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दिशा सालियान को अस्पताल कौन लेकर गया था? पुलिसकर्मी के बयान में ‘एक लड़की’ का जिक्र, अब उठे कई सवाल

दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत कुछ ही दिनों के अंतर पर हुई थी. इसी वजह से 2020 में दोनों मामलों को लेकर कई तरह की अटकलें और दावे सामने आए थे.

दिशा सालियान को अस्पताल कौन लेकर गया था? पुलिसकर्मी के बयान में ‘एक लड़की’ का जिक्र, अब उठे कई सवाल
दिशा सालियान मौत मामले की जांच में एक नया सवाल सामने आया है.
  • दिशा सालियान को मुंबई के मालाड इलाके से शताब्दी अस्पताल दो लड़कों और एक लड़की ने लेकर आए थे।
  • पुलिसकर्मी के बयान में अस्पताल ले जाने वालों में एक लड़की होने की बात सामने आई है, पर उसकी पहचान अस्पष्ट है।
  • दिशा को अस्पताल लेकर जाने वालों में दो लड़कों के नाम जांच में दर्ज हैं, लेकिन लड़की की भूमिका स्पष्ट नहीं हुई।

दिशा सालियान की मौत के मामले में अब एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने उस रात की घटनाओं को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सवाल है कि दिशा को शताब्दी अस्पताल ले जाने वालों में शामिल वह लड़की कौन थी? दिशा सालियान की मौत 8-9 जून 2020 की रात मुंबई के मालाड इलाके में हुई थी. उसे इलाज के लिए शताब्दी अस्पताल ले जाया गया था, जहां दिशा को मृत घोषित कर दिया गया था. अब जांच से जुड़े एक पुलिसकर्मी के बयान को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि अस्पताल पहुंचाने वालों में एक लड़की भी मौजूद थी.

पुलिसकर्मी के बयान में ‘दो लड़के और एक लड़की'

दावा है कि शताब्दी अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कांस्टेबल संतोष कचिराट गुनगुने का बयान 15 जून 2020 को दर्ज किया गया था. इस बयान में कथित तौर पर डॉक्टर से मिली जानकारी का जिक्र है कि दिशा को अस्पताल ‘दो लड़के और एक लड़की' लेकर आए थे. बयान में इनमें से एक युवक के तौर पर हिमांशु शिखरे की पहचान होने की बात कही गई है.

पुलिस रिकॉर्ड में अलग-अलग जानकारी क्यों?

दिशा के मंगेतर रोहन राय और मामले से जुड़े लोगों के बयानों में अस्पताल ले जाने वालों के तौर पर हिमांशु शिखरे और इंद्रनील वैद्य का उल्लेख मिलता है. बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश में भी रोहन राय के सप्लीमेंट्री स्टेटमेंट का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि दिशा को अस्पताल हिमांशु और इंद्रनील लेकर गए थे.

दूसरी तरफ, पुलिसकर्मी के कथित बयान में दो लड़कों और एक लड़की का उल्लेख होने का दावा किया जा रहा है. वहीं अगर उस रात दिशा को अस्पताल लेकर जाने वालों में कोई लड़की मौजूद थी, तो जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि 

* उसका नाम क्या था?
* वह दिशा के साथ कैसे पहुंची?
* वह घटनास्थल से अस्पताल गई थी या रास्ते में साथ जुड़ी?
* क्या पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया?
* क्या उसका मोबाइल नंबर या लोकेशन रिकॉर्ड जांचा गया?
* क्या अस्पताल में मौजूद CCTV से उसकी पहचान की गई?

शताब्दी अस्पताल का CCTV अब अहम सवाल

इस पूरे मामले में अस्पताल के CCTV फुटेज की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. अगर अस्पताल के प्रवेश द्वार, पार्किंग या इमरजेंसी एरिया के CCTV फुटेज उपलब्ध थे, तो उनसे यह पता चल सकता है कि दिशा को कौन लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे.

यह भी देखा जा सकता है कि 

कौन सी गाड़ी अस्पताल पहुंची?
गाड़ी से कौन-कौन लोग उतरे?
दिशा को अस्पताल के अंदर कौन लेकर गया?
क्या कोई महिला उनके साथ थी?

यही वजह है कि अब सवाल उठ रहा है कि क्या उस समय का CCTV पुलिस ने सुरक्षित किया था? अगर किया था तो वह जांच रिकॉर्ड में कहां है? और अगर CCTV उपलब्ध नहीं था, तो इसकी वजह क्या थी? इन सवालों का जवाब जांच एजेंसी के रिकॉर्ड और दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकता है.

‘राधिका नेहलानी' को लेकर भी दावा

अब सोशल मीडिया और कुछ लोगों की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि शताब्दी अस्पताल में दिशा के साथ मौजूद बताई जा रही लड़की राधिका नेहलानी हो सकती हैं. यह भी दावा किया जा रहा है कि राधिका नेहलानी वही महिला थीं, जिनका नाम सुशांत सिंह राजपूत मामले से जुड़े कुछ वीडियो और चर्चाओं में सामने आया था.

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

राधिका नेहलानी का नाम 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वायरल हुए कुछ वीडियो को लेकर सोशल मीडिया चर्चाओं में आया था. कुछ रिपोर्टों में उन्हें सुशांत से जुड़ी PR प्रोफेशनल/असिस्टेंट के तौर पर बताया गया था. इसलिए सिर्फ समानता या सोशल मीडिया के दावे के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शताब्दी अस्पताल वाली महिला वही थीं.

क्या सुशांत केस से कोई कनेक्शन था?

दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत कुछ ही दिनों के अंतर पर हुई थी. इसी वजह से 2020 में दोनों मामलों को लेकर कई तरह की अटकलें और दावे सामने आए थे. मुंबई पुलिस ने उस समय दोनों मामलों के बीच किसी संबंध से इनकार किया था. अब CBI जांच के दौरान यह अलग से सत्यापित किया जा सकता है कि शताब्दी अस्पताल में मौजूद बताई जा रही महिला कौन थी और क्या उसका सुशांत मामले से कोई वास्तविक संबंध था.

परमबीर सिंह और पुलिस अधिकारियों से संबंध का दावा

कुछ लोगों की ओर से राधिका नेहलानी को तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और पुलिस अधिकारी अभिषेक त्रिमुखे से जोड़ने के दावे भी किए जाते रहे हैं. लेकिन इन दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता. इनकी पुष्टि के लिए ठोस दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, CCTV या अन्य जांच सामग्री की जरूरत होगी. इसलिए इस स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण सवाल किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि पहले उस महिला की पहचान करना और फिर उपलब्ध सबूतों के आधार पर उसके संबंधों की जांच करना है.

CBI के सामने अब कई सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिशा सालियान मामले की जांच CBI के पास पहुंच चुकी है. 14 सितंबर 2026 को CBI ने FIR दर्ज की है.  ऐसे में शताब्दी अस्पताल से जुड़ा यह पहलू भी जांच के दायरे में आ सकता है.

CBI के सामने अहम सवाल 

1. दिशा को शताब्दी अस्पताल कौन लेकर गया था?
2. क्या उस रात अस्पताल में कोई लड़की भी मौजूद थी?
3. अगर हां, तो उसकी पहचान क्या थी?
4. क्या उसका बयान पुलिस ने दर्ज किया था?
5. शताब्दी अस्पताल का CCTV फुटेज उपलब्ध है या नहीं?
6. अस्पताल पहुंचने और वहां से निकलने वालों की फुटेज क्या बताती है?
7. क्या कथित ‘मिस्ट्री गर्ल' का मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड उपलब्ध है?
8. क्या उसका दिशा, हिमांशु शिखरे, इंद्रनील वैद्य या अन्य लोगों से कोई संपर्क था?
9. क्या उसका सुशांत सिंह राजपूत मामले से कोई संबंध था?
10. सोशल मीडिया पर किए जा रहे राधिका नेहलानी से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है?

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