- डीग पहुंचीं IG प्रीति चंद्रा, साइबर अपराधियों को दी कड़ी चेतावनी
- गांव-गांव साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
- थानों के निरीक्षण के दौरान IG ने सुनी लोगों की शिकायतें
भरतपुर रेंज की महानिरीक्षक पुलिस (आईजी) डॉ. प्रीति चंद्रा ने शुक्रवार को डीग जिले का दौरा कर पुलिस कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने जुरहरा, गोपालगढ़ और कैथवाड़ा थानों का निरीक्षण किया तथा देर शाम तक परिवादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. आईजी ने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए. जिले में बढ़ते साइबर अपराध को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पुलिस को जागरूकता अभियान तेज करने और युवाओं को साइबर ठगी के खतरों से अवगत कराने के निर्देश भी दिए.
थानों का निरीक्षण, फरियादियों से किया संवाद
डीग दौरे के दौरान आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा ने जुरहरा, गोपालगढ़ और कैथवाड़ा थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने रिकॉर्ड, लंबित मामलों और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की. थानों में पहुंचे फरियादियों से भी उन्होंने सीधे बातचीत की और उनकी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. आईजी ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और पुलिस को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए.
साइबर अपराध रोकने के लिए गांव-गांव जाएगी पुलिस
डीग और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए आईजी ने कहा कि केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है. लोगों को जागरूक बनाना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि गांव-गांव साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए. विशेष रूप से युवाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल और डिजिटल फ्रॉड के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें. साथ ही ग्रामीणों और बुजुर्गों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया.
कैथवाड़ा थाने में उठा थाना प्रभारी का मुद्दा
कैथवाड़ा थाने के निरीक्षण के दौरान सरपंच प्रतिनिधि नोमान ने थाना प्रभारी सीआई ताराचंद को हटाने की मांग रखी. उन्होंने थाना प्रभारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. आईजी प्रीति चंद्रा ने उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना और मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव पुलिस अधिकारियों के सामने रखे.
‘गलत पैसा कभी टिकता नहीं'
साइबर अपराध के मुद्दे पर बोलते हुए आईजी प्रीति चंद्रा ने लोगों को एक भावनात्मक और सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि गलत तरीके से कमाया गया पैसा कभी स्थायी नहीं होता और वह किसी न किसी परेशानी या बीमारी में खर्च हो जाता है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति ने कैंसर के इलाज के लिए पैसे बचाकर रखे हों या किसी ने अपनी बेटी या बहन की शादी के लिए रकम जमा की हो और कोई साइबर ठग वह पैसा निकाल ले, तो यह न केवल अपराध है बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है.
समाज की भागीदारी जरूरी
आईजी ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस नहीं जीत सकती. इसके लिए समाज की भागीदारी भी जरूरी है. उन्होंने युवाओं से साइबर अपराध से दूर रहने और ईमानदारी से जीवनयापन करने का संदेश दिया. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन लेनदेन, फर्जी लिंक या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
साइबर ठगों पर कसेगा शिकंजा
दौरे के दौरान आईजी का स्पष्ट संदेश था कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और अधिक सख्त की जाएगी. पुलिस स्तर पर निगरानी बढ़ाने के साथ जागरूकता अभियान को भी व्यापक बनाया जाएगा, ताकि डीग जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके.
यह भी पढ़ें : 12 पटवारी सस्पेंड, 137 को नोटिस; स्वामित्व योजना के विरोध पर IAS प्रतिभा पाल का एक्शन, सागर कलेक्टर की दाे टूक
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं