सड़क पर अनदेखी घटनाओं पर कैमरे की नजर होगी. न केवल ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जाएगी और ऑटोमैटिक चालान काटा जाएगा. बल्कि सड़क पर कूड़ा-जलभराव जैसे होने वाली परेशानी पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी. यह व्यवस्था गुरुग्राम में होने वाली है. साइबर सिटी गुरुग्राम में अब कोई भी तीसरी आंख से नहीं बच पाएगा. गुरुग्राम के दिसंबर तक 4287 CCTV कैमरों का निगरानी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इसके जरिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ जलभराव, ड्रेनेज और कूड़ा डंपिंग पर भी नजर रखी जाएगी.
जहां GMDA के फेज-1 में 1200 कैमरे पहले से सक्रिय हैं, जबकि फेज-2 के तहत 2722 नए कैमरे लगाए जा रहे हैं. ये कैमरे रेड लाइट डिटेक्शन और स्पीड रडार के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर ऑटोमैटिक चालान की प्रक्रिया को मजबूत करेंगे.
CCTV से रियल टाइम निगरानी होगी
गुरुग्राम शहर के जलभराव वाले स्थानों, नालों, ड्रेनेज प्वाइंट और कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर भी CCTV से रियल टाइम निगरानी होगी. यह पूरा नेटवर्क GMDA के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि समस्या सामने आते ही संबंधित एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकें. उसके साथ ही सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए अपराधियों की पहचान के लिए इन सीसीटीवी कैमरो में फेस रिकॉग्निशन फीचर है।जिसके माध्यम से अपराधियों की पहचान की जा सकेगी.
गुरुग्राम एक हाईटेक शहर है ऐसे में यहां हाईटेक सुविधा होना भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. गुरुग्राम में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी तो वही कूड़ा और जलभराव की निगरानी से भी एजेंसियों को मदद मिल सकेगी.
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