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'आपने किसी गरीब उम्मीदवार का हक छीन लिया', पूर्व KPSC अध्यक्ष की बेटी को हाईकोर्ट की फटकार

KPSC Chairman Daughter Fake Income Certificate: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार की बेटी ने फर्जी तरीके से आय प्रमाण पत्र दिया था, इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.

'आपने किसी गरीब उम्मीदवार का हक छीन लिया', पूर्व KPSC अध्यक्ष की बेटी को हाईकोर्ट की फटकार
KPSC के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार की बेटी के फर्जी आय प्रमाण पत्र का मामला

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार की बेटी के मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आपने किसी गरीब उम्मीदवार का मौका छीन लिया. दरअसल KPSC के पूर्व अध्यक्ष की बेटी सुमा साहूकार ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान कैटगरी 3B के तहत आरक्षण का लाभ उठाने के लिए झूठा आय प्रमाण पत्र दिया था. इन आरोपों को लेकर हाईकोर्ट ने उन पर ये तीखी टिप्पणी की और उनके परिवार की आय को लेकर सवाल उठाए. 

महज 40 हजार बताई परिवार की आय

याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने सुमा साहूकार से बार-बार उस घोषणा पत्र पर सवाल पूछे, जिसमें पिता के KPSC अध्यक्ष पद पर होने के बावजूद परिवार की वार्षिक आय महज 40,000 रुपये दिखाई गई थी. इस दौरान जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा, "अब आप क्या जांच चाहते हैं? जांच तब की जानी चाहिए जब कोई संशय या भ्रम हो. KPSC अध्यक्ष की बेटी श्रेणी 3B के तहत परीक्षा में शामिल होती है और अपनी वार्षिक आय 40,000 रुपये घोषित करती है, जबकि वास्तव में यह 25 लाख रुपये प्रति वर्ष है. यहां धोखाधड़ी साफ दिखाई दे रही है."

वकील ने दिया ये तर्क 

कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया कि जब तथ्य पूरी तरह स्पष्ट हैं तो किसी और वेरिफिकेशन की क्या जरूरत है. जब याचिकाकर्ता के वकील ने स्वीकार किया कि 40,000 रुपये प्रति वर्ष वाली आय की घोषणा वास्तव में जमा की गई थी, तो जज ने पूछा, "आपने यह झूठा घोषणा पत्र कैसे दिया?" इस पर आरोपी युवती के वकील ने तर्क दिया कि ये आंकड़ा केवल याचिकाकर्ता की व्यक्तिगत आय को दर्शाता था, हालांकि अदालत ने इस स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ किया कि कैटगरी 3B के तहत पारिवारिक आय का ब्योरा देना होता है. 

गरीब का मौका छीन लिया

कोर्ट ने इस सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि कोई असली उम्मीदवार, जिसके परिवार की सालाना आय वाकई में 40,000 रुपये है, उस कैटेगरी में भाग ले सकता था. आपने उस गरीब आदमी का मौका छीन लिया. इस दौरान वकील ने दलील दी कि फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले ही उम्मीदवारी वापस ले ली गई थी, तब भी कोर्ट इस तर्क से सहमत नहीं हुआ. कोर्ट ने पूछा कि, "आपने परीक्षा में हिस्सा ही क्यों लिया? क्या आपने उस गरीब का मौका नहीं चुराया?"

पिता को पद से हटाया गया

भर्ती प्रक्रिया के दौरान बेटियों के फर्जी इनकम सर्टिफिकेट के आरोपों के बाद कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शिवशंकरप्पा साहूकार को KPSC अध्यक्ष के पद से हटा दिया था. कर्नाटक कैबिनेट ने भी इस फैसले को मंजूरी दे दी है. उनकी बेटी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जिसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया गया. 

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Income Certificate, KPSC Chairman Suspended, Karnataka High Court
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