Coronavirus Time
- सब
- ख़बरें
- वीडियो
-
कोरोना के कहर के बीच डब्ल्यूएचओ ने चीन से मांगा कोविड संक्रमण का डेटा
- Saturday December 31, 2022
- Reported by: भाषा, Edited by: पीयूष
डब्ल्यूएचओ की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया है कि संक्रमितों की संख्या में भारी वृद्धि के मद्देनजर कोविड-19 की स्थिति पर और जानकारी प्राप्त करने तथा डब्ल्यूएचओ की विशेषज्ञ एवं अन्य सहायता की पेशकश करने के लिए चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई.
-
ndtv.in
-
China में फंसे 2000 पर्यटक, COVID19 संक्रमण की नई लहर बनी वजह : रिपोर्ट
- Monday July 18, 2022
- Reported by: ANI, Edited by: वर्तिका
BA.5.2 सबवेरिएंट (Sub-Variant) है BA.5 का जो पहले ही अमेरिका (US) में हावी हो रहा है और कोरोना (Corona) से पहले संक्रमित हो चुके व्यक्ति, कोरोना वैक्सीन लगवाए व्यक्ति, कोरोना का बूस्टर लगवाए हुए व्यक्ति की एंटीबॉडीज़ को भी मात देने में सक्षम है.
-
ndtv.in
-
प्रधानमंत्री जी, कोरोना की तबाही का सच आपके भाषणों में क्यों नहीं आता है?
- Tuesday February 8, 2022
- रवीश कुमार
लोकसभा में आज प्रधानमंत्री जब विपक्ष पर आक्रामक हो रहे थे तब क्या वे उस दौर की तस्वीर सही सही रख रहे थे जिसमें न जाने कितने लाख परिवारों के अपने तड़प तड़प कर मर गए और बिना आक्सीजन के मार दिए गए. उस दौर को आप किस किस तरह से याद करेंगे.
-
ndtv.in
-
Winter health Care: जानें किस समय लेनी चाहिए धूप, जिससे आपको ज्यादा फायदा हो
- Friday December 3, 2021
- Written by: अनु चौहान
Sunlight Vitamin : सर्दियों में हर किसी को कुछ चाहिए तो वह उसकी बालकनी में उसको धूप मिल जाए. जी हां, सर्दियों में हर कोई धूप के लिए तरसता है. पर क्या आप जानते हैं कि आपको कब धूप में रहने से ज्यादा फायदा मिलता है. चलिए हम आपको आपको इसकी जानकारी देते हैं.
-
ndtv.in
-
टीका अभियान सुस्त, विज्ञापन से नहीं होता जीवन यापन सरकार
- Monday July 12, 2021
- रवीश कुमार
मौसम विभाग की आलोचना हो रही है कि उसकी बताई कई तारीखों पर दिल्ली में मानसून नहीं आया. दिल्ली के लोगों ने पेट्रोल के दाम कम होने का इंतज़ार छोड़ मानसून का शुरू कर दिया है. व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के विद्वानों के बीच यह दलील चल रही है कि दिल्ली में पेट्रोल 101 रुपया भी हो रहा है तो विकास भी तो हो रहा है. तो क्या शहडोल और गंगानगर में भी दिल्ली से ज़्यादा विकास हो गया है? मध्य प्रदेश का शहडोल जिला देश के अति पिछड़े ज़िलों में आता है. यहां के लोग 111 रुपया 71 पैसे लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. गंगानगर के लोग 112 रुपया 49 पैसा लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. यह अहसास होना चाहिए कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम लोगों पर कितना बोझ बढ़ा है. ऐसा है तो सरकार विज्ञापन छाप दे कि 110 रुपया लीटर पेट्रोल देश के लिए ज़रूरी है. जैसे टीकाकरण के विज्ञापन छापे जा रही है.
-
ndtv.in
-
पेट्रोल के दाम में दिल्ली से आगे बिहार, महंगाई की भारी मार; पेट्रोल-डीजल 100 के पार
- Thursday July 1, 2021
- रवीश कुमार
भारत की आम जनता ने एक रिकार्ड बनाया है. आम खाने का नहीं बल्कि महंगा पेट्रोल खरीद कर सरकार को कई लाख करोड़ टैक्स देने का रिकार्ड. ये वो रिकार्ड है जो अमरीका की पूरी आबादी नहीं बना सकती. उपभोक्तावादी अमेरिकी लोग इस त्याग को समझ ही नहीं सकते हैं. अमेरिकी लोगों को अपनी सरकार से मंदी के संकट में 220 लाख करोड़ का पैकेज मिला. जिनकी नौकरी नहीं गई है उन्हें भी तीन तीन हज़ार डॉलर का चेक मिला. भारतीय रुपये में दो लाख होता है. परिवार के हर सदस्य को मिला. ऐसे लोगों ने चेक ले भी लिया. आध्यात्मिक भारत के लोगों को ऐसा कुछ नहीं मिला, मिलता भी तो शायद वे ठुकरा देते. क्या पता इसलिए भी सरकार ने नहीं दिया. वक्त आ गया है कि भारत के सभी पेशे के बर्बाद लोग अमेरिका की निंदा करें कि हम बर्बाद हो गए लेकिन हमने तो डोल नहीं लिया. उसकी जगह लोन लिया. भारत को इस हीन भावना से निकलना ही होगा, अमेरिका की निंदा करनी ही होगी. मंत्रियों को भी ट्वीट कर भारत की मिडिल क्लास जनता को इस बात का श्रेय देना चाहिए कि सरकार से कुछ न मांगने के लिए आभार. और तो और आपके सहयोग से प्रेरित होकर हम पेट्रोल और डीज़ल के दाम और बढ़ाएंगे.
-
ndtv.in
-
प्रकृति का सानिध्य और कोरोना काल
- Friday June 18, 2021
- आनंद पटेल
सुनामी रूपी कोरोना काल की इस दूसरी लहर में, मैंने अपने मानसिक दबाब को प्रकृति के नजदीक रखकर कैसे दूर किया? सरकार द्वारा जब पूर्ण लॉकडाउन की तिथि की घोषणा हुई, तो उस समय चारों तरफ बहुत ही भयाभय और पीड़ादायक स्थिति निर्मित हो रही थी, क्योंकि हम सक्षम होकर भी अपने लोगों की मदद नहीं कर पा रहे थे. यह सब देखकर मेरा मन भी काफी विचलित हुआ, जिसके कारण धीरे-धीरे मानसिक तनाव की स्थिति निर्मित हुई और यह हर किसी के साथ स्वाभाविक है क्योंकि इन्सान एक प्राणी है, जो मानवीय संवेदनाओं को भलीभांति महसूस कर सकता है. घर की चार-दीवारी में कैद होकर इन्सान मन ही मन कुंठित होता रहता है और परिणाम मानसिक तनाव की स्थिति निर्मित होती है.
-
ndtv.in
-
अप्रैल-मई के दो महीने, जब जिंदगी की गरिमा ही नहीं बची
- Friday June 4, 2021
- रवीश कुमार
दो महीने तक आपने देखा कि किसी की ज़िंदगी की कोई गरिमा नहीं बची थी. आम आदमी हो या मुग़ालते में रहने वाले रसूख़दार लोग. सब अस्पताल में बेड खोज रहे थे और ऑक्सीजन का सिलेंडर तक हासिल नहीं कर पा रहे थे. इस अंजाम से गुज़रने के बाद भी अगर आग़ाज़ नया नहीं होगा तो फिर से वही अंजाम होगा. गुजराती अख़बारों और भास्कर समूह ने तमाम राज्यों से मौत के आंकड़े को छिपाने का जो खेल पकड़ा है उसे कुछ अंग्रेज़ी अख़बार भी सीख रहे हैं.
-
ndtv.in
-
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर उठाए गंभीर सवाल
- Thursday June 3, 2021
- रवीश कुमार
क्या आप उन भारतीय वैज्ञानिकों के नाम जानते हैं जिन्होंने भारत में रहते हुए कोरोना के टीके की खोज की? क्या आपने उनका चेहरा देखा है जिस तरह मंगलयान के समय प्रधानमंत्री के साथ इसरो के वैज्ञानिकों को घुलते-मिलते देखा था. गया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने टीके की खोज की है लेकिन उन भारतीय वैज्ञानिकों का ज़िक्र मन की बात में नहीं मिलता है.
-
ndtv.in
-
टीका अभियान कैसे पड़ा फीका?
- Thursday May 20, 2021
- रवीश कुमार
सवाल चाहें जितने हों, जवाब जवाब की तरह नहीं मिलेगा. हमारे सहयोगी परिमल के सवाल का इतना ही जवाब मिला जो कि जवाब था भी नहीं. अलग-अलग समय पर सरकार के जवाबों को आप पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि जवाब देने का मतलब आपको घुमाते रहना है. फरवरी महीने में केंद्रीय बजट में मोदी सरकार कहती है कि टीके की खरीद के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
-
ndtv.in
-
कोरोना के कहर के बीच डब्ल्यूएचओ ने चीन से मांगा कोविड संक्रमण का डेटा
- Saturday December 31, 2022
- Reported by: भाषा, Edited by: पीयूष
डब्ल्यूएचओ की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया है कि संक्रमितों की संख्या में भारी वृद्धि के मद्देनजर कोविड-19 की स्थिति पर और जानकारी प्राप्त करने तथा डब्ल्यूएचओ की विशेषज्ञ एवं अन्य सहायता की पेशकश करने के लिए चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई.
-
ndtv.in
-
China में फंसे 2000 पर्यटक, COVID19 संक्रमण की नई लहर बनी वजह : रिपोर्ट
- Monday July 18, 2022
- Reported by: ANI, Edited by: वर्तिका
BA.5.2 सबवेरिएंट (Sub-Variant) है BA.5 का जो पहले ही अमेरिका (US) में हावी हो रहा है और कोरोना (Corona) से पहले संक्रमित हो चुके व्यक्ति, कोरोना वैक्सीन लगवाए व्यक्ति, कोरोना का बूस्टर लगवाए हुए व्यक्ति की एंटीबॉडीज़ को भी मात देने में सक्षम है.
-
ndtv.in
-
प्रधानमंत्री जी, कोरोना की तबाही का सच आपके भाषणों में क्यों नहीं आता है?
- Tuesday February 8, 2022
- रवीश कुमार
लोकसभा में आज प्रधानमंत्री जब विपक्ष पर आक्रामक हो रहे थे तब क्या वे उस दौर की तस्वीर सही सही रख रहे थे जिसमें न जाने कितने लाख परिवारों के अपने तड़प तड़प कर मर गए और बिना आक्सीजन के मार दिए गए. उस दौर को आप किस किस तरह से याद करेंगे.
-
ndtv.in
-
Winter health Care: जानें किस समय लेनी चाहिए धूप, जिससे आपको ज्यादा फायदा हो
- Friday December 3, 2021
- Written by: अनु चौहान
Sunlight Vitamin : सर्दियों में हर किसी को कुछ चाहिए तो वह उसकी बालकनी में उसको धूप मिल जाए. जी हां, सर्दियों में हर कोई धूप के लिए तरसता है. पर क्या आप जानते हैं कि आपको कब धूप में रहने से ज्यादा फायदा मिलता है. चलिए हम आपको आपको इसकी जानकारी देते हैं.
-
ndtv.in
-
टीका अभियान सुस्त, विज्ञापन से नहीं होता जीवन यापन सरकार
- Monday July 12, 2021
- रवीश कुमार
मौसम विभाग की आलोचना हो रही है कि उसकी बताई कई तारीखों पर दिल्ली में मानसून नहीं आया. दिल्ली के लोगों ने पेट्रोल के दाम कम होने का इंतज़ार छोड़ मानसून का शुरू कर दिया है. व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के विद्वानों के बीच यह दलील चल रही है कि दिल्ली में पेट्रोल 101 रुपया भी हो रहा है तो विकास भी तो हो रहा है. तो क्या शहडोल और गंगानगर में भी दिल्ली से ज़्यादा विकास हो गया है? मध्य प्रदेश का शहडोल जिला देश के अति पिछड़े ज़िलों में आता है. यहां के लोग 111 रुपया 71 पैसे लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. गंगानगर के लोग 112 रुपया 49 पैसा लीटर पेट्रोल ख़रीद रहे हैं. यह अहसास होना चाहिए कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम लोगों पर कितना बोझ बढ़ा है. ऐसा है तो सरकार विज्ञापन छाप दे कि 110 रुपया लीटर पेट्रोल देश के लिए ज़रूरी है. जैसे टीकाकरण के विज्ञापन छापे जा रही है.
-
ndtv.in
-
पेट्रोल के दाम में दिल्ली से आगे बिहार, महंगाई की भारी मार; पेट्रोल-डीजल 100 के पार
- Thursday July 1, 2021
- रवीश कुमार
भारत की आम जनता ने एक रिकार्ड बनाया है. आम खाने का नहीं बल्कि महंगा पेट्रोल खरीद कर सरकार को कई लाख करोड़ टैक्स देने का रिकार्ड. ये वो रिकार्ड है जो अमरीका की पूरी आबादी नहीं बना सकती. उपभोक्तावादी अमेरिकी लोग इस त्याग को समझ ही नहीं सकते हैं. अमेरिकी लोगों को अपनी सरकार से मंदी के संकट में 220 लाख करोड़ का पैकेज मिला. जिनकी नौकरी नहीं गई है उन्हें भी तीन तीन हज़ार डॉलर का चेक मिला. भारतीय रुपये में दो लाख होता है. परिवार के हर सदस्य को मिला. ऐसे लोगों ने चेक ले भी लिया. आध्यात्मिक भारत के लोगों को ऐसा कुछ नहीं मिला, मिलता भी तो शायद वे ठुकरा देते. क्या पता इसलिए भी सरकार ने नहीं दिया. वक्त आ गया है कि भारत के सभी पेशे के बर्बाद लोग अमेरिका की निंदा करें कि हम बर्बाद हो गए लेकिन हमने तो डोल नहीं लिया. उसकी जगह लोन लिया. भारत को इस हीन भावना से निकलना ही होगा, अमेरिका की निंदा करनी ही होगी. मंत्रियों को भी ट्वीट कर भारत की मिडिल क्लास जनता को इस बात का श्रेय देना चाहिए कि सरकार से कुछ न मांगने के लिए आभार. और तो और आपके सहयोग से प्रेरित होकर हम पेट्रोल और डीज़ल के दाम और बढ़ाएंगे.
-
ndtv.in
-
प्रकृति का सानिध्य और कोरोना काल
- Friday June 18, 2021
- आनंद पटेल
सुनामी रूपी कोरोना काल की इस दूसरी लहर में, मैंने अपने मानसिक दबाब को प्रकृति के नजदीक रखकर कैसे दूर किया? सरकार द्वारा जब पूर्ण लॉकडाउन की तिथि की घोषणा हुई, तो उस समय चारों तरफ बहुत ही भयाभय और पीड़ादायक स्थिति निर्मित हो रही थी, क्योंकि हम सक्षम होकर भी अपने लोगों की मदद नहीं कर पा रहे थे. यह सब देखकर मेरा मन भी काफी विचलित हुआ, जिसके कारण धीरे-धीरे मानसिक तनाव की स्थिति निर्मित हुई और यह हर किसी के साथ स्वाभाविक है क्योंकि इन्सान एक प्राणी है, जो मानवीय संवेदनाओं को भलीभांति महसूस कर सकता है. घर की चार-दीवारी में कैद होकर इन्सान मन ही मन कुंठित होता रहता है और परिणाम मानसिक तनाव की स्थिति निर्मित होती है.
-
ndtv.in
-
अप्रैल-मई के दो महीने, जब जिंदगी की गरिमा ही नहीं बची
- Friday June 4, 2021
- रवीश कुमार
दो महीने तक आपने देखा कि किसी की ज़िंदगी की कोई गरिमा नहीं बची थी. आम आदमी हो या मुग़ालते में रहने वाले रसूख़दार लोग. सब अस्पताल में बेड खोज रहे थे और ऑक्सीजन का सिलेंडर तक हासिल नहीं कर पा रहे थे. इस अंजाम से गुज़रने के बाद भी अगर आग़ाज़ नया नहीं होगा तो फिर से वही अंजाम होगा. गुजराती अख़बारों और भास्कर समूह ने तमाम राज्यों से मौत के आंकड़े को छिपाने का जो खेल पकड़ा है उसे कुछ अंग्रेज़ी अख़बार भी सीख रहे हैं.
-
ndtv.in
-
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर उठाए गंभीर सवाल
- Thursday June 3, 2021
- रवीश कुमार
क्या आप उन भारतीय वैज्ञानिकों के नाम जानते हैं जिन्होंने भारत में रहते हुए कोरोना के टीके की खोज की? क्या आपने उनका चेहरा देखा है जिस तरह मंगलयान के समय प्रधानमंत्री के साथ इसरो के वैज्ञानिकों को घुलते-मिलते देखा था. गया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने टीके की खोज की है लेकिन उन भारतीय वैज्ञानिकों का ज़िक्र मन की बात में नहीं मिलता है.
-
ndtv.in
-
टीका अभियान कैसे पड़ा फीका?
- Thursday May 20, 2021
- रवीश कुमार
सवाल चाहें जितने हों, जवाब जवाब की तरह नहीं मिलेगा. हमारे सहयोगी परिमल के सवाल का इतना ही जवाब मिला जो कि जवाब था भी नहीं. अलग-अलग समय पर सरकार के जवाबों को आप पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि जवाब देने का मतलब आपको घुमाते रहना है. फरवरी महीने में केंद्रीय बजट में मोदी सरकार कहती है कि टीके की खरीद के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
-
ndtv.in