YouTube भारत में अब सिर्फ मनोरंजन या वीडियो स्ट्रीमिंग तक सीमित नहीं रहा है. ये ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए दौर में देश के सबसे बड़े कमर्शियल हब के रूप में उभर रहा है. YouTube इंडिया इम्पैक्ट रिपोर्ट के मौके पर YouTube India की मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन सोनी ने एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर शिव अरूर से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि आने वाले दिनों में YouTube शॉपिंग और AI टूल्स भारतीय क्रिएटर्स और यूजर्स का एक्सपीरियंस पूरी तरह बदलने वाले हैं.
गुंजन सोनी ने बताया कि भारत में करीब 45 करोड़ लॉग-इन यूजर्स सीधे YouTube पर खरीदारी से जुड़े रिव्यू और सलाह तलाश रहे हैं. इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर शॉपिंग से जुड़े कंटेंट का वॉच टाइम सालाना आधार पर 55 फीसदी बढ़ा है. इस भारी डिमांड को देखते हुए YouTube ने सीधे मर्चेंट पार्टनर्स के साथ हाथ मिलाया है. अब क्रिएटर्स अपने वीडियो में रियल प्रोडक्ट्स टैग कर सकेंगे. जिस पर क्लिक करते ही यूजर सीधे मर्चेंट के कार्ट में पहुंचकर खरीदारी पूरी कर लेगा. इससे क्रिएटर्स को सीधा कमीशन मिलेगा और यूजर्स को ऐप से बाहर भटकना नहीं पड़ेगा.
AI को खतरे के बजाय क्रिएटिविटी की तरह देख रहा YouTube
वहीं तेजी से बढ़ते AI कंटेंट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि YouTube AI को खतरे के बजाय क्रिएटिविटी को आसान बनाने वाले टूल की तरह देखता है. भारत जैसे बहुभाषी देश में AI डबिंग सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रही है. जिससे क्षेत्रीय भाषाओं का कंटेंट बिना किसी दिक्कत के देश-दुनिया तक पहुंच रहा है. उन्होंने साफ किया कि AI की मदद से बना ओरिजिनल कंटेंट पूरी तरह मॉनेटाइज होगा. हालांकि, वह कम्युनिटी गाइडलाइंस और यूजर वैल्यू के स्टैंडर्ड पर खरा उतरना चाहिए. मॉनेटाइजेशन केवल उसी AI कंटेंट का होगा जो किसी क्रिएटर के असली विजन से निकलेगा भविष्य में लाइव स्ट्रीमिंग कॉमर्स और AI-पावर्ड वीडियो शॉपिंग भारतीय डिजिटल बाजार की दिशा तय करेंगे.
#NDTVExclusive | Is YouTube a platform connecting brands with creators, becoming a meeting point of two?
— NDTV (@ndtv) September 29, 2026
Gunjan Soni, MD, YouTube India explains@ShivAroor pic.twitter.com/A82cB9EzUd
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इस दौरान YouTube इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन सोनी ने खुलासा किया कि पिछले एक साल में YouTube के क्रिएटिव इकोसिस्टम ने भारतीय जीडीपी में 18,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम योगदान दिया है, और देश के 73 फीसदी ओरिजिनल क्रिएटर्स के लिए YouTube ही कमाई का मुख्य जरिया बन चुका है. OTT और ट्रेडिशनल टेलीविजन के साथ मुकाबले को लेकर गुंजन सोनी ने कहा कि YouTube स्मार्ट टीवी स्क्रीन्स के जरिए 'फ्यूचर ऑफ टीवी' बनने की राह पर है. प्लेटफॉर्म अब स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है और फिल्मों जैसी ओरिजिनल और लॉन्ग-फॉर्मेट पार्टनरशिप पर भी लगातार काम कर रहा है. OTT प्लेटफॉर्म्स के साथ मुकाबले और टीवी स्क्रीन्स पर यूट्यूब के कब्जे को लेकर उन्होंने बताया कि भारत में कनेक्टेड टीवी (CTV) का बाजार बेहद तेजी से बढ़ रहा है. करीब 7.5 करोड़ से ज्यादा भारतीय अब बड़ी टीवी स्क्रीन पर यूट्यूब देख रहे हैं.
यूट्यूब शॉर्ट्स का बढ़ रहा क्रेज
शॉर्ट-फॉर्मेट यानी 'यूट्यूब शॉर्ट्स' की जंग पर गुंजन सोनी ने बेहद दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि शॉर्ट्स और रील्स के इस दौर में शॉर्ट-फॉर्म वीडियो की जंग बेहद तेज है. यूट्यूब शॉर्ट्स इस समय मॉनेटाइजेशन और नए चैनलों की ग्रोथ में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर रहा है. यूट्यूब इस रेस में फॉर्मेट-अग्नोस्टिक है, यानी वह किसी एक फॉर्मेट को थोपता नहीं है. शॉर्ट्स न केवल खुद में एक इंडीपेंडेट कमाई का जरिया बन चुका है, बल्कि ये दर्शकों को लॉन्ग-फॉर्मेट वीडियो और सीधे ई-कॉमर्स कार्ट तक खींचने वाले सबसे बड़े हुक (डिस्कवरी टूल) के रूप में काम कर रहा है.
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