जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियां बड़े डेटा सेंटर्स बनाने की होड़ में लगी हैं, वैसे-वैसे मेमोरी चिप्स या RAM की बढ़ती मांग आम कंप्यूटर यूजर्स के लिए एक बड़ी परेशानी बनती जा रही है. रैम की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, कंपनियां मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं और यूजर्स को नए कंप्यूटर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है.
इस किल्लत के बीच, OpenAI के CEO Sam Altman के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है. Altman ने सवाल उठाया है कि जब मेमोरी चिप्स की दुनिया भर में इतनी कमी है, तो क्या आम लोगों को अपने पर्सनल कंप्यूटर में इतनी ज्यादा रैम रखने की जरूरत है. जबकि इस मेमोरी का इस्तेमाल AI डेटा सेंटर्स में ज्यादा बेहतर तरीके से किया जा सकता है. Altman के इस बयान पर Elon Musk तुरंत आम ग्राहकों के बचाव में उतर आए हैं और उन्होंने Altman को करारा जवाब दिया है.
Sam Altman का विवादित बयान
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब Sam Altman ने Stripe के को-फाउंडर जॉन कॉलिसन के एक पॉडकास्ट में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने क्लाउड-बेस्ड सर्विसेज पर निर्भर रहने के बजाय पर्सनल कंप्यूटर पर लोकल लेवल पर AI मॉडल चलाने की लोगों की बढ़ती रुचि पर चर्चा की. Altman ने सवाल उठाया कि जब पूरी दुनिया मेमोरी चिप्स की भारी कमी से जूझ रही है, तो ये तरीका कितना सही है.
उन्होंने तर्क दिया कि
The people deserve to have their RAM too! https://t.co/q6dwauALw4
— Elon Musk (@elonmusk) November 1, 2026
उनका मानना है कि इस किल्लत के दौर में मेमोरी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल क्लाउड डेटा सेंटर्स में होना चाहिए, जहां एक ही रिसोर्स का इस्तेमाल कई सारे यूजर्स को सर्विस देने के लिए किया जा सकता है, न कि वह किसी एक डिवाइस में खाली पड़ा रहे.
सोशल मीडिया पर आलोचना
Altman के इस बयान की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई, क्योंकि लोगों का मानना था कि सिर्फ इसलिए कि AI कंपनियों को ज्यादा मेमोरी की जरूरत है, आम यूजर्स से अपने कंप्यूटर के रिसोर्सेज को छोड़ने की उम्मीद नहीं की जा सकती. इस बहस में कूदते हुए Elon Musk ने हॉलीवुड फिल्म Inglourious Basterds के एक सीन पर आधारित एक मजेदार मीम शेयर किया, जिसमें एक अधिकारी पूछताछ करते हुए पूछ रहा है कि आप क्लाउड से रैम छुपा रहे हैं, है ना.
इस मीम को एक्स पर शेयर करते हुए Musk ने लिखा कि लोगों को भी अपनी रैम रखने का पूरा हक है. इसके बाद कई दूसरे यूजर्स ने भी इस पर चुटकी ली, जहां एक यूजर ने लिखा कि वह रोलरकोस्टर टाइकून गेम खेलने के लिए 64GB रैम का इस्तेमाल कर रहा है और Altman को यह पता होना चाहिए, जिस पर Musk ने हंसने वाला इमोजी शेयर किया.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में रैम की भारी किल्लत हो गई है. चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपना पूरा ध्यान हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी प्रोडक्ट्स बनाने पर लगा रही हैं, जिससे आम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए रैम की सप्लाई कम हो गई है. इसका सीधा असर स्मार्टफोन, लैपटॉप और गेमिंग कंसोल की कीमतों पर पड़ रहा है और जानकारों का मानना है कि यह किल्लत साल 2027 तक जारी रह सकती है. खुद ऑल्टमैन ने भी माना कि इस समय मार्केट की स्थिति काफी खराब है. वैसे, Musk और Altman के बीच ये कोई पहला विवाद नहीं है. दोनों ने साल 2015 में मिलकर OpenAI को एक नॉन-प्रॉफिट संस्था के रूप में शुरू किया था, लेकिन बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण मस्क अलग हो गए और वे लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि कंपनी अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है.
यह भी पढ़ें | यूरोप में महा-साइबर अटैक! कई स्टोर्स के फ्रिज हैक, तापमान पहुंचा दिया 50°C, लाखों का खाना बर्बाद
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं