- 6 दिन बाद खुली वैष्णो देवी यात्रा, कटरा में श्रद्धालुओं का सैलाब
- माता रानी के दर्शन के लिए 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे कटरा
- लंबे इंतजार के बाद खुले वैष्णो देवी के रास्ते, भक्तों में खुशी
Vaishno Devi Yatra 2026: लगातार छह दिनों तक खराब मौसम, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के खतरे के कारण स्थगित रहने के बाद शनिवार को श्री माता वैष्णो देवी यात्रा दोबारा शुरू हो गई. यात्रा बहाल होते ही कटरा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. प्रशासन के अनुसार 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू करने के लिए अनिवार्य RFID कार्ड प्राप्त किए. मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद श्रद्धालुओं को भवन की ओर जाने की अनुमति दी गई. यात्रा शुरू होने से उन हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिली जो पिछले कई दिनों से कटरा में फंसे थे और माता रानी के दर्शन का इंतजार कर रहे थे.
#WATCH | J&K: Despite incessant rainfall in Katra, the Shri Mata Vaishno Devi Yatra is continuing smoothly after resuming this morning following a six-day suspension. Thousands of pilgrims have started making their way towards the holy cave shrine, with the Shrine Board and… pic.twitter.com/Yagqz4dN27
— ANI (@ANI) July 25, 2026
मौसम सुधरने के बाद बहाल हुई यात्रा
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को खराब मौसम के चलते एहतियातन स्थगित किया गया था. लगातार बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा रोक दी थी. शनिवार को मौसम की समीक्षा के बाद संबंधित एजेंसियों ने यात्रा मार्ग को सुरक्षित घोषित किया, जिसके बाद यात्रा फिर से शुरू कर दी गई. प्रशासन ने श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
Jammu, Jammu and Kashmir: The pilgrimage to the Shri Mata Vaishno Devi Shrine remains suspended for the seventh consecutive day due to persistent adverse weather conditions affecting the Bhawan area and the pilgrimage route. pic.twitter.com/0tlpcMUM1j
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
यात्रा शुरू होते ही कटरा स्थित पंजीकरण केंद्रों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. अधिकारियों के अनुसार 10 हजार से अधिक श्रद्धालु काउंटर नंबर-2 पर RFID कार्ड बनवाने पहुंचे. सुबह से ही "जय माता दी" के जयकारों के बीच श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए. भारी भीड़ के बावजूद पुलिस और CRPF के जवानों ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा.
Jammu, Jammu and Kashmir: The Shri Mata Vaishno Devi pilgrimage resumed after a seven-day suspension, delighting thousands of devotees in Katra.
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
A pilgrim says, "This will be the most memorable trip of my life. I have visited Mata Rani's shrine 15 times before, but this visit… pic.twitter.com/JVUIoNuWaP
श्रद्धालुओं ने जताई खुशी
यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर की. हरियाणा के रोहतक से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों से इंतजार कर रहे थे और अब माता रानी के दर्शन का अवसर मिलने पर बेहद खुश हैं. एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि वह पहले भी कई बार वैष्णो देवी आ चुके हैं, लेकिन इस बार का अनुभव सबसे यादगार रहेगा क्योंकि लंबे इंतजार के बाद यात्रा फिर शुरू हुई है.
Jammu, Jammu and Kashmir: The Shri Mata Vaishno Devi pilgrimage resumed after a seven-day suspension, delighting thousands of devotees in Katra.
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
A pilgrim says, "We have come from Rohtak, Haryana. We waited here for 15 days, and today we finally had the opportunity to have Mata… pic.twitter.com/QbvRXjkCRi
बारिश से प्रभावित हुआ था पूरा क्षेत्र
यात्रा बंद रहने के दौरान कटरा का व्यस्त रहने वाला बाजार और यात्रा मार्ग लगभग सुनसान नजर आ रहा था. इसी दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) भी भारी बारिश, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण बंद करना पड़ा था. काजीगुंड और उधमपुर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी.
Katra, Jammu and Kashmir: The pilgrimage to the Shri Mata Vaishno Devi shrine resumed after being suspended for seven days due to heavy rainfall and adverse weather. Authorities reopened the yatra with necessary safety measures in place, while rainy weather continues to prevail… pic.twitter.com/fsUnWpSwFG
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
डोडा और किश्तवाड़ में भी अलर्ट
भारी बारिश का असर जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भी देखने को मिला. कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया, जबकि कृषि भूमि और मकानों को नुकसान पहुंचा. प्रशासन ने लोगों को पहाड़ी, भूस्खलन संभावित और नदी किनारे के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी थी.
सलाल बांध के सभी गेट खोले गए
रियासी और ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सलाल बांध में पानी का दबाव बढ़ गया था. जलस्तर नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को बांध के सभी गेट खोलने पड़े. मौसम विभाग और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यात्रा बहाल होने के बाद पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें.
सामान्य हुई तीर्थयात्रा गतिविधियां
करीब एक सप्ताह के ठहराव के बाद वैष्णो देवी यात्रा बहाल होने से कटरा में फिर से रौनक लौट आई है. होटल, धर्मशालाएं, परिवहन सेवाएं और स्थानीय कारोबार भी सामान्य होने लगे हैं. प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी, जबकि मौसम पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से जारी रह सके.
यह भी पढ़ें : 6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, जम्मू से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा में रवाना
यह भी पढ़ें : मचैल माता यात्रा 28 जुलाई से होगी शुरू, प्रतिदिन 8,000 श्रद्धालुओं को मिलेगी अनुमति; RFID अनिवार्य
यह भी पढ़ें : बारिश और बाढ़ का कहर: असम में 62 मौतें, गुजरात में 31 की जान गई; लाखों लोग प्रभावित
यह भी पढ़ें : देश के 15 राज्यों में मॉनसून मेहरबान नहीं; मणिपुर से यूपी-बिहार... पंजाब और केरल तक बारिश की कमी, खेती पर संकट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं