- शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पूर्णेकर मर्डर केस क्राइम ब्रांच को सौंपा गया
- UBT नेता की हत्या से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई
- संजय राउत ने लगाए गंभीर आरोप, FIR में जुड़े नए नाम
महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का मामला राजनीतिक और आपराधिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है. पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने हत्या के पीछे राजनीतिक और स्थानीय हितों से जुड़े कारण होने का आरोप लगाया है तथा मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी जांच में शामिल करने की मांग की है.
क्राइम ब्रांच ने संभाली जांच
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच अब आधिकारिक रूप से ठाणे पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. पुलिस के अनुसार मामले की जांच डीसीपी अमर जाधव के नेतृत्व में की जाएगी. इस बीच क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.
#WATCH | Thane, Maharashtra: On the Pradip Purnekar shooting case, Joint Commissioner of Police Dnyaneshwar Chavan says, "Last night, around 9.30 PM, an unidentified individual entered the office and attacked the victim using a firearm, resulting in his death. Preliminary… pic.twitter.com/fJiaCGaPwa
— ANI (@ANI) September 30, 2026
कार्यालय में घुसकर की गई थी हत्या
संयुक्त पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण के अनुसार मंगलवार रात करीब 9:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति प्रदीप पूर्णेकर के कार्यालय में घुसा और उन पर आग्नेयास्त्र से हमला कर दिया. इस हमले में उनकी मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में पांच संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से चार के नाम सामने आ चुके हैं. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस के अनुसार घटना में हथियार का इस्तेमाल किया गया और शुरुआती जांच में करीब पांच राउंड फायरिंग की बात सामने आई है.
#WATCH | Thane, Maharashtra: On the Pradip Purnekar shooting case, Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut says, "Seven rounds were fired at him... He was murdered and was brutally beaten. He was a very loyal person to us. He had been fighting against the local drug mafia. He stood up… pic.twitter.com/feceDYHwLe
— ANI (@ANI) October 1, 2026
संजय राउत ने लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदीप पूर्णेकर पर सात राउंड फायर किए गए और उनकी बेरहमी से हत्या की गई. राउत का दावा है कि पूर्णेकर पार्टी के बेहद समर्पित कार्यकर्ता थे और स्थानीय नशा तस्करी, बिल्डर लॉबी तथा कथित गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. राउत ने आरोप लगाया कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि मृतक के बेटे राम ने पूरी घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, लेकिन उसका नाम प्राथमिकी में शामिल नहीं किया गया था.
FIR में जोड़े गए नाम
घटना के बाद शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचे. उन्होंने मांग की कि शिवसेना (शिंदे गुट) से जुड़ी मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे के नाम भी प्राथमिकी में शामिल किए जाएं. पार्टी नेताओं के दबाव और चर्चा के बाद पुलिस ने दोनों नामों को एफआईआर में शामिल कर लिया. हालांकि पुलिस की ओर से मामले में किसी भी व्यक्ति की भूमिका को अभी जांच का विषय बताया जा रहा है.
ससुर ने की न्याय की मांग
प्रदीप पूर्णेकर के ससुर संजय खांगड़े ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें उनकी बेटी का फोन आया था, जिसमें हमले की जानकारी दी गई थी. उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय चाहिए और इस मामले में दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. संजय खांगड़े ने बढ़ते अपराध को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से हिंसा से दूर रहने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील भी की.
कई एंगल से हो रही जांच
संयुक्त पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण ने कहा कि पुलिस राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत दुश्मनी समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़ी दुश्मनी की आशंका जताई है. पुलिस इस एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है. इसके अलावा वित्तीय विवाद या अन्य व्यक्तिगत कारणों की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है.
पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्य आधारित होगी. अब जबकि जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, ऐसे में मामले से जुड़े सभी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले जा रहे हैं. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.
इंफो : रुत्तिक गणकवर
यह भी पढ़ें : 'मुझे धमकाया, अपशब्द कहे, घर जाने में डर लगता है', पालघर अस्पताल में बवाल के बाद बोली महिला डॉक्टर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं