- बिना नेटवर्क भी भेज सकेंगे मैसेज
- Bluetooth Messaging बदल सकती है भविष्य
- इंटरनेट के बिना भी रहेंगे कनेक्ट
क्या आपने कभी सोचा है कि बिना मोबाइल नेटवर्क, Wi-Fi या मोबाइल डेटा के भी किसी को मैसेज भेजा जा सकता है? अब यह सिर्फ कल्पना नहीं रही. नई Bluetooth आधारित मैसेजिंग टेक्नोलॉजी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. आपने अभी खबरों में Bitchat App का नाम सुना होगा. ऐसे ऐप को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती है. Bitchat जैसे ऐप्स आने वाले समय में लोगों के बातचीत करने का तरीका बदल सकती है.लेकिन यह सफर SMS से शुरू हुआ था और अब Bluetooth तक पहुंच गया है.
SMS से शुरू हुआ था सफर
मोबाइल मैसेजिंग की शुरुआत साल 1992 में हुई थी, जब दुनिया का पहला SMS "Merry Christmas" भेजा गया. उस समय सिर्फ 160 कैरेक्टर के छोटे मैसेज भेजे जा सकते थे, लेकिन यही तकनीक आगे चलकर डिजिटल कम्युनिकेशन की नींव बनी.
इसके बाद WhatsApp, Telegram और WeChat जैसे मैसेजिंग ऐप्स आए, जिन्होंने फोटो, वीडियो, वॉयस मैसेज और ग्रुप चैट जैसी सुविधाएं दीं. हालांकि, इन सभी ऐप्स को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट और सर्वर की जरूरत होती है. अभी भारत में करोड़ों लोग WhatsApp और Telegram जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं.
अब Bluetooth Messaging का दौर
अब टेक्नोलॉजी एक नए चरण में प्रवेश कर रही है. Bridgefy, Briar, Jott और कुछ समय पहले Jack Dorsey द्वारा लॉन्च किया गया Bitchat जैसे ऐप्स Bluetooth Mesh Networking पर काम कर रहे हैं.
इस तकनीक की खास बात यह है कि दो या उससे अधिक डिवाइस सीधे एक-दूसरे से Bluetooth के जरिए जुड़ सकते हैं. इसमें इंटरनेट, SIM कार्ड या किसी यूजर अकाउंट की जरूरत नहीं होती. मैसेज किसी केंद्रीय सर्वर पर नहीं जाते, बल्कि सीधे डिवाइस से डिवाइस तक पहुंचते हैं.
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कहां आएगी सबसे ज्यादा काम?
Bluetooth आधारित मैसेजिंग उन जगहों पर बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता. उदाहरण के लिए किसी बड़े कॉन्सर्ट, स्टेडियम, पहाड़ी इलाके, जंगल या प्राकृतिक आपदा के दौरान मोबाइल नेटवर्क अक्सर काम करना बंद कर देता है. ऐसे समय में Bluetooth Mesh के जरिए आसपास मौजूद डिवाइस एक-दूसरे तक मैसेज पहुंचा सकते हैं. कई रिपोर्ट्स में देखा गया है कि इसका इस्तेमाल तब भी किया जाता है जब किसी खास जगह पर नेटवर्क या इंटरनेट बंद कर दिया जाता है. हालांकि फिलहाल इसकी रेंज और स्पीड पारंपरिक इंटरनेट मैसेजिंग जितनी नहीं है, लेकिन इस तकनीक पर लगातार काम किया जा रहा है.
भविष्य की ओर बढ़ता कम्युनिकेशन
टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में प्राइवेसी और Decentralized कम्युनिकेशन की मांग बढ़ेगी. Bluetooth आधारित मैसेजिंग इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. जिस तरह SMS ने 1992 में कम्युनिकेशन की दुनिया बदल दी थी, उसी तरह आने वाले समय में Bluetooth Messaging भी लोगों को बिना नेटवर्क के जुड़े रहने का नया विकल्प दे सकती है.
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