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Youth Olympics: 15 साल की तन्वी ने रचा इतिहास, ऐसा करने वालीं पहली भारतीय, पदक से सिर्फ एक जीत दूर

भारत की तन्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है.

Youth Olympics: 15 साल की तन्वी ने रचा इतिहास, ऐसा करने वालीं पहली भारतीय, पदक से सिर्फ एक जीत दूर
15 साल की तन्वी ने रचा इतिहास

प्रतिभाशाली शटलर तन्वी पात्री ने बुधवार को इतिहास रच दिया. वह यूथ ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. ओडिशा की रहने वाली 15 वर्षीय तन्वी ने थाईलैंड की कुंगकेव ककनिक को 21-17, 21-13 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई.

बेंगलुरु के 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' में ट्रेनिंग लेने वाली तन्वी का सेमीफाइनल में मुकाबला जापान की युज़ुनो वातानाबे से होगा. इससे पहले ये दोनों खिलाड़ी थाईलैंड में 2024 पाथुम थानी जूनियर इंटरनेशनल सीरीज में आमने-सामने आई थीं, जहां तन्वी को 14-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा था.

इससे पहले केवल तीन भारतीय शटलर - एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और आदित्य जोशी - ही यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन के सेमीफाइनल तक पहुंच पाए थे. प्रणय ने 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि लक्ष्य सेन 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए खेलों में उपविजेता (रनर-अप) रहे थे. आदित्य 2014 में लड़कों के सिंगल्स सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कोई मेडल नहीं मिला.

इससे पहले तन्वी ने चीन के चेंगदू में आयोजित 'बैडमिंटन एशिया U-17 और U-15 चैंपियनशिप' में लड़कियों के U-17 सिंगल्स का खिताब जीता था. उस फाइनल में दोनों खिलाड़ी भारतीय ही थीं. इस जीत के साथ, वह महाद्वीपीय (कॉन्टिनेंटल) स्तर पर U-15 और U-17 दोनों खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं.

तन्वी के पास अब एक और कीर्तिमान स्थापित करने का मौका है. सेमीफाइनल में जीत उन्हें यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बना देगी. अगर वह सेमीफाइनल हार जाती हैं, तो भी उनके पास ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करने का एक और मौका होगा.

इससे पहले, तन्वी ने शुरुआती चरण में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए महिला एकल के 'ग्रुप F' में शीर्ष स्थान हासिल किया. उन्होंने अपने आखिरी लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अदेपु को 21-4, 21-12 से हराया था. 

मंगलवार को ग्रुप स्टेज के आखिरी मैचों से पहले, तन्वी और स्मृति दोनों ने दक्षिण कोरिया की जियोंग यू जांग और मैक्सिको की सारा पेट्रीसिया डेलगाडो गोंजालेज के खिलाफ अपने-अपने ग्रुप मैच जीत लिए थे.

'करो या मरो' वाले इस मुकाबले में, तन्वी ने स्मृति को सीधे गेमों में हराकर ग्रुप F में टॉप किया और क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया. डकार यूथ ओलंपिक खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में पुरुष और महिला एकल इवेंट शामिल हैं, जिनमें हर कैटेगरी में 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. यह प्रतियोगिता दो चरणों में खेली जा रही है - ग्रुप स्टेज और उसके बाद नॉकआउट.

खिलाड़ियों को चार-चार के आठ ग्रुप में बांटा गया था, जिसमें हर खिलाड़ी को अपने ग्रुप के बाकी तीन खिलाड़ियों का सामना करना था. हर ग्रुप का विजेता नॉकआउट स्टेज में पहुंचा. इसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और मेडल मैच होंगे. 5 नवंबर को स्वर्ण और कांस्य पदकों का फैसला होगा.

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