अनिरुद्ध थापा ने सॉल्ट लेक स्टेडियम में थोड़े समय के लिए माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया, लेकिन आखिर में भारत पिछड़ गया और दो बार की पूर्व विश्व चैंपियन उरुग्वे ने मंगलवार को इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में 6-1 से आसान जीत हासिल की. भारत ने पहले हाफ में अच्छा खेल दिखाया. थापा के 22वें मिनट में किए गए गोल ने डार्विन नुनेज के 11वें मिनट के पेनल्टी गोल की बराबरी कर ली और 20वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अमेरिकी टीम के खिलाफ घरेलू टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया.
लेकिन बिजली कड़कने के कारण 34 मिनट के खेल रुकने के बाद भारतीय खिलाड़ियों में धीरे-धीरे थकान दिखने लगी. उरुग्वे ने खेल पर पकड़ बना ली और मैक्सिमिलियानो अरुजो (28वें, 59वें मिनट), रोड्रिगो ज़लाज़ार (53वें मिनट) और सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए जुआन सनाब्रिआ (71वें मिनट) व रोड्रिगो एगुइरे के ज़रिए पांच और गोल किए. इस तरह खालिद जमील की टीम ने इंटरनेशनल विंडो का समापन पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ, ब्राजील के खिलाफ 0-4 से और उरुग्वे के खिलाफ 1-5 से हार के साथ किया.
थापा ने किया ऐतिहासिक जीत
डिफेंस में बिजॉय वर्गीस की जगह आए प्रमवीर ने बॉक्स के अंदर फेडेरिको विनास को गिरा दिया. इससे उरुग्वे को पेनल्टी मिली जिसे नुनेज ने पेनल्टी स्पॉट से गोल करके मेहमान टीम का खाता खोला. भारत ने इसका अच्छा जवाब दिया और थापा ने गोल करके बराबरी की, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का उत्साह बढ़ा.
इसके बाद रयान विलियम्स के बॉक्स के किनारे से लिए गए शॉट को उरुग्वे के गोलकीपर थियागो कार्डोजो ने रोका, लेकिन वे गेंद को पकड़ नहीं पाए और थापा ने सतर्कता दिखाते हुए रिबाउंड पर गोल कर दिया. इस गोल ने स्टेडियम में शाम का सबसे रोमांचक माहौल बना दिया था.
भारत ने लगातार हमले जारी रखे. ईस्ट बंगाल के फॉरवर्ड एडमंड लालरिंडिका, जो सहल अब्दुल समद की जगह टीम में आए थे, विलियम्स के साथ मिलकर अटैक की कमान संभाल रहे थे, जबकि मनवीर सिंह राइट विंग से खेल रहे थे. विलियम्स के पास से गेंद मिलने के बाद एडमंड भारत को बढ़त दिलाने के करीब थे, लेकिन सैंटियागो मौरिनो ने शानदार स्लाइडिंग टैकल करके उन्हें गोल करने से रोक दिया.
भारत को एक और बड़ा मौका सब्स्टिट्यूट मोहम्मद सनन की वजह से मिला. उन्होंने लुकास टोरेरा को एक चालाक टर्न से छकाया और अपने लिए जगह बनाई, फिर ज़ोरदार शॉट लगाया. 70वें मिनट में उनका ज़बरदस्त शॉट गोल में जाता दिख रहा था, लेकिन कार्डोज़ो ने उंगलियों से गेंद को छूकर उरुग्वे की बढ़त बनाए रखी.
उरुग्वे की धैर्यपूर्वक शुरुआत
उरुग्वे ने शुरुआत में धैर्यपूर्वक भारत की रणनीति को समझने की कोशिश की. मेहमान टीम ने अपने खेल की गति धीमी की और जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, गेंद पर उनका कब्ज़ा बढ़ता गया. 16वें मिनट में नुनेज गोल के करीब पहुंच गए थे, जब विलियम्स ने गेंद गंवा दी थी और उरुग्वे ने तेजी से आगे बढ़कर हमला किया.
नुनेज ने मैक्सिमिलियानो अराउजो के लिए गेंद पीछे की ओर बढ़ाई, जिन्होंने बॉक्स के किनारे से घुमावदार शॉट मारा जो गोलपोस्ट से टकराया. इससे पहले, पांचवें मिनट में दाईं ओर खाली जगह पर मनवीर को गेंद मिली और उन्होंने एक लो क्रॉस भेजने की कोशिश की, लेकिन जोस मारिया जिमेनेज़ ने उसे रोक दिया.
एक मिनट बाद, आकाश मिश्रा के लंबे थ्रो से एक और मौका बना.
उरुग्वे के क्लीयरेंस के बाद बॉक्स के बाहर विलियम्स को गेंद मिली, लेकिन उनका शॉट रोक दिया गया और अनवर अली ने रिबाउंड शॉट को बार के ऊपर से बाहर भेज दिया. इसके बाद उरुग्वे को पेनल्टी मिली, जब विनास ने भारतीय बॉक्स में एक पास का पीछा किया और प्रमवीर ने स्लाइड करते हुए उस फॉरवर्ड खिलाड़ी को रोक दिया.
34 मिनट के लिए रूका मैच
नुनेज़, जो उरुग्वे के अनुभवी फॉरवर्ड हैं और अब सऊदी प्रो लीग में खेलते हैं, ने शांत अंदाज में निचले कोने में शॉट मारकर गुरप्रीत सिंह संधू को गलत दिशा में छका दिया. पीछे होने के बावजूद भारत ने अपना आक्रामक रवैया नहीं छोड़ा. मिडफ़ील्ड में विलियम्स को गेंद मिली और वे आगे बढ़े, फिर शॉट मारा, जिससे कार्डोजो को बचाव करना पड़ा.
गोलकीपर शॉट को रोक नहीं पाए और थापा ने सबसे तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हुए गोल कर दिया. इसके बाद ड्रिंक्स ब्रेक के बाद बिजली कड़कने के कारण मैच 34 मिनट के लिए रोकना पड़ा. खेल फिर से शुरू होने के बाद उरुग्वे को बढ़त वापस पाने में ज़्यादा समय नहीं लगा. रोड्रिगो बेंटानकुर ने दाईं ओर नाहितन नंडेज़ को गेंद दी, और काफ़ी जगह मिलने पर फुल-बैक ने बॉक्स में एक लो बॉल डाली.
अराउजो ने करीब से गोल करके उरुग्वे को बढ़त दिला दी. ब्राज़ील के हाथों भारत की 0-4 से हार के दौरान दो बड़ी गलतियों के बावजूद गुरप्रीत ने अपनी जगह और कप्तानी बरकरार रखी. उन्होंने गोलकीपर के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया और लगातार हमलों के बावजूद कई मौकों पर भारत को मुकाबले में बनाए रखा.
दूसरे हाफ में उरुग्वे ने नहीं दिया कोई मौकी
37वें मिनट में भारतीय डिफेंस चूक गया और नुनेज़ को गुरप्रीत के आमने-सामने (वन-ऑन-वन) आने का मौका मिल गया. उरुग्वे के फॉरवर्ड ने गोलकीपर के ऊपर से गेंद को चिप करने की कोशिश की, लेकिन गुरप्रीत अपनी जगह डटे रहे और अपने चेहरे से उस शॉट को रोक दिया. हालांकि, जब उरुग्वे ने अपने हमले में लय हासिल कर ली, तो वह ज़्यादा कुछ नहीं कर सके.
टोरेरा ने नुनेज की तरफ एक तिरछी (डायगोनल) गेंद बढ़ाई, जिसे नुनेज़ ने हेडर से बॉक्स के किनारे पर खड़े ज़लाज़ार की तरफ भेजा. मिडफील्डर ने गेंद को एक बार कंट्रोल किया और फिर ज़ोरदार शॉट मारकर गेंद को गोल के निचले कोने में पहुंचा दिया. इसके बाद अराउजो ने अपना दूसरा गोल किया. विनास को भारत के हाफ में गेंद मिली और उन्होंने अराउजो की तरफ एक सटीक पास बढ़ाया. अराउजो गेंद को बॉक्स के अंदर ले गए और फिर शांति से उसे गोल के निचले दाहिने कोने में पहुंचा दिया.
डिएगो फोर्लान की कोच के तौर पर पहली जीत
जब उरुग्वे ने बड़ी बढ़त बना ली थी, तब भारतीय डिफेंस अराउजो की चाल को रोकने के लिए और बेहतर प्रयास कर सकता था. इसके बाद सब्स्टीट्यूट सनाब्रिआ ने गोल किया और फिर एगुइरे ने जीत पर मुहर लगा दी. 2010 वर्ल्ड कप में 'गोल्डन बॉल' जीतने वाले डिएगो फोर्लान ने इस तरह उरुग्वे के पिछले मैच (दक्षिण कोरिया पर 4-1 से जीत) के मुकाबले टीम के स्कोर को और बेहतर किया. कोच के तौर पर यह उनकी पहली जीत थी. इससे पहले जापान से 1-3 की हार के साथ उन्होंने अपना कार्यकाल शुरू किया था. उरुग्वे के इस पूर्व स्टार खिलाड़ी ने मार्सेलो बिएल्सा के जाने के बाद टीम की कमान संभाली थी. बिएल्सा तब हटे थे, जब टीम 2026 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से ही चौंकाने वाले तरीके से बाहर हो गई थी.
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