राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के गांव 6एच पतरोड़ा में बीती रात ग्रामीणों के लिए बड़ी स्क्रीन पर पंजाबी फिल्म ‘सतलुज' का विशेष प्रदर्शन किया गया. यह फिल्म हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद विवादों में है. फिल्म प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और आयोजन के बाद उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध हटाने की मांग की.
ग्रामीणों ने फिल्म की तारीफ की
ग्रामीणों ने बताया कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और 1990 के दशक में कथित रूप से लापता लोगों के मामलों को उजागर करने के उनके संघर्ष पर आधारित है. फिल्म दिखाने का उद्देश्य युवाओं को न्याय, सच और मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना था. ग्रामीणों ने फिल्मी तारीफ की.
फिल्म देखने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी फिल्में नई पीढ़ी को इतिहास, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवाधिकारों के महत्व को समझने का अवसर देती हैं. उनका कहना था कि किसी भी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लोगों को उसे देखने और अपनी राय बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए.
Hun Ni Rukni Film
— DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh) July 5, 2026
Khalra Saab Di Avaaz Nu Koi Ni Dabaa Sakda
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दिलजीत ने X पर वीडियो शेयर किया
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर गांव 6एच पतरोड़ा में हुए इस फिल्म प्रदर्शन की तस्वीर साझा की. इसके बाद यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया.
फिल्म के रिलीज पर था विवाद
गौरतलब है कि ‘सतलुज' का नाम पहले ‘Punjab 95' था. फिल्म को 3 जुलाई को बिना पूर्व घोषणा के ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. फिल्म लंबे समय से सेंसर और रिलीज को लेकर विवादों में रही है.
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