सरदार सिंह को देश ही नहीं, दुनिया भर के श्रेष्ठ मिडफील्डर्स में शुमार किया जाता है (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
हॉकी इंडिया (एचआई) ने सोमवार को एसवी सुनील और दीपिका का नाम अर्जुन अवार्ड के लिए, आरपी सिंह और सुमराई टेटे का नाम ध्यानचंद अवार्ड के लिए और कोच संदीप सांगवान तथा रोमेश पठानिया का नाम द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए नामांकित किया है. हॉकी टीम के पूर्व कप्तान मिडफील्डर सरदार सिंह का नाम एचआई ने खेल रत्न अवार्ड के लिए भेजा है.
आरपी सिंह ने 1986 और 1990 के वर्ल्डकप में देश का प्रतिनिधित्व किया था. भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान और कोच समुराई टेटे राष्ट्रमंडल खेल-2002 में मैनचेस्टर में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं. इस मौके पर एचआई के सचिव मोहम्मद मुश्ताक एहमद ने कहा, "हम अवार्ड के लिए उन खिलाड़ियों का नाम भेज कर खुश हैं, जिन्होंने देश और विदेशों में भी अपने वतन का नाम रोशन किया है तथा अपने खेल से सभी को प्रभावित किया है. अपने जुनून और प्रतिबद्धता से इन खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित किया है. मेरा मानना है कि यह सभी इस सम्मान के हकदार हैं."
सरदार ने 2003-2004 में भारतीय जूनियर टीम के पोलैंड दौरे पर टीम में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने सीनियर टीम में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेला. सरदार को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ की 2010 और 2011 टीम में जगह भी मिली थी. सुल्तन अजलान शाह कप-2008 में उन्होंने जब देश की कप्तानी की तो वह देश के सबसे युवा कप्तान बने. 2012 में उन्हें अर्जुन अवार्ड और 2015 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया. इसी तरह हालिया दौर में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जो सफलता पाई है उसमें सुनील ने अहम रोल अदा किया है. उन्होंने 2007 में एशिया कप से अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था. सुनील को 2016 में एशिया के साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिल चुका है.
दीपिका का अंतर्राष्ट्रीय करियर लगभग एक दशक का है. उन्होंने देश की तरफ से राष्ट्रमंडल खेलों, वर्ल्डकप, रियो ओलिंपिक-2016 जैसे बड़े आयोजनों में हिस्सा लिया है. पिछले साल एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम में दीपिका भी शामिल थीं. धर्मवीर सिंह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे. इसके अलावा वह राष्ट्रमंडल खेलों-2014 में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी अहम हिस्सा रहे.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आरपी सिंह ने 1986 और 1990 के वर्ल्डकप में देश का प्रतिनिधित्व किया था. भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान और कोच समुराई टेटे राष्ट्रमंडल खेल-2002 में मैनचेस्टर में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं. इस मौके पर एचआई के सचिव मोहम्मद मुश्ताक एहमद ने कहा, "हम अवार्ड के लिए उन खिलाड़ियों का नाम भेज कर खुश हैं, जिन्होंने देश और विदेशों में भी अपने वतन का नाम रोशन किया है तथा अपने खेल से सभी को प्रभावित किया है. अपने जुनून और प्रतिबद्धता से इन खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित किया है. मेरा मानना है कि यह सभी इस सम्मान के हकदार हैं."
सरदार ने 2003-2004 में भारतीय जूनियर टीम के पोलैंड दौरे पर टीम में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने सीनियर टीम में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेला. सरदार को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ की 2010 और 2011 टीम में जगह भी मिली थी. सुल्तन अजलान शाह कप-2008 में उन्होंने जब देश की कप्तानी की तो वह देश के सबसे युवा कप्तान बने. 2012 में उन्हें अर्जुन अवार्ड और 2015 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया. इसी तरह हालिया दौर में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जो सफलता पाई है उसमें सुनील ने अहम रोल अदा किया है. उन्होंने 2007 में एशिया कप से अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था. सुनील को 2016 में एशिया के साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिल चुका है.
दीपिका का अंतर्राष्ट्रीय करियर लगभग एक दशक का है. उन्होंने देश की तरफ से राष्ट्रमंडल खेलों, वर्ल्डकप, रियो ओलिंपिक-2016 जैसे बड़े आयोजनों में हिस्सा लिया है. पिछले साल एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम में दीपिका भी शामिल थीं. धर्मवीर सिंह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे. इसके अलावा वह राष्ट्रमंडल खेलों-2014 में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी अहम हिस्सा रहे.
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