जब आप कहीं घूमने जाते हैं तो रास्ते में आप ढाबे में खाना खाते हैं. ढाबे पर खाना कई बार अच्छा मिलता है, इसके साथ होटल से सस्ता भी मिल जाता है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है जब आप ढाबे पर बिल पेमेंट करते हैं तो बिल में खाने के साथ GST जोड़ कर पैसे लिए जाते हैं. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि यह ग्राहकों के साथ धोखा होता है. कुछ ढाबे गलत तरीके से ग्राहकों से GST वसूल करते हैं. लेकिन आप खाने के बाद बिल पेमेंट करने से पहले इसकी जांच कर सकते हैं कि आपसे फर्जी GST तो नहीं वसूला जा रहा है.
इस बारे में एक CA प्रतीक भारदा ने अपना अनुभव शेयर किया है. साथ ही बताया है कि आप कैसे ढाबे पर लिए जा रहे फर्जी GST के बारे में जांच कर सकते हैं.
ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट पर वसूली जा रही गलत GST
CA प्रतीक भारदा ने बताया कि वह जयपुर हाइवे पर एक ढाबे में खाना खाने के बाद बिल दिया गया तो उस बिल में GST जोड़ा गया था. उन्होंने बताया कि वह हमेशा की GST की जांच करते हैं. इसलिए उन्होंने उस ढाबे की GST वैद्यता की जांच की, जिसमें वह सही पाया गया, उसका स्टेटस रेगुलर था. लेकिन उन्होंने बताया कि कुछ ढाबे वाले कैसे ग्राहकों से फर्जी GST के जरिए ज्यादा पैसे वसूल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत में बहुत लोग नहीं जानते हैं कि दर्जनों छोटे रेस्टोरेंट, ढाबा और दुकान गड़बड़ी कर रहे हैं.
प्रतीक ने बताया कि कोई भी Composition टैक्स पेयर आपसे GST नहीं ले सकता है. क्योंकि Composition योजना के तहत डीलर सरकार को एक निश्चित दर पर टैक्स भरते हैं. इसमें व्यापारी 1 प्रतिशत और सेवा देने वाले 6 प्रतिशत देते हैं. ऐसे में वह आपसे बिल में GST नहीं वसूल कर सकते हैं. यह पैसा सरकार के खाते में नहीं बल्कि उनके पॉकेट में जाता है.
कैसे चेक कर सकते हैं GST
प्रतीक भारदा ने बताया कि आप महज 30 सेकेंड में सही GST की जांच कर सकते हैं. आपके GST की आधिकारिक साइट gst.gov.in खोलना होगा. इसके बाद टैक्सपेयर सर्च करना है. वहीं बिल पर दिए गए GSTIN नंबर को उसमें डालना है. इसके बाद उसका स्टेटस चेक करना है. आपको यहां रेगुलर/कंपोजिशन/सस्पेंडेड/इनवैलिड स्टेटस दिखेगा. अगर आपको Composition का स्टेटस दिख रहा है और वह आपसे GST वसूल कर रहा है तो आप GST देने से मना कर सकते हैं और इसकी शिकायत GST पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं.
जिस GSTIN नंबर का स्टेटस रेगुलर दिखता है, वह GST वसूल कर सकता है.
क्या है GST कंपोजिशन स्कीम
GST कंपोजिशन स्कीम के तहत छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह वैकल्पिक और सरल टैक्स प्रणाली है. इसमें रिटर्न फाइल करने में राहत मिलती है. इसमें वह व्यापारी पात्र होते हैं जिनका कुल वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है. वहीं कुछ राज्यों जैसे पूर्वोत्तर या पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 75 लाख रुपये है. जबकि सर्विस प्रोवाइडर के लिए यह सीमा 50 लाख रुपये तक है. इस योजना के तहत कारोबारियों को अपनी कैटेगरी के मुताबिक 1 प्रतिशत से 6 प्रतिशत की निश्चित दर से टैक्स चुकाना होता है.
निर्माता (Manufacturers) और व्यापारी (Traders) को 1 प्रतिशत, रेस्तरां सेवा (Restaurant Services - शराब ना परोसने वाले) को 5 प्रतिशत और अन्य सेवा प्रदाता (Service Providers) को 6 प्रतिशत टैक्स चुकाना होता है.
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