ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत ने न्यूजीलैंड को सीरीज के पहले वनडे मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया. बारिश से बाधित इस मुकाबले में, पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 185 रनों पर ऑल-आउट हुई. डीएलएस मेथड से भारत को 143 का लक्ष्य मिला था और टीम इंडिया ने 22.4 ओवरों 5 विकेट खोलकर इसे हासिल किया. भारत के लिए विराट कोहली ने 74 रनों की पारी खेली, लेकिन उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड नहीं दिया गया बल्कि बिना कोई गेंद खेले और सिर्फ 2 विकेट लेकर अंशुल कंबोज ने यह अवॉर्ड अपने नाम किया.
कप्तान शुभमन गिल ने अंशुल कंबोज को मैच के आठवें ही ओवर में गेंद थमाई. इस गेंदबाज ने कप्तान को बिल्कुल भी निराश नहीं किया और अपने पहले ओवर में सिर्फ 8 रन दिए. ओवकास्ट कंडीशन और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अंशुल को खेलना न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए असंभव सा हो गया. अंशुल ने अपने पहले स्पैल में 5 ओवर फेंके और उन्होंने सिर्फ 12 रन दिए इस दौरान उन्होंने मेडन ओवर भी फेंका. इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे स्पैल में दो शिकार किए.अंशुल ने अपने 10 ओवर में 22 रन दिए और दो विकेट झटके.
खास रिकॉर्ड लिस्ट में बनाई जगह
अंशुल इसके साथ ही उन भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने किसी वनडे में बिना कोई गेंद का सामना किए और दो या उससे कम विकेट लेने के बाद भी प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीत पाए हैं. इस लिस्ट में बुमराह से लेकर भुवनेश्वर कुमार तक हैं.
ना एक भी गेंद खेले और 2 या उससे कम विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' जीतने वाले भारतीय
- 2/22 अंशुल कंबोज बनाम न्यूजीलैंड, ऑकलैंड 2026
- 2/19 जसप्रीत बुमराह बनाम पाकिस्तान, अहमदाबाद 2023
- 2/28 जसप्रीत बुमराह बनाम दक्षिण अफ्रीका, द ओवल 2017
- 2/26 मोहित शर्मा बनाम जिम्बाब्वे, बुलावायो 2013
- 2/19 भुवनेश्वर कुमार बनाम पाकिस्तान, एजबेस्टन 2013
- 2/22 अनील कुंबले बनाम केन्या, नैरोबी 2000
- 2/22 श्रीनाथ बनाम न्यूजीलैंड, मुंबई 1995
- 2/29 अनील कुंबले बनाम इंग्लैंड, लीड्स 1990
बस लाइन पर फोक्स किया
अंशुल कंबोज ने POTM जीतने के बाद अपनी गेंदबाजी पर बात करते हुए ब्रॉडकास्टर से कहा,"मुझे लगता है कि इसका राज बस लगातार एक ही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना था. मैंने इस बारे में नहीं सोचा कि विकेट कैसा बर्ताव कर रहा है, बस अपने बेसिक प्लान पर ध्यान दिया. सही लाइन और सही जगह पर गेंदबाजी की."
गेंदबाजी में बदलाव पर उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि 'वबल सीम' गेंद काफी अच्छी तरह काम कर रही थी, इसलिए मैंने बार-बार उसी का इस्तेमाल किया. मैंने बस अपनी लाइन और लेंथ पर काम किया, और बल्लेबाजों की खूबियों और कमजोरियों को समझकर उसी के हिसाब से तैयारी की."
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के अनुसार अपनी लेंथ में बदलाव करने पर कंबोज ने कहा,"इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मुझे विकेट से अच्छा बाउंस भी मिल रहा है. इसलिए, पूरी बात बस मेरी गेंदबाजी की लेंथ पर टिकी है, मैं बस उसी पर फोकस कर रहा हूं." "आपको बस विकेट को देखना होता है और समझना होता है कि वहां क्या हो रहा है. वहां कौन सी गेंद सबसे अच्छी रहेगी और किस लेंथ पर गेंदबाजी करनी चाहिए. बस इसी बात पर ध्यान देना होता है."
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