Budget 2026: नए साल की शुरुआत के साथ ही पूरे देश की नजरें आने वाले बजट पर टिकी हुई हैं. करोड़ों नौकरी पेशा लोगों के साथ बिजनेसमैन ये जानना चाहते हैं कि इस साल वित्त मंत्री के पिटारे से क्या कुछ खास निकलने वाला है. इसी बीच मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने बजट की तैयारियों पर एक बड़ा अपडेट दिया है.
जानकारी इकठ्ठा की जा रही
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने कहा है कि रिसिप्ट और एक्सपेंडिचर की जानकारी ली जा रही है, इसके बाद अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के सुझाव भी लिए जाएंगे, साथ ही उनकी भी ईमानदारी से जांच की जाएगी.
कई महीनों पहले शुरू हो जाती तैयारी
बजट पेश भले ही 1 फरवरी को होता है, लेकिन इसकी तैयारी अगस्त-सितंबर से ही शुरू हो जाती है. वित्त मंत्रालय का डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सर्कुलर भेजकर पूछता है कि उन्हें अगले साल के लिए कितने पैसों की जरूरत है.
आमतौर पर केंद्रीय बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में वित्त मंत्री पेश करती हैं. पहले यह फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, लेकिन 2017 से सरकार ने इसकी तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी थी, जिससे नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से पहले सारा काम पूरा हो सके.
बजट इसलिए है जरूरी ?
बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है. इसमें तय होता है कि आपकी इनकम पर कितना टैक्स लगेगा. राशन, मोबाइल और गाड़ियां सस्ती होंगी या महंगी. रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार कितना खर्च करेगी.
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