इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने मंगलवार को कहा कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्की उन सात देशों में शामिल हैं जिन्होंने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई है और उन्हें नवंबर में 'फ्यूचर होस्ट कमीशन' के सामने अपने प्रोजेक्ट पेश करने के लिए बुलाया गया है. साल 2029 में 100 से अधिक सदस्य देश वोटिंग के जरिए इसका फैसला करेंगे कि 2036 ओलंपिक का आयोजन कौन करेगा. IOC ने कहा कि प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन कई तकनीकी पहलुओं के आधार पर किया जाएगा, जैसे कि वेन्यू मास्टर-प्लान और एथलीट का अनुभव, फंडिंग की रणनीति, राजनीतिक और जनता का समर्थन, गेम्स को आयोजित करने की क्षमता, और मेजबान समुदायों के लिए लंबे समय तक फायदा पहुंचाने वाली लेगेसी.
मेजबानी की रेस में कौन-कौन?
IOC के एक बयान में कहा गया,"जो पक्ष अभी IOC के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और जिन्होंने 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी में दिलचस्पी दिखाई है, वे हैं - जर्मनी, हंगरी, भारत, कतर, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, दक्षिण अफ़्रीका और तुर्की." बयान में आगे कहा गया,"कई नेशनल ओलंपिक कमेटियां भी IOC के साथ 2036 के बाद के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के बारे में बिना किसी पक्के वादे वाली बातचीत कर रही हैं. दिलचस्पी रखने वाले पक्षों को नवंबर में 'फ्यूचर होस्ट कमीशन' के सामने अपने प्रोजेक्ट पेश करने के लिए बुलाया गया है."
इस शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए, IOC ने कहा कि 31 अक्टूबर के बाद 2036 के लिए किसी और इच्छुक पक्ष पर विचार नहीं किया जाएगा. भारत ने 2024 में खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दिलचस्पी जाहिर की थी. बाद में, IOC की नई प्रेसिडेंट कर्स्टी कोवेंट्री ने मेजबान चुनने की प्रक्रिया रोक दी थी. उन्होंने कहा था कि प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सदस्य देशों से नई राय ली जाएगी. ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष और दो बार स्विमिंग में गोल्ड मेडल जीतने वालीं कर्स्टी कोवेंट्री ने कहा,"लेकिन गेम्स कहीं भी हों, एक बात कभी नहीं बदलनी चाहिए, हम जो कुछ भी करते हैं, उसमें एथलीट सबसे अहम होने चाहिए."
अहमदाबाद में ओलंपिक के आयोजन का प्लान
भारत की बोली का प्लान अहमदाबाद शहर पर केंद्रित है, जो 2030 में मल्टी-स्पोर्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और जहां दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, नरेंद्र मोदी स्टेडियम, मौजूद है.
कतर ने 2022 फीफा वर्ल्ड कप समेत कई बड़े ओलंपिक खेलों की वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी की है. एएफपी की रिपोर्ट में दावा है कि कतर की बोली का दायरा दोहा से बढ़कर खाड़ी के पड़ोसी देशों तक भी फैल सकता है. 2004 से 2024 तक के सभी ओलंपिक का आयोजन जुलाई-अगस्त के बीच हुआ है और अगले दोनों संस्करण भी इसी विंडो में होने हैं. लेकिन अगर कतर में 2036 खेलों का आयोजन होता है तो इसके शेड्यूल में बदलाव हो सकता है.
दक्षिण कोरिया की बोली सियोल पर केंद्रित होगी, जिसने 1988 के समर ओलंपिक की मेजबानी की थी. जर्मनी के ओलंपिक अधिकारियों ने पिछले महीने म्यूनिख को चुना था, जिसने पहले 1972 में गेम्स की मेजबानी की थी.
दक्षिण अफ्रीका की बोली केप टाउन पर केंद्रित एक राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार हो रही है और अगर ऐसा होता है, तो 1896 में आधुनिक गेम्स की शुरुआत के बाद से यह समर ओलंपिक की मेज़बानी करने वाला पहला अफ्रीकी देश बन जाएगा. हंगरी और तुर्की ने क्रमशः बुडापेस्ट और इस्तांबुल का प्रस्ताव दिया है.
2029 में होगा फैसला
IOC ने कहा कि अगले साल मार्च का महीना अहम है, जब कोवेंट्री की अध्यक्षता वाला एग्जीक्यूटिव बोर्ड डिटेल्ड प्रोजेक्ट्स तैयार करने के लिए कैंडिडेट्स की शॉर्टलिस्ट को मंजूरी देगा. वोटिंग के जरिए होस्ट चुनने की डेडलाइन 2029 तय की गई है और यह समर ओलंपिक्स के होस्ट चुनने की IOC की पुरानी प्रक्रिया की वापसी को दिखाती है.
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