खत्म होने पर था विनेश फोगाट का करियर, लेकिन जबरदस्त वापसी कर अब टोक्यो में रच सकती हैं इतिहास

Tokyo Olympic 2020: रियो ओलंपिक (Rio olympics) में विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का मेडल जीतने का सपना उस समय टूट गया था जब रियो ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में चीन की सुन यानान के खिलाफ मैच के दौरान उनका घुटना फ्रैक्चर हो गया था. चोटिल होने के कारण उन्हें ओलंपिक से बाहर होना पड़ा. विनेश के लिए क्वार्टर फाइऩल से वापस अपने घर लौटना किसी बुरे सपने के समान था

खत्म होने पर था विनेश फोगाट का करियर, लेकिन जबरदस्त वापसी कर अब टोक्यो में रच सकती हैं इतिहास

टोक्यो में विनेश रच सकती हैं इतिहास

Tokyo Olympic 2020: रियो ओलंपिक (Rio olympics) में विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का मेडल जीतने का सपना उस समय टूट गया था जब रियो ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में चीन की सुन यानान के खिलाफ मैच के दौरान उनका घुटना फ्रैक्चर हो गया था. चोटिल होने के कारण उन्हें ओलंपिक से बाहर होना पड़ा. विनेश के लिए क्वार्टर फाइऩल से वापस अपने घर लौटना किसी बुरे सपने के समान था. इस बुरे दौरे को विनेश ने चुनौती की तरह लिया और खतरनाक चोट के बाद भी अपने जज्बे को टूटने नहीं दिया. यही कारण है कि एक बार फिर विनेश ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. टोक्यों में विनेश भारत को मेडल जीताकर एक नया इतिहास लिखना चाहेंगी.

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भारत की विनेश फोगट एक ऐसे परिवार से आती हैं, जिनकी कुश्ती की वीरता ने बॉलीवुड में भी छाप छोड़ी और उनको लेकर फिल्म का भी निर्माण किया गया. अब उनके पास टोक्यो ओलंपिक में एक नया अध्याय लिखने का मौका है. शीर्ष क्रम की 53 किग्रा फ्रीस्टाइल पहलवान को 2016 रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में घुटने की चोट के कारण उन्हें स्ट्रेचर पर लेटा कर मैट से बाहर ले जाया गया था. चोट के कारण उनके घुटने की सर्जरी हुई और 5 महीने तक उन्हें पुनर्वास की अवस्था में ही रहना पड़ा था. लेकिन कुछ करने के जज्बे को जिन्दा रखते हुए विनेश ने फिर से मैट में वापसी की और अपने परफॉर्मेंस से साबित कर दिया कि वो भारत को ओलंपिक में मेडल जीता सकती हैं.

विनेश फोगात के जज्बे को सलाम

विनेश ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर और 2019 विश्व चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहते हुए प्रभावशाली वापसी कर सभी को अपने वापसी की सूचना दे दी. 26 वर्षीय महिला पहलवान ने इस साल की सभी चार प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करने के बाद  ओलंपिक में गईं हैं, इसी साल विनेश ने एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण भी अपने नाम करने में सफलता पाई है. 

ओलंपिक में जाने से पहले टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को दिए एक इंटरव्यू में विनेश ने कहा है कि, 'मेरे पास अब एक ओलंपिक खेलने का अनुभव है, मुझे पता है कि क्या उम्मीद करनी है, कैसे तैयारी करनी है और खुद को कैसे संचालित करना है. उन्होंने आगे कहा कि, 'इन सभी असफलताओं ने मुझे मजबूत बनने में मदद की और मुझे लगता है कि मैं मानसिक रूप से अधिक मजबूत एथलीट के तौर पर टोक्यो जा रही हूं, मैंने जो शुरू किया है उसे पूरा करना चाहती हूं."

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फिल्म "दंगल" की कहानी महावीर फोगाट और उनकी दोनों बेटी गीता और बबीता कुमारी के पहलवान बनने और राष्ट्रमंडल चैंपियन बनने पर आधारित है. फिल्म में आमिर खान ने विनेश के चाचा महावीर सिंह फोगट के रूप में अभिनय किया है जिसमें वो गीता और बबीता को पहलवान बनने की ट्रेनिंग देते हैं. 'दंगल' फिल्म 2016 में भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी. विनेश के लिए भी यह फिल्म उतना ही खास है जितना उनकी दोनों बहन गीता और बबीता के लिए. 

परिवार ने मानसिक रूप से मजबूत होने में मदद की
विनेश, जिसे उसके पिता की मृत्यु के बाद उसके चाचा ने गोद लिया था, फिल्म में यह हिस्सा नहीं दिखाया गया था, लेकिन वह रियो दुःस्वप्न से उबरने में मदद करने के लिए भारतीय संघ के साथ-साथ अपने परिवार को श्रेय देती हैं.' यह मुश्किल है, लेकिन अगर आपको शीर्ष स्तर पर एक एथलीट के रूप में प्रदर्शन करना है तो मानसिक रूप से मजबूत होना होगा, ”फोगट ने टोक्यो रवाना होने से पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Naredra Modi) के साथ एक ऑनलाइन बातचीत में कहा.

विनेश ने कहा कि, 'आपको अगले स्तर तक ले जाने के लिए परिवार की बड़ी भूमिका होती है. फेडरेशन और सभी ने मिलकर काम किया है, इसलिए मेरा मानना है कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें निराश न करें.' फोगट ने कहा, 'एक जिम्मेदारी है क्योंकि मुझे वह काम पूरा करना है जो परिवार ने शुरू किया था.'

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महावीर फोगट को उम्मीद, विनेश जीतेगी मेडल


विनेश ने कहा कि, ओलंपिक मेडल हासिल करने का यह सपना पूरा होने पर ही खत्म होगा, देश और परिवार की उम्मीदें हैं. महावीर फोगट ने कहा है कि वह एक पहलवान के रूप में अपनी भतीजी को अपनी बेटियों से भी ज्यादा आदर देते हैं, भारत युवा एथलीट से पीछे हो रहा है क्योंकि देश एक ओलंपिक हीरो के लिए तरस रहा है. '2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज अखिल कुमार को विश्वास है कि वह अच्छा प्रदर्शन कर सकती.' उसने वास्तव में कड़ी मेहनत की है और जीत की हकदार है. फोगट के साथ अपनी बातचीत के अंत में, भारत के प्रधान मंत्री ने मजाक में कहा: "क्या मुझे आप पर भी एक फिल्म की उम्मीद करनी चाहिए?"..

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