सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बगड़ियों का बास में एक ही साल में मां-बेटी ने ऐसी दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की है, जिनकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है. बेटी अभिलाषा चौधरी ने NEET-UG 2026 में 1019वीं रैंक प्राप्त की है. मां सुमन चौधरी स्कूल में लेक्चरर बन गईं. एक ही परिवार में मिली इन दो सफलताओं से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
नीट में 1019वीं रैंक हांसिल की
अभिलाषा का पिछले साल सरकारी मेडिकल कॉलेज, बांसवाड़ा में एडमिशन हो रहा था, लेकिन बेहतर कॉलेज के लिए प्रवेश नहीं लिया. इसके बाद उन्होंने तैयारी की. NEET-UG 2026 में 1019वीं रैंक हांसिल की. अभिलाषा की मां सुमन चौधरी ने भी राजस्थान स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में हिंदी विषय से 113वीं रैंक प्राप्त की. मां अप्रैल 2026 में लेक्चरर बनीं. यह उनका सरकारी सेवा में तीसरा चयन है. इससे पहले वर्ष 2017 में लेवल-2 और 2019 में लेवल-1 शिक्षक के रूप में भी उनका चयन हो हुआ था.
नियमित पढ़ाई से मिली सफलता
अभिलाषा ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट और अनुशासित तैयारी को दिया. सुमन चौधरी ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ लगातार पढ़ाई जारी रखकर यह साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती.
परिवार में दादा भी शिक्षक
परिवार के मुखिया मनोज कुमार बगड़िया सरकारी अध्यापक हैं, जबकि दादा ओमप्रकाश बगड़िया रिटायर्ड शिक्षक हैं. चाची प्रियंका सरकारी अध्यापिका और चाचा सुभाष दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं. पूरे परिवार में शिक्षा को केवल पेशा नहीं, बल्कि संस्कार और जीवन का आधार माना जाता है.
मां-बेटी की यह दोहरी सफलता आज युवाओं और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणा बन गई है. यह कहानी बताती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ हर सपना हकीकत में बदला जा सकता है.
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