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दिशा सालियान केस में नया मोड़, CBI को मिले आदित्य ठाकरे से जुड़े चश्मदीदों के बयान और वीडियो से भरी पेन ड्राइव

दिशा सालियान मामले में वकील ओझा ने जांच प्रक्रिया का हवाला देते हुए संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी, आवश्यकता पड़ने पर लुकआउट नोटिस जारी करने की मांग की है.

दिशा सालियान केस में नया मोड़,  CBI को मिले आदित्य ठाकरे से जुड़े चश्मदीदों के बयान और वीडियो से भरी पेन ड्राइव
दिशा सालियान मामले में वकील ओझा ने CBI के सामने नए सबूत रखे हैं.
  • वकील नीलेश ओझा ने सीबीआई को दिशा सालियान मामले में दो चश्मदीदों के बयान और तीन वीडियो वाली पेन ड्राइव सौंपी है
  • पेन ड्राइव में आदित्य ठाकरे की कथित भूमिका से जुड़े गंभीर आरोपों के साथ तीन महत्वपूर्ण गवाहों की जानकारी है.
  • गवाह नावेद मुजावर के पुलिस के समक्ष और बाद के वीडियो बयानों में समय और कपड़ों को लेकर विरोधाभास पाया गया है

दिशा सालियान मामले में वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें दो कथित चश्मदीदों के बयान और तीन वीडियो मौजूद हैं. ओझा ने कहा कि इन बयानों में आदित्य ठाकरे और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े गंभीर आरोप हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में पुलिस के साथ मिलकर कथित तौर पर कवर-अप किया गया.

तीन महत्वपूर्ण गवाहों की जानकारी देने का दावा

ओझा ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने पहले ही सीबीआई को पत्र के माध्यम से इन तथ्यों की जानकारी दी थी. अब पेन ड्राइव के जरिए मामले से जुड़े तीन महत्वपूर्ण गवाहों की जानकारी भी दी गई है, जिनमें दो कथित प्रत्यक्षदर्शी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं.

गवाह के बयानों में विरोधाभास का दावा

ओझा ने असलम शेख के एक कथित कार्यकर्ता नावेद मुजावर के बयानों को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि मुजावर के पुलिस के सामने दिए गए बयान और बाद में रिकॉर्ड किए गए वीडियो बयान में विरोधाभास है. पुलिस के समक्ष दिए गए बयान में मुजावर ने कहा था कि वह घटनास्थल पर मौजूद था और उसने दिशा को ऊपर से गिरते हुए देखा था. उसी बयान में दिशा के कपड़ों का उल्लेख लाल टी-शर्ट और क्रीम रंग की पैंट के रूप में किया गया था.

समय और कपड़ों को लेकर उठे सवाल

ओझा का कहना है कि मुजावर के एक अन्य वीडियो बयान में घटना के समय और कपड़ों को लेकर अलग जानकारी सामने आती है. उनके अनुसार इन विरोधाभासों से गवाह के बयान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि इन पहलुओं की विस्तृत जांच की जानी चाहिए.

सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी दावा

ओझा ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए समय को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एक ओर यह दावा किया गया कि दिशा के गिरने की घटना रात करीब 1:20 बजे हुई, जबकि सीसीटीवी फुटेज में पुलिस रात करीब 12:50 बजे घटनास्थल पर दिखाई देती है. उनके अनुसार इस आधार पर घटनाक्रम को लेकर पहले दिए गए कुछ बयानों पर सवाल खड़े होते हैं. मामले की सच्चाई और इन तथ्यों की जांच अब सीबीआई को करनी है.

चार लोगों को सुरक्षा देने की मांग

ओझा ने बताया कि मामले से जुड़े लोगों को कथित धमकियों को देखते हुए चार व्यक्तियों को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई है. इनमें समीर वानखेड़े, सतीश सालियान, आशुतोष पाठक और स्वयं नीलेश ओझा शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में भी सीबीआई को पत्र भेजा गया है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में सबूत उपलब्ध कराने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी. अब सीबीआई को आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है. ओझा का कहना है कि पेन ड्राइव से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू होनी चाहिए.

गिरफ्तारी और जांच तेज करने की मांग

ओझा ने जांच प्रक्रिया का हवाला देते हुए संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी, आवश्यकता पड़ने पर लुकआउट नोटिस जारी करने और अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि पेन ड्राइव में मौजूद सामग्री और गवाहों के बयानों की जांच अब सीबीआई को करनी है. मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है और जांच एजेंसी से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है.

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