Raj Kundra Money Laundering Case: बिटकॉइन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी राज कुंद्रा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज कुंद्रा ने विशेष PMLA अदालत द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत पर संज्ञान लेने और उन्हें समन जारी करने के आदेश को चुनौती दी है. अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि अदालत ने उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना ही 5 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर दिया, जो कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है. इस मामले की सुनवाई आज बॉम्बे हाईकोर्ट में होने की संभावना है, जिस पर कानूनी और कारोबारी जगत की नजर बनी हुई है.
5 जनवरी के आदेश को दी चुनौती
राज कुंद्रा ने अपनी याचिका में विशेष PMLA अदालत के 5 जनवरी 2026 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत अदालत ने ईडी की सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किया था. कुंद्रा का कहना है कि इस आदेश के चलते उन्हें आरोपी के रूप में अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए, जबकि इससे पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया.
ED ने सप्लीमेंट्री शिकायत में बनाया था आरोपी
राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने 16 सितंबर 2025 को सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल की थी. इस शिकायत में राज कुंद्रा को कथित बिटकॉइन लिंक्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी संख्या 17 के रूप में नामित किया गया था. इसके बाद विशेष PMLA अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए समन जारी कर दिया.
BNSS की धारा का दिया हवाला
याचिका में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के तहत किसी आरोपी के खिलाफ संज्ञान लेने से पहले उसे सुनवाई का अवसर दिया जाना आवश्यक है. राज कुंद्रा का तर्क है कि अदालत ने यह कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना आदेश जारी किया, जिससे उनके अधिकार प्रभावित हुए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी जिक्र
कुंद्रा ने अपनी याचिका में ‘कुशल कुमार अग्रवाल बनाम प्रवर्तन निदेशालय' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का भी हवाला दिया है. याचिका के अनुसार शीर्ष अदालत ने कहा था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ संज्ञान लेने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए. इसी आधार पर उन्होंने विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी है.
समन रद्द करने की मांग
राज कुंद्रा ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि 5 जनवरी 2026 के संज्ञान आदेश और उसके आधार पर जारी समन दोनों को रद्द किया जाए. उनका कहना है कि यदि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है तो ऐसे आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता.
आज हो सकती है सुनवाई
मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष है और इस पर आज सुनवाई होने की संभावना है. अदालत के फैसले पर न सिर्फ इस मामले की आगे की दिशा तय होगी, बल्कि PMLA मामलों में आरोपी को सुनवाई का अवसर देने से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है.
यह भी पढ़ें : बिटकॉइन स्कैम मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को मिली जमानत
यह भी पढ़ें : धोखाधड़ी मामले में शिल्पा और राज कुंद्रा ने FIR रद्द करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
यह भी पढ़ें : गिरफ्तारी के बाद भी सबसे पहले मां की फिकर, सलाखों के पीछे से पूछा- तुमने सुबह से कुछ खाया? देखिए ये भावुक पल
यह भी पढ़ें : सुहागरात और हवन के बाद अब चलती ट्रेन में पूजा; AC कोच का वीडियो वायरल, आस्था vs सुरक्षा पर बहस
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं