आजकल के डिजिटल दौर में लोगों को काफी सारी सुविधाएं आसानी से मिलने लगी हैं. वहीं, दूसरी तरफ साइबर अपराध के मामले भी दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही में एक NCIB मध्य प्रदेश ने लोगों को अपने आधिकारिक X पोस्ट के जरिए AI मालवेयर जेनरेशन के बारे में सतर्क किया है. पोस्ट में साथ में बताया गया है कि इस स्कैम से कैसे सावधान रहा जा सकता है और इससे क्या-क्या खतरा हो सकता है. आइए जानते हैं...
क्या है AI मालवेयर जेनरेशन?
साइबर अपराधी AI का उपयोग करके नए और खतरनाक मालवेयर बना रहे हैं, दो आपके डिवाइस और डेटा को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे कई तरह का खतरा हो सकता है. AI से बनने वाले मालवेयर सिस्टम हैक, डेटा चोरी और लीक, बैंकिंग और फाइनेंशियल धोखाधड़ी, स्पैम फिशिंग और रैनसमवेयर अटैक कर सकते हैं. साथ ही इससे मोबाइल और डिवाइस को नुकसान भी हो सकता है.
इससे बचने के लिए क्या करें?
- अज्ञात स्रोत से किसी भी फ्राइल या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें.
- किसी भी लिंक या QR कोड को बिना जांचे स्कैन न करें.
- अपना OTP, पासवर्ड या बैक डिटेल किसी के साथ शेयर न करें.
- पायरेटेड सॉफ़्टवेयर या क्रैक टूल का उपयोग न करें.
🚨 AI Malware Generation से सावधान!
— NCIB MadhyaPradesh 🇮🇳 (@NCIBMP) July 6, 2026
साइबर अपराधी AI की मदद से नए और खतरनाक Malware बनाकर आपके मोबाइल, कंप्यूटर और बैंकिंग डेटा को निशाना बना रहे हैं।
✅ केवल भरोसेमंद ऐप डाउनलोड करें।
❌ संदिग्ध लिंक या फ़ाइल न खोलें।
📞 साइबर ठगी पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।#CyberAwareness pic.twitter.com/AIBaSFjVF1
क्या करें?
- केवल भरोसेमंद ऐप और आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें.
- संदिग्ध ईमेल, लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें.
- अपने डिवाइस में एंटीवायरस और फायरवाल हमेशा अपडेट रखें.
- सिस्टम, ऐप और पासवर्ड को नियमित रूप से अपडेट करें.
- महत्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप लें.
साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें?
ठगी या साइबर अपराध की जानकारी मिलने पर 24x7 साइबर हेल्पलाइन 1930 तुरंत कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
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