AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. आईटी से लेकर एजुकेशन सेक्टर तक में AI यूज किया जा रहा है. AI की वजह से काफी नौकरियां भी जा रही हैं. लेकिन, अब Microsoft के संस्थापक Bill Gates ने इसको लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि इंसान आने वाले वर्षों में AI जो बदलाव ला सकता है, उसके लिए अभी तैयार नहीं हैं.
उनका कहना है कि AI की वजह से तेजी से होने वाले बदलाव के लिए दुनिया को अभी से तैयारी शुरू करनी होगी. उनके मुताबिक इसका असर नौकरियों, सरकारों, कारोबार और यहां तक कि इंसानी रिश्तों पर भी पड़ सकता है. अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट ‘The turbulent AI era is here. The choices we make now are critical' में Gates ने AI से मिलने वाले फायदे और उससे जुड़े खतरों पर बात की है.
उन्होंने AI के दौर में बदलाव को मानव इतिहास के सबसे उथल-पुथल वाले दौर में से एक बताया है. Gates मानते हैं कि AI डॉक्टरों और शिक्षकों की मदद करने, खेती को बेहतर बनाने और सरकारी सेवाओं में सुधार लाने जैसी कई चीजें कर सकता है. लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि समाज अभी उस बड़े बदलाव के लिए तैयार नहीं है, जो यह तकनीक ला सकती है.
गेट्स ने AI से मानवता को होने वाले बड़े खतरों के बारे में दी चेतावनी
गेट्स के मुताबिक AI में बदलाव के साथ तीन बड़े खतरे जुड़े हैं, जिनमें सबसे पहला है नौकरियों का जाना है. उनका कहना है कि AI का असर सिर्फ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा. AI कानून, कस्टमर सर्विस, मेडिसिन, सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी इंसानों का काम संभाल सकता है. गेट्स ने अपने ब्लॉग में लिखा कि इन इंडस्ट्रीज पर इसका असर कुछ जनरेशन में नहीं, बल्कि एक दशक के भीतर तेजी से दिखाई देगा.
उनके मुताबिक AI के दौर में एंट्री-लेवल और मिड-लेवल नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में हैं. वहीं, AI की वजह से पैदा होने वाली कई नई नौकरियों के लिए ऐसी स्किल्स की जरूरत होगी, जिन्हें सीखने में कई साल लग सकते हैं. गेट्स को उम्मीद है कि AI सेल्स और कस्टमर सपोर्ट, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, पैरालीगल काम, कानून, मेडिसिन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. उनका कहना है कि नई नौकरियां जरूर पैदा होंगी, लेकिन सही नीतियां नहीं बनाईं गईं तो उनकी संख्या आज की नौकरियों के मुकाबले काफी कम हो सकती है.
गेट्स के मुताबिक AI का असर सिर्फ दफ्तरों में काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा. उनका मानना है कि इस दशक के अंत तक ‘स्मार्ट' रोबोट निर्माण और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में कुछ फिजिकल कामों के लिए इंसानों से मुकाबला करना शुरू कर सकते हैं. उनके अनुसार, AI से होने वाले बदलाव की रफ्तार ही भविष्य को ज्यादा चिंताजनक बनाती है.
युवाओं की नौकरियों को लेकर Gates चिंतित
बिल गेट्स ने खास तौर पर उन युवाओं को लेकर चिंता जताई है, जो आने वाले समय में पहली बार नौकरी की तलाश में उतरेंगे. उनका कहना है कि AI के दौर में एंट्री-लेवल नौकरियों के मौके कम हो सकते हैं.उनके मुताबिक AI के ज्यादा सक्षम होने के साथ युवा लोगों के लिए करियर की पहली शुरुआत करना मुश्किल हो सकता है. इससे उन्हें काम का अनुभव हासिल करने और अपने से ज्यादा अनुभवी लोगों से सीखने के कम मौके मिलेंगे.
AI से साइबर खतरे बढ़ने की भी चेतावनी
उनकी दूसरी बड़ी चिंता ये है कि AI मौजूदा डिजिटल खतरों को और ज्यादा ताकतवर बना सकता है. उन्होंने फ्रॉड, डीपफेक, गलत जानकारी और साइबर हमलों जैसे खतरों का जिक्र किया है. AI के ज्यादा सक्षम होने के साथ इन खतरों को रोकना और मुश्किल हो सकता है. उन्होंने इस बात की भी चिंता जताई है कि सरकारें शक्तिशाली AI सिस्टम का गलत या खतरनाक इस्तेमाल कर सकती हैं. उनके मुताबिक गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथ में भी AI के पावरफुल नए टूल आ जाएंगे.
AI के बदलाव से निपटने के लिए प्लान जरूरी
हालांकि, बिल गेट्स दुनिया से AI की रफ्तार कम करने की मांग नहीं कर रहे हैं. उनका मानना है कि AI डॉक्टरों और शिक्षकों की मदद करने से लेकर सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने तक बड़े फायदे दे सकता है. लेकिन वह चाहते हैं कि नीति बनाने वाले लोग AI से होने वाले संभावित नुकसान से निपटने के लिए पहले से तैयारी करें.
उन्होंने कहा कि AI में बदलाव को मैनेज करने के लिए एक प्लान जरूरी है, क्योंकि बदलाव इतनी तेजी से हो सकते हैं कि समाज के लिए उनके साथ तालमेल बिठाना मुश्किल हो जाए. उन्होंने कुछ ऐसी नौकरियों को इंसानों के लिए सुरक्षित रखने का सुझाव भी दिया है, जिनमें सहानुभूति और इंसानी जुड़ाव की जरूरत होती है. उन्होंने इसके लिए “Human Reserved” का विचार रखा है.
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