षार्थियों हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले थे, लेकिन प्रश्न पत्र कम हो गए. इसके बाद प्रश्न पत्र मंगाकर शाम 6:55 से परीक्षा शुरू की गई. रात के 9:55 तक परीक्षा ली गई. सभी परीक्षार्थियों को घर तक छोड़ने की व्यवस्था प्रशासन के तरफ से की गई.  सदर एसडीओ सुलोचना मीणा ने बताया कि इसमें चूक कहां हुई है, इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  (NTA) की टीम जांच करेगी.

NDA एग्जाम पास करने के बाद SSB में क्या-क्या होता है? जानें कैसे बनते हैं सेना में अफसर

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com