Delhi-Meerut Expressway Traffic Rule Change: अगर आप दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से रोज सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब आप इस रूट पर हर समय एक जैसी स्पीड से गाड़ी नहीं ृचला पाएंगे. ट्रैफिक और समय के हिसाब से गाड़ियों की स्पीड तय की जाएगी. बता दें कि फिलहाल यह सिस्टम अक्षरधाम से सराय काले खां के बीच पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है. ऐसे में जान लें अलग-अलग टाइम पर घर से निकलने पर कितनी स्पीड से आप गाड़ी चला सकते हैं .
Delhi-Meerut Expressway: किस समय कितनी होगी गाड़ियों की स्पीड लिमिट?
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे यानी अक्षरधाम से सराय काले खां तक कार और भारी वाहनों के लिए समय के हिसाब से अलग-अलग स्पीड लिमिट तय की गई है.
- रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक: इस दौरान सड़कों पर ट्रैफिक कम रहता है, इसलिए कार के लिए अधिकतम रफ्तार 65 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 50 किमी/घंटा रखी गई है.
- सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक: दिन में ट्रैफिक बढ़ने पर गाड़ियों की गति नियंत्रित करने के लिए कार की स्पीड घटाकर 55 किमी/घंटा और भारी वाहनों की 45 किमी/घंटा तय की गई है.
- शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक: शाम के समय कार चालकों के लिए स्पीड लिमिट 60 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 40 किमी/घंटा रहेगी.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्यों बदली जा रही है स्पीड लिमिट?
इस बदलाव के पीछे मकसद सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार कम करना नहीं है. इसका मकसद ट्रैफिक फ्लो को बेहतर करना और सड़क हादसों का खतरा कम करना है.दरअसल, एक ही सड़क पर जब कुछ गाड़ियां बहुत तेज और कुछ काफी धीमी चलती हैं, तो वाहनों की स्पीड में काफी अंतर हो जाता है. इससे गाड़ियों में अचानक ब्रेक लगाने की नौबत आ जाती है. इससे गाड़ियां एक जगह जमा हो सकती हैं और ट्रैफिक जाम बढ़ सकता है.

डिजिटल बोर्ड पर दिखेगा कब कितनी होगी स्पीड लिमिट
इस पायलट प्रोजेक्ट में सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) का अहम रोल है. एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही का डेटा रिकॉर्ड करने के लिए सेंसर लगाए गए हैं.अक्षरधाम और पांडव नगर FOB के पास डिजिटल वेरिएबल स्पीड लिमिड डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं. इन बोर्ड पर उस समय किस से गाड़ी चला सकते हैं वो लिमिट आप देख पाएंगे. इस दौरान किसी तरह का कन्फ्यूजन न हो इसके लिए पुराने स्पीड बोर्ड को कवर या ब्लर किया गया है.
स्पीड लिमिट तोड़ी तो कट सकता है चालान
डिजिटल बोर्ड के साथ ओवरस्पीडिंग करने वाले पर कड़ी नजर रखने के लिए स्पीड डिटेक्शन कैमरे भी लगाए जाएंगे. अगर आप उस समय डिजिटल बोर्ड पर दिख रहे लिमिट से ज्यादा तेज गाड़ी चलाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस आपका ऑटोमैटिक चालान काट सकती है. इसलिए अब आपको एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय सिर्फ डिजिटल बोर्ड पर दिख रहे स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करना होगा.
पायलट प्रोजेक्ट का 3 महीने बाद होगा रिव्यू
फिलहाल यह एक पायलट प्रोजेक्ट है. इसके जरिये करीब तीन महीने बाद फिर से ट्रैफिक डेटा जुटाए जाएंगे. इसके बाद देखा जाएगा कि नई स्पीड लिमिट से ट्रैफिक फ्लो, जाम और सड़क सुरक्षा पर कितना असर पड़ा है.अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में देश के दूसरे व्यस्त एक्सप्रेसवे पर भी ऐसी व्यवस्था लागू की जा सकती है.
ये भी पढ़ें- Delhi: आज 16 अगस्त से महिलाओं को फ्री सफर के लिए 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' जरूरी, नहीं तो लगेगा किराया?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं