विज्ञापन

दरिंदगी कर प्राइवेट पार्ट में हाथ डाल निकाल ली थी महिला की आंतें, आरोपी को मिला तिहरा आजीवन कारावास

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में हरसूद न्यायालय ने जघन्य दुष्कर्म‑हत्या मामले में आरोपीको बीएनएस धारा 66, 70(1) और 103(1) में तिहरा आजीवन कारावास और कुल 30,000 रुपये का जुर्माना सुनाया.

दरिंदगी कर प्राइवेट पार्ट में हाथ डाल निकाल ली थी महिला की आंतें, आरोपी को मिला तिहरा आजीवन कारावास
  • MP के खंडवा में हरसूद न्यायालय ने जघन्य दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में तिहरा आजीवन कारावास और जुर्माना लगाया
  • पीड़िता की आंतें बाहर निकली हुई मिलीं और घटना के बाद उसकी मृत्यु हो गई, मामले की जांच DNA से पुष्टि हुई
  • अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में नरमी से अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे और समाज पर गलत प्रभाव पड़ेगा

दिल्ली के निर्भया कांड के बाद देशभर में दरिंदगी के मामलों पर तेज, कठोर सजाओं की मांग ने न्याय व्यवस्था को अधिक सख्त संदेश देने की ओर प्रेरित किया. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में हरसूद न्यायालय ने एक जघन्य दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में दोषी को तिहरा आजीवन कारावास (प्रत्येक धारा में उम्रकैद) सुनाने के बाद 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया, यह फैसला पीड़िता और समाज, दोनों के लिए न्याय के दृढ़ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

क्या है मामला

मामला खंडवा जिले के खालवा थाने के रोशनी चौकी क्षेत्र का है. जहां 23 मई 2025 को सूचना मिली कि एक महिला, जो शादी में गई थी, रात से लेकर अगले दिन सुबह तक घर नहीं लौटी. सुबह गांव की एक बुजुर्ग ने उसे एक घर के पीछे खून से सने कपड़ों में लेटा देखा. घर लाने पर पीड़िता ने बताया कि हरिराम उर्फ हरि ने उसके साथ दुष्कर्म किया. परिजनों/अन्य महिलाओं ने देखा कि पीड़िता की आंतें तक बाहर निकली हुई थीं, और कुछ देर बाद उसकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने बीएनएस की धारा 66, 70(1) और 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें डीएनए रिपोर्ट पॉज़िटिव पाई गई.

अदालत का फैसला और जज का तर्क

हरसूद न्यायालय ने आरोपी हरिराम को तीनों धाराओं में दोषी ठहराते हुए कहा कि ऐसे गंभीर व जघन्य अपराध में यदि नरमी बरती जाएगी तो समाज पर इसका सही प्रभाव नहीं पड़ेगा और अपराधियों के हौसले और भी बुलंद होंगे. अदालत ने प्रत्येक धारा में आजीवन कारावास और 10,000‑10,000 के जुर्माने के साथ कुल ‘तिहरा आजीवन कारावास' का आदेश दिया. अर्थात मृत्यु तक जेल में रखने का निर्देश. साथ ही कुल 30,000 का जुर्माना भी लगाया गया.

अभियोजन की दलीलें और जांच की दिशा

अभियोजन पक्ष के वकील जाहिद अहमद के अनुसार, एफआईआर के बाद की जांच में घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और डीएनए मैच ने आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि की. केस डायरी और मेडिकल/फॉरेंसिक सामग्री कोर्ट के समक्ष रखी गई, जिसके आधार पर अदालत ने यह कठोर सज़ा सुनाई.

न्याय के मामले में निर्भया कांड बना मिसाल

दिल्ली के निर्भया कांड के बाद न्यायालयों ने जघन्य लैंगिक अपराधों में निवारक (Deterrent) सज़ा दर्शन को अधिक महत्व दिया है. खंडवा का यह निर्णय भी उसी कठोरता की निरंतरता का संकेत देता है कि जिन मामलों में क्रूरता चरम पर हो, वहां सज़ा भी सख्त से सख्त हो, ताकि समाज में कानून के डर और न्याय की उम्मीद दोनों बने रहें.

लेखक के बारे में
img
निशात मोहम्मद सिद्दीक़ी
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Khandwa Rape Murder Case, Harsud Court Verdict, Triple Life Imprisonment, DNA Report Positive, BNSS Section 66, BNSS 70(1), BNSS 103(1), Madhya Pradesh Court, Woman Victim Case, Hari Ram Convicted
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com