भारतीय टीम को पहला मैच आज अमेरिका से खेलना है
- नेहरू स्टेडियम की दर्शक दीर्घा खाली न रहे, इसलिए उठाया यह कदम
- इस टूर्नामेंट के लिए टिकटों की बिक्री अब तक निराशाजनक रही है
- ग्रीन पीस ने चेताया, वायु प्रदूषण से प्रभावित हो सकते हैं खिलाड़ी
नई दिल्ली:
फीफा अंडर 17 वर्ल्डकप के भारतीय टीम के प्रारंभिक मैच के दौरान दर्शक दीर्घा खाली रहने की स्थिति से बचने के लिए भारत ने 27 हजार टिकट स्कूली बच्चों में बांटे हैं. आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने शु्क्रवार को यह जानकारी दी. वर्ष 2010 में दिल्ली में ही हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में दर्शक की कम उपस्थिति जैसी शर्मिंदगी की स्थिति से बचने के लिए ऐसा किया गया है. फीफा अंडर 17 वर्ल्डकप आज से प्रारंभ होना है. भारत पहली बार किसी फीफा टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है लेकिन इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की टिकटों की बिक्री अब तक निराशाजनक रही है. दरअसल आयोजक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी जब 6 हजार दर्शकों की क्षमता वाले जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में भारत और अमेरिका के बीच होने वाले मैच को देखने के लिए पहुंचें तो स्टेडियम खाली नजर नहीं आए. आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, 'हमने एनसीआर क्षेत्र के स्कूलों में करीब 27 हजार टिकट बांटे हैं. यही नहीं, हम उन्हें पिक-ड्रॉप सुविधा भी उपलब्ध कराएंगे. हमारे लिए यह शर्मनाक स्थिति होगी कि मैच के दौरान स्टेडियम खाली नजर आए.' इस बीच, 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के लिए एक बुरी खबर है. संस्था ग्रीनपीस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि टूर्नामेट के दौरान देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में आने वाले स्थानों पर हवा की खराब गुणवत्ता के कारण खिलाड़ियों और दर्शकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है. प्रतियोगिता में 24 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और इसके मैच नई दिल्ली, मुंबई, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी और कोलकाता में आयोजित होंगे.
वीडियो: नेमार के गोल से ब्राजील ने ओलिंपिक का गोल्ड जीता ग्रीनपीस ने कहा है कि ये छहों शहर वायु प्रदूषण के लिहाज से खतरनाक शहरों के श्रेणी में आते हैं. वैसे उन्होंने नई दिल्ली में इस तरह का खतरा सबसे अधिक बताया है. रिपोर्ट में चेतावनी के लहजे में कहा गया है कि इस टूर्नामेंट के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर वर्ष 2008 में चीन के बीजिंग शहर में होने वाले ओलिंपिक खेलों के स्तर से भी ज्यादा खराब हो सकता है. यह टूर्नामेंट अक्टूबर माह में दीपावली के पहले आयोजित हो रहा है. दीपावली पर्व के दौरान चलने वाली आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण बढ़ जाता है. प्रदूषण के खतरे को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में आखिरी मैच 16 अक्टूबर को रखा गया है. इसके बाद के मैच शेष पांच स्थानों पर आयोजित होंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वीडियो: नेमार के गोल से ब्राजील ने ओलिंपिक का गोल्ड जीता ग्रीनपीस ने कहा है कि ये छहों शहर वायु प्रदूषण के लिहाज से खतरनाक शहरों के श्रेणी में आते हैं. वैसे उन्होंने नई दिल्ली में इस तरह का खतरा सबसे अधिक बताया है. रिपोर्ट में चेतावनी के लहजे में कहा गया है कि इस टूर्नामेंट के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर वर्ष 2008 में चीन के बीजिंग शहर में होने वाले ओलिंपिक खेलों के स्तर से भी ज्यादा खराब हो सकता है. यह टूर्नामेंट अक्टूबर माह में दीपावली के पहले आयोजित हो रहा है. दीपावली पर्व के दौरान चलने वाली आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण बढ़ जाता है. प्रदूषण के खतरे को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में आखिरी मैच 16 अक्टूबर को रखा गया है. इसके बाद के मैच शेष पांच स्थानों पर आयोजित होंगे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
FIFA U-17 World Cup, Tickets, Air Pollution