उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीब-बेसहारा लोगों को भरपेट भोजन मुहैया कराने के लिए 18 जिलों में अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू करने का ऐलान किया है. इसमें सिर्फ 5 रुपये में भरपेट भोजन गरीबों को उपलब्ध कराया जाएगा. उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ने धनतेरस-दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के पहले गरीबों-वंचितों के लिए इस योजना का ऐलान किया है. गरीबों, असहाय, मजदूर और दिहाजी कामगारों को इससे राहत मिलेगी. दिल्ली जैसे कई राज्यों में ऐसे भोजनालय पहले ही चल रहे हैं, जिन्हें अटल कैंटीन नाम दिया गया है. अन्नपूर्णा रसोई योजना योजना के तहत गरीब और असहाय लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भोजन और नाश्ता दिया जाता है.
क्या है अन्नपूर्णा रसोई योजना
मात्र 5 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन की थाली दी जाती है. सुबह का नाश्ता सिर्फ तीन रुपये में मिलता है. यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालय वाले जिलों में शुरू होगी. कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज जैसे बड़े जिलों में जहां भारी संख्या में बाहरी मजदूर, रिक्शाचालक, रेहड़ी-पटरी वाले और छात्र रहते हैं, उन्हें इसका फायदा मिलेगा.
यूपी के इन जिलों से शुरुआत
लखनऊ
कानपुर
वाराणसी
गोरखपुर
अयोध्या
मेरठ
बरेली
मुरादाबाद
आगरा
अलीगढ़
आजमगढ़
झांसी
बस्ती
देवीपटन (गोंडा मुख्यालय)
चित्रकूट (बांदा मुख्यालय)
मिर्जापुर
सहारनपुर
स्मार्ट कैंटीन होगी अन्नपूर्णा रसोई योजना
अन्नपूर्णा रसोई योजना में कैंटीनों को पूरी तरह साफसुथरा और हाइजीन रखा जाएगा.भोजन की गुणवत्ता के लिए सरकार ने विशेष गाइडलाइन तैयार की है. इसमें मौसमी सब्जियां, दाल, चावल और रोटी शामिल होंगी ताकि गरीबों को न केवल सस्ता बल्कि सेहतमंद भोजन मिले. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ कहना है कि राज्य में कोई भी भूखा न सोए, ये उनकी सरकार का मकसद है.
अनाज मंडियों और श्रमिक अड्डों पर भोजनालय
सरकार इन जिलों की अनाज मंडियों, श्रमिकों के आवास जैसी जगहों पर भोजनालय खोलेगी. ताकि जरूरतमंदों को उनके पास ही कम कीमत पर भरपेट भोजन उपलब् कराया जाए. किसानों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.उन्हें टोकन मनी देकर भोजन मुहैया कराया जाएगा.निर्माण कार्यों के मजदूरों के लिए भी ऐसी जगहों पर सस्ते भोजन की व्यवस्था की जाएगी. दरअसल, अनाज मंडी में किसान अक्सर फसल बेचने के लिए कई घंटे तक ठहरते हैं. दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिकों को भी रोजाना को भोजन पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. अन्नपूर्णा भोजनालय से उनको राहत मिलेगी.
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त्योहारों के बाद होगी शुरुआत
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना की शुरुआत नवंबर 2026 के मध्य या त्योहारों के ठीक बाद के हफ्तों में करने का लक्ष्य है. महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जिसकी तारीख पर मुख्यमंत्री कार्यालय की मुहर लगना बाकी है. सभी 18 मंडल मुख्यालयों वाले जिलों में भोजन तैयार करने और कैंटीन का संचालन की एजेंसियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशन और सरकारी अस्पतालों के पास कैंटीन स्थलों का चयन हो रहा है.
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