- कपिल सिब्बल ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से केसरिया किए जाने को निचला स्तर बताया
- भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें आगामी FIH वर्ल्ड कप में पारंपरिक नीली जर्सी की जगह केसरिया जर्सी पहनेंगी
- हॉकी इंडिया ने कहा कि केसरिया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया किए जाने की आलोचना करते हुए इसे "एक और निचला स्तर" बताया. उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया. बता दें कि अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले FIH वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीली जर्सी के बजाय केसरिया जर्सी में नजर आएंगी. पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं, हालांकि हॉकी इंडिया ने तकनीकी जरूरत बताते हुए इसका बचाव किया है.
हॉकी टीम की केसरिया जर्सी पर सवाल
कपिल सिब्बल ने एक्स पर लिखा, "FIH हॉकी वर्ल्ड कप: टीमों की पारंपरिक नीली जर्सी केसरिया हो गई. न तो हॉकी इंडिया के अध्यक्ष को और न ही कार्यकारी बोर्ड को इसकी जानकारी थी. उन्होंने कहा तर्क- अगर जर्सी केसरिया होगी, तो मन भी केसरिया हो सकता है, एक और निचला स्तर, जो पहले कभी नहीं देखा गया.
FIH Hockey World Cup :
— Kapil Sibal (@KapilSibal) August 1, 2026
Teams traditional :
Blue Jersey
Turns Saffron !
Neither the Hockey India President nor the Executive Board knew
Logic :
If the jersey is saffron
The mind may turn saffron !
Another low
Not seen before !
जर्सी का रंग बदलने के पीछे की वजह
बता दें कि हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेजों पर नई जर्सी की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि इसका डिजाइन और रंग "एक कहानी बताने" और "भारत का गौरव" दिखाने के लिए है. इसे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया है. हॉकी इंडिया ने कहा कि केसरिया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है. उनके इस फैसले के पीछे किसी भी तरह का बाहरी दबाव नहीं था.
जर्सी का रंग क्यों बदला? हॉकी इंडिया ने बताया
उन्होंने एक बयान में कहा कि यह देखा गया कि नीली प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सरफेस (जो अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है) के साथ घुल-मिल जाती थी. इसका असर खिलाड़ियों के लिए मैदान पर साफ तौर पर देखने और समझने की क्षमता पर पड़ता था. बता दें कि यह बयान विरेन रासकिन्हा जैसे पूर्व कप्तानों ने इस कदम के पीछे के तर्क पर सवाल उठाने के बाद आया.
पूर्व अधिकारियों ने भी की आलोचना
वहीं, हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप टिर्की ने कहा कि यह फैसला उनकी जानकारी के बिना लिया गया. इसके उलट, सेक्रेटरी भोला नाथ सिंह ने कहा कि इस बदलाव के बारे में सभी अधिकारियों को पता था. बता दें कि हॉकी इंडिया के इस कदम की वासुदेवन भास्करन, विरेन रासकिन्हा, अजीत पाल सिंह और परगट सिंह जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने भी कड़ी आलोचना की. सभी ने ऐसे कदम के पीछे के तर्क पर सवाल उठाए, जिससे दशकों में बनी टीम की पहचान पर असर पड़ सकता है.
इनपुट- पीटीआई
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