कोटा में चंबल नदी अब सिर्फ शहर की पहचान ही नहीं, बल्कि वाइल्डलाइफ टूरिज्म का भी बड़ा केंद्र बनती जा रही है. चंबल में एक बार फिर दुर्लभ माने जाने वाले ऊदबिलावों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से सटे चंबल के इलाके में ऊदबिलावों की मौजूदगी वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है. खास बात यह है कि कैमरे में ऊदबिलाव अपने बच्चों को शिकार करने की ट्रेनिंग देते हुए भी कैद हुए हैं. मानसून में चंबल की कराइयों से गिरते झरने और नदी किनारे नजर आते वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण को और बढ़ा रहे हैं. दरअसल, चंबल नदी का साफ पानी और शांत वातावरण अब वन्यजीवों के लिए भी अनुकूल साबित हो रहा है. यही वजह है कि चंबल में ऊदबिलावों की मौजूदगी लगातार नजर आ रही है. कभी दुर्लभ माने जाने वाले इन जलीय जीवों की बढ़ती संख्या ने वन्यजीव प्रेमियों को उत्साहित किया है.

चंबल के पास के पहाड़ी इलाके ऊदबिलावों के अनुकूल हैं
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बढ़ रही है ऊदबिलावों की संख्या
लंबे समय से ऊदबिलावों में दिलचस्पी ले रहे वन्यजीव विशेषज्ञ ए एच जैदी का कहना है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है जो पर्यटन के लिए काफी अच्छी बात है क्योंकि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर उनकी तस्वीरें लेने चंबल के पास जुटने लगे हैं.
जानकारों ने उम्मीद जताई कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो बहुत जल्द ऊदबिलावों की संख्या बढ़कर दोगुने से भी अधिक हो जाएगी. उन्होंने बताया कि अभी यहां उनकी संख्या करीब 20 है जो 50 तक हो सकती है क्योंकि चंबल नदी के पास का इलाका प्रजनन के लिए भी अनुकूल है.
चंबल के लिए अच्छा संकेत
वहीं वन्य जीव शोधकर्ता जुनैद बताते हैं कि चंबल में ऊदबिलावों का रहना नदी के जलीय इकोसिस्टम और पानी की गुणवत्ता के लिए भी सकारात्मक संकेत है. ने कहा,"ऊदबिलावों के बसने के लिए यह अच्छा माहौल है क्योंकि वे फ्रेशवाटर में मछलियों का शिकार करते हैं. हाल में देखा गया है कि वे अपने बच्चों को भी शिकार करना सीखा रहे हैं. यह दिखाता है कि ऊदबिलाव चंबल के लिए बहुत अच्छा संकेत है कि यहां का पानी बहुत साफ है."

ऊदबिलावों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है
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पर्यटन के लिए उत्साहजनक
मानसून के दौरान चंबल की खूबसूरती और भी बढ़ गई है. नदी की कराइयों में जगह-जगह बन रहे प्राकृतिक झरने लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. वहीं मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के चंबल वाले हिस्से में वन्यजीवों की मौजूदगी वाइल्डलाइफ टूरिज्म के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है. कोटा में वाटर सफारी के साथ जंगल और वाइल्डलाइफ सफारी को पर्यटन की नई पहचान के तौर पर विकसित किया जा रहा है. वन विभाग भी वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहा है. ऐसे में चंबल में ऊदबिलावों की बढ़ती संख्या पर्यटकों के लिए एक और खास आकर्षण बन सकती है.
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