सरकारी स्कूल में बच्चे.
- एनडीटीवी की खबर के बाद जागी सरकार
- सरकार ने स्कूलों को व्यवस्था करने का आदेश दिया
- बिजली आपूर्ति में सुधार की व्यवस्था करने के भी आदेश
भोपाल:
मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के अधिकार स्कूल के प्रभारियों को दे दिए हैं. जिस स्कूल में अतिक्रमण कर गृहस्थी सजाई गई थी उसे खाली करवा लिया गया है, आज से उसमें क्लास लगेंगी. स्मार्ट क्लास और हेड स्टार्ट कंप्यूटर केंद्रों के लिए बिजली के लिए फंड की व्यवस्था की जा रही है. केंद्र सरकार भी शिक्षा और स्कूलों की दशा सुधाने की दिशा में काम कर रही है. हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वह टीचरों और बच्चों की उपस्थिति पक्की करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहे हैं.
यह सब मध्य प्रदेश की सरकार ने तब किया है जब एनडीटीवी ने इस संबंध में एक रिपोर्ट दिखाई थी. इस रिपोर्ट में राज्य में स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर को दर्शाया गया था.
यह भी देखें : मध्य प्रदेश में सरकार बना रही है ज्योतिषी, लेकिन स्कूल हैं बदहाल
शिक्षकों की कमी के चलते राज्य में शिक्षा प्रभावित हो रही थी : मध्य प्रदेश के 1.23 लाख स्कूलों में 50000 से भी ज्यादा शिक्षकों की कमी है. बताया जा रहा है कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के इन संस्थानों में शिक्षकों की कमी के चलते राज्य में शिक्षा प्रभावित हो रही थी. जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 17000 हजार ऐसे स्कूल हैं जहां पर केवल एक ही टीचर है.
यह भी देखें : मध्य प्रदेश सरकार डिप्लोमाधारी ज्योतिषी तैयार करेगी
स्कूलों में बिजली की स्थिति भी ठीक नहीं रही. पिछले साल विधानसभा में एक जवाब में सरकार ने कहा था कि राज्य के 100234 स्कूलों में बिजली नहीं है. अब सरकार ने इस ओर भी ध्यान दिया है और बिजली आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास कर रही है.
वीडियो : मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर एनडीटीवी की रिपोर्ट
यह सब मध्य प्रदेश की सरकार ने तब किया है जब एनडीटीवी ने इस संबंध में एक रिपोर्ट दिखाई थी. इस रिपोर्ट में राज्य में स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर को दर्शाया गया था.
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वीडियो : मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर एनडीटीवी की रिपोर्ट
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