राजस्थान में रिश्वतखोरों और भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की लगातार कार्रवाई चल रही है. सोमवार को राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में एसीबी ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई की है. एसीबी ने सहायक कलेक्टर के ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है, जिसने जमीन से जुड़े विवाद एक मामले में परिवादी के पक्ष में आदेश जारी करवाने के लिए रिश्वत की डील की थी. जिसके बाद अब एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई करते हुए ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया.
पक्ष में आदेश के लिए मांगी रिश्वत
ACB अलवर प्रथम टीम ने खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर में सहायक कलेक्टर (ACM) के संविदा चालक गजेन्द्र सिंह को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. मामला जमीन बंटवारे की कुरेजात रिपोर्ट से जुड़े एक प्रार्थना पत्र पर पक्ष में आदेश जारी करने से संबंधित है. परिवादी के चाचा की भूमि बंटवारे का प्रकरण मुंडावर एसीएम न्यायालय में विचाराधीन था.
तहसीलदार द्वारा भेजी गई कुरेजात रिपोर्ट से असंतुष्ट परिवादी ने मौके के अनुसार, नई रिपोर्ट मंगवाने के लिए 17 जुलाई को प्रार्थना पत्र दिया था. सुनवाई न होने पर परिवादी 14 अगस्त को एसीएम मनीष जाटव से मिला. आरोप है कि एसीएम ने उसे अपने चालक गजेन्द्र सिंह से बात करने को कहा. गजेन्द्र ने आदेश जारी करने के बदले 50,000 रुपये रिश्वत मांगी.

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ACM के नाम पर मांगा 50 हजार रुपये
एसीबी सत्यापन के दौरान गजेन्द्र ने एसीएम (ACM) के नाम पर 50 हजार और खुद के लिए 5 हजार रुपये की मांग की. उसने सत्यापन के समय ही परिवादी से 15 हजार रुपये ऐंठ लिए थे. जिसके बाद एसीबी डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाकर आरोपी गजेन्द्र सिंह को परिवादी से बकाया राशि में से 25,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया.
एसीबी के अनुसार मामले में संविदा चालक के साथ-साथ संबंधित अधिकारी की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है. एसीबी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
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