सुशील कुमार ओलिंपिक खेलों में दो मेडल जीत चुके हैं (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
ओलिंपिक खेलों में मेडल हासिल कर चुके रेसलर सुशील कुमार ने डैफलिंपिक में सफलता हासिल करने वाले दो पहलवानों को सम्मानित किया है. देश के नामी पहलवान सुशील ने इन खेलों में पदक जीतने वाले पहलवानों-वीरेंद्र और अजय को यहां छत्रसाल स्टेडियम में सम्मानित किया. वीरेंद्र ने तुर्की में हुए डैफलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता था जबकि अजय को कांस्य पदक हासिल हुआ था. ये दोनों पहलवान गुरु हनुमान अखाड़े में अभ्यास करते हैं.
इस अवसर पर सुशील और उनके गुरु सतपाल ने वीरेंद्र को एक भैंस, 50 किलो बादाम और एक कनस्तर देसी घी के साथ सम्मानित किया गया. अजय को स्कूटी और बादाम-घी इनाम में दिए गए. सुशील ने कहा, "उन्हें इन पहलवानों की कामयाबी पर गर्व है. इन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है. वह वीरेंद्र से दंगल में कुश्ती लड़ चुके हैं और उनमें आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं छिपी हैं."
यह भी पढ़ें : सुशील कुमार बोले, बीजिंग ओलिंपिक के बाद संन्यास लेने की सलाह मिली थी
महाबली सतपाल ने भारत के स्वर्णिम अतीत का हवाला देते हुए कहा कि पहलवानों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावसायिक घरानों का आगे आना अच्छा संकेत है. उन्होंने इन पहलवानों को राष्ट्र की धरोहर बताया. इन दोनों पहलवानों के कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महासिंह राव ने कहा कि यह वीरेंद्र का इन खेलों में तीसरा गोल्ड है.
वीडियो : रियो ओलिंपिक में भाग नहीं ले पाएंगे सुशील
उन्होंने बताया कि इससे पहले वीरेंद्र ने 2005 और 2013 में भी गोल्ड जीते थे, जबकि 2009 में उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ था. इस अवसर पर छत्रसाल स्टेडियम के प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन प्रशांत रोहतगी ने किया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस अवसर पर सुशील और उनके गुरु सतपाल ने वीरेंद्र को एक भैंस, 50 किलो बादाम और एक कनस्तर देसी घी के साथ सम्मानित किया गया. अजय को स्कूटी और बादाम-घी इनाम में दिए गए. सुशील ने कहा, "उन्हें इन पहलवानों की कामयाबी पर गर्व है. इन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है. वह वीरेंद्र से दंगल में कुश्ती लड़ चुके हैं और उनमें आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं छिपी हैं."
यह भी पढ़ें : सुशील कुमार बोले, बीजिंग ओलिंपिक के बाद संन्यास लेने की सलाह मिली थी
महाबली सतपाल ने भारत के स्वर्णिम अतीत का हवाला देते हुए कहा कि पहलवानों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावसायिक घरानों का आगे आना अच्छा संकेत है. उन्होंने इन पहलवानों को राष्ट्र की धरोहर बताया. इन दोनों पहलवानों के कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महासिंह राव ने कहा कि यह वीरेंद्र का इन खेलों में तीसरा गोल्ड है.
वीडियो : रियो ओलिंपिक में भाग नहीं ले पाएंगे सुशील
उन्होंने बताया कि इससे पहले वीरेंद्र ने 2005 और 2013 में भी गोल्ड जीते थे, जबकि 2009 में उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ था. इस अवसर पर छत्रसाल स्टेडियम के प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन प्रशांत रोहतगी ने किया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Susheel Kumar