जापान पहुंचते ही भारतीय खेमे में कई टीमों को पहले रहने, खाने और ट्रान्सपोर्ट की मुश्किलें पेश आईं थीं, जिसमें रोइंग टीम भी एक थी. भारतीय रोइंग टीम के लिए सोमवार की शाम और भी बड़ी मुश्किल सामने आ गई जब रोइंग के एथलीटों ने बगावत कर दी और प्रतियोगिता की ट्रेनिंग में उतरने से मना कर दिया. लेकिन क़रीब घंटे भर पहले रोइंग के अधिकारियों और कोच ने आख़िरकार अपनी टीम को प्रतियोगिता और ट्रेनिंग के लिए नावों में उतरने को तैयार कर लिया.
खिलाड़ियों ने क्यों की बगावत?
दरअसल रोइंग की प्रतियोगिता पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक चार दिनों की होनी थी. लेकिन ‘दुजुआन' तूफ़ान की वजह से चार दिनों की प्रतियोगिता को दो दिनों में कर दिया गया.
जापान के अधिकारियों ने मैनेजर्स मीटिंग में एशिया की सभी क़रीब 20 से कहा कि वो उन्हें फिर से टीमों की एंट्री लिस्ट दे. भारतीय टीम के खिलाड़ियों के नाम में भी फेरबदल किये गये. लेकिन इसे लेकर खिलाड़ी भड़क गए और उन्होंने ट्रेनिंग में जाने से मना कर दिया.
रोइंग की प्रतियोगिता क्यों की गई छोटी?
नागोया से NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए रोइंग फ़ेडरेशन के अध्यक्ष बालाजी मरडपा ने कहा, “जापान में तूफ़ान की वजह से रोइंग का कोर्स तैयार नहीं था. वो अब जाकर तैयार हो पाया है. इसलिए उन्होंने 4 दिन का इवेंट 2 दिनों में कर दिया और सभी टीमों में बदलाव की लिस्ट देने को कहा. मैनेजर्स मीटिंग में हमें ये फ़ैसला अचानक लेना पड़ा.”
टीमों में क्यों और कैसे हुआ बदलाव?
NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए रोइंग फ़ेडरेशन के अध्यक्ष बालाजी मरडपा बताते हैं कि रोइंग में ये सबकुछ टेस्ट मैच की जगह वनडे मैच खेलने जैसी बात है. इसलिए टीमों में फेरबदल ज़रूरी है. वो ये भी कहते हैं कि रोइंग एन्ड्यूरेंस का खेल है, जिसमें दमखम की ज़रूरत है. बालाजी कहते हैं कि उन्होंने ये फ़ैसला अपने ऑस्ट्रेलियाई कोच एंथनी पैटरसन की सलाह पर लिया है.
NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए बालाजी बताते हैं, “कोच एंथनी पैटरसन बहुत ही अनुभवी हैं और उनकी अगुआई में हमने इसी साल वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया और यहां भी गोल्ड की उम्मीद कर रहे हैं. कोच एंथनी पैटरसन को जापान में क़रीब 7 साल का अनुभव है. वो यहां के हालात अच्छी तरह समझते हैं और टीम की ताक़त को भी जानते हैं. उनकी सलाह पर ही बदलाव किये गये.”
रोइंग प्रेसीडेंट बालाजी कहते हैं, “आख़िरकार ये खिलाड़ी हमारे बच्चे ही हैं. मैंने खुद रोइंग की है. मैंने उन्हें समझाया और वो आज ट्रेनिंग कर रहे हैं. मैं NDTV को ट्रेनिंग करते हुए बच्चों की वीडियो भेज रहा हूं.”
रोइंग से गोल्ड की उम्मीद
भारतीय रोइंग टीम में एशियाड में अबतक 2 गोल्ड, 7 सिल्वर, 19 ब्रॉन्ज़ समेत कुल 28 मेडल जीते हैं. ऑस्ट्रेलियाई कोच और युवा टीम के साथ रोइंग से इस बार गोल्ड मेडल की भी उम्मीद की जा रही है. भारत के लिए 2010 में बजरंग लाल ठक्कर (सिंगल स्कल्स) ने और 2018 में सवर्ण सिंह, दत्तु बाबन भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह की टीम ने क्वार्ड्रपल स्कल इवेंट में गोल्ड जीता था.
यह भी पढ़ें: धोनी ने सुझाया नाम, CSK ने सौंप दी कमान, जहीर खान के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या?
यह भी पढ़ें: 'यह बहुत ही खतरनाक संयोजन होने जा रहा', जापान मैच से पहले वॉशिंगटन की वैभव पर 'सुंदर' भविष्यवाणी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं