नई दिल्ली में आयोजित हुए NDTV World Summit 2026 में गूगल डीपमाइंड के पूर्व रिसर्चर Alex Turner ने AI को लेकर कई डरावनी बातें कही हैं. इस समिट के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अनकंट्रोल्ड विकास दर और इसके ग्लोबल खतरों पर एक बेहद जरूरी एनालिसिस दुनिया के सामने रखा. Alex Turner ने AI के विकास की रफ्तार को एक कंट्रोल्ड ग्रोथ देने की पुरजोर वकालत की, ताकि मानव सभ्यता को किसी भी बड़े संकट से बचाया जा सके.
टर्नर ने साफ किया कि वे AI पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि उनका मकसद केवल सबसे पावरफुल और खतरनाक 'फ्रंटियर AI' के अनकंट्रोल्ड डेवलपमेंट को कंट्रोल करना है ताकि रिसर्चरों को सुरक्षा चुनौतियों को हल करने का पर्याप्त समय मिल सके.
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अनकंट्रोल्ड डेवलपमेंट से भारत और दुनिया को खतरा
AI रिसर्चर टर्नर ने अपने बचपन के सपने और AI से होने वाले ग्लोबल फायदों को बताते हुए अपनी चिंता व्यक्त की. Alex Turner ने कहा, हम AI के जरिए बहुत बड़े पैमाने पर लाभ कमा सकते हैं. ये मेरे बचपन का सपना रहा है. मैं AI से दुनिया में लाई जाने वाली धन और समृद्धि की क्रांति पर प्रतिबंध लगाने की बात बिल्कुल नहीं कर रहा हूँ. मैं केवल एक ऐसी 'अनकंट्रोल्ड इंटेलिजेंस एक्सपोजन को रोकने की बात कर रहा हूँ जो भारत और पूरी दुनिया को एक बड़े सुरक्षा जोखिम में डाल सकती है.
छोटे स्टार्टअप्स और आम लोगों पर कोई असर नहीं
उन्होंने 'पेसिंग द फ्रंटियर' (रफ्तार कंट्रोल करने) का सीधा मतलब समझाते हुए कहा, "इसका मतलब केवल सबसे एडवांस AI के डेवलपमेंट को धीमा करना है, खासतौर से बड़ी टेक कंपनियों की ओर चलाए जाने वाले सबसे बड़े कंप्यूटिंग और ट्रेनिंग मॉडल्स को धीमा करने की जरूरत है. भारत का कोई छोटा स्टार्टअप जो किसानों की मदद के लिए 'फार्मिंग असिस्टेंट' ऐप बना रहा है, उस पर इस नियम का कोई असर नहीं पड़ेगा. सामान्य AI लैब्स अपनी रिसर्च जारी रख सकती हैं और कंपनियां अपने ग्राहकों के लिए AI को जितना चाहें उतना तैनात कर सकती हैं."
ऐसा AI बनाएं जिस पर देश और आम नागरिक आंख मूंदकर भरोसा कर सकें
उन्होंने टेक कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा, अभी के समय में दुनिया की कई लैब्स बिना यह जाने कि अंत में क्या रिजल्ट निकलेगा, केवल बड़े कंप्यूटिंग रिसोर्स को AI सिस्टम को ट्रेन करने में झोंक रही हैं. क्या ये सिस्टम भविष्य में भरोसेमंद होंगे? उनके पास किस तरह की मैजेकिल या विनाशकारी क्षमताएं होंगी? ये वास्तव में कोई नहीं जानता. हम बस आँखें बंद करके और उम्मीद के सहारे बैठे हैं कि सब कुछ ठीक रहेगा.
उन्होंने आगे कहा कि हमें इस तरह की अनिश्चित स्थितियों को बिल्कुल स्वीकार नहीं करना चाहिए. हमें एक ऐसा AI बनाने पर फोकस करना चाहिए जिसे हम अच्छी तरह समझते हों ताकि उसे पूरी तरह सुरक्षित चलाया जा सके. हमें इसे सस्ता, अधिक कुशल और अधिक विश्वसनीय बनाना चाहिए. वास्तविक और टिकाऊ विकास इसी से आएगा, एक ऐसा AI जिस पर लोग अपने और अपने देश के भले के लिए आंख मूंदकर भरोसा कर सकें." टर्नर ने जोर देकर कहा कि यदि हम फ्रंटियर प्रोग्रेस या ज्यादा एडवांस AI के डेवलपमेंट को थोड़ा धीमा कर देते हैं, तो भी AI का विकास बहुत तेज गति से चलता रहेगा, लेकिन इस बीच हमारे रिसर्चरों को इन गंभीर सुरक्षा चुनौतियों को पूरी तरह हल करने का कीमती समय मिल जाएगा.
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