MP :पेट्रोल-डीजल पर 'मंत्रीजी' का जवाब सुनते ही कांग्रेस विधायकों का हंगामा, विधानससभा की कार्यवाही स्‍थगित

कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव के सवाल के बाद हंगामा शुरू हुआ. कांग्रेस विधायकों ने वेल में उतरकर शोरगुल शुरू कर दिया. फलस्‍वरूप 12 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

MP :पेट्रोल-डीजल पर 'मंत्रीजी' का जवाब सुनते ही कांग्रेस विधायकों का हंगामा, विधानससभा की कार्यवाही स्‍थगित

मध्‍यप्रदेश: पेट्रोल-डीज़ल की कीमत के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हंगामा किया (फाइल फोटो)

भोपाल :

Madhya Pradesh: पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस (Petrol-Diesel prices) के बढ़ते दामों पर मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा (MP Assembly) में जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव के सवाल के बाद हंगामा शुरू हुआ. कांग्रेस विधायकों ने वेल में उतरकर शोरगुल शुरू कर दिया. फलस्‍वरूप 12 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. दरअसल, ईंधन की कीमतों में वृद्धि को लेकर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया.कांग्रेस MLA मेवाराम जाटव के सवाल के जवाब में वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह कहा कि पेट्रोल डीजल पर टैक्‍स कमलनाथ सरकार में बढ़ाया गया था, हमारी भाजपा सरकार ने तो पिछले कार्यकाल में टैक्‍स कम किया था. इस पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमने क्या किया था यह छोड़िए, आज पूरा देश और प्रदेश महंगाई की मार झेल रहा है हमने इस तरह प्रस्ताव दिया है इस पर तत्काल चर्चा कराई जाए.

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इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष के सदस्य खड़े हो गए और दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए.वाणिज्य कर जंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में पिछले कार्यकाल के दौरान जब  भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार थी तब पेट्रोल पर टैक्स 31% से घटाकर 28% किया था. कमलनाथ सरकार ने 28% से बढ़ाकर इसे 33% कर दिया वहीं आज है. डीजल पर टैक्स हमने 27% से घटाकर 22% और फिर 18% दिया था लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसे 23% कर दिया. वही आज है, हमने टैक्स में वृद्धि नहीं की है. 


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विधानसभा में आज फिर आदिवासी के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में बहस हुई कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने राधा कृष्ण मंदिर कछुआ के पुजारी रविंद्र कुमार शर्मा को नहीं हटाने को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि शुक्रवार की अनुविभागीय अधिकारी नई आई हैं, उन्हें अभी ज्ञान नहीं है इसलिए दबाव में उन्होंने गलत रिपोर्ट दी है. इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि वे आदिवासी समाज से आने वाली लड़की का अपमान कर रहे हैं. पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि लड़कियां बेचारी नहीं होती हैं, वह पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. मंत्री मीना सिंह ने आसंदी से मांग की कि सदस्य से माफी मंगवाई जाए, आदिवासी बेचारे नहीं होते हैं. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया जो कुछ देर तक चलता रहा.