- पालघर के नालासोपारा में भी मुहर्रम जुलूस में जिंक फॉस्फाइड से भरे जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला सामने आया है
- कई शहरों में जहरीले कैप्सूल पहुंचने की पुष्टि हुई है, जिससे के बाद पुलस अलर्ट हो गई है
- पुलिस ऑनलाइन सप्लायर्स और दुकानदारों की जांच कर रही है, जो नियमों का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किए जाएंगे
Poisonous Capsules in Mumbai Muharram Rally : महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर के नालासोपारा और मुंबई (Mumbai) के आसपास के इलाकों में प्रतिबंधित केमिकल 'जिंक फॉस्फाइड' ('Zinc Phosphide') से भरे कैप्सूल मुहर्रम के जुलूस (Muharram Rally) में शामिल होने वाले लोगों को बांटने के मामले में गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी (Fayyaz Premji) को लेकर हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं.इस मामले में पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया है कि फैयाज की ओर से बांटी गई ये जहरीली कैप्सूल अब सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य शहरों में भी पहुंच चुकी हैं. इस मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई, जब नालासोपारा में एक व्यक्ति के इस केमिकल का सेवन करने की बात सामने आई. पीड़ित की हालत बिगड़ने के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है.
अदालत में दी गई जानकारी के मुताबिक, दो दिनों यानी कल और आज के भीतर ही इस जहरीले पदार्थ से प्रभावित चार मरीजों के मामले सामने आ चुके हैं. इस मेडिकल इमरजेंसी और खतरे को देखते हुए पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस जानलेवा दवा की पूरी सप्लाई चेन को जल्द से जल्द क्रैक किया जाए.
पुलिस खंगाल रही सप्लायर्स का रिकॉर्ड
कोर्ट में पुलिस ने कहा कि इस मामले में यह जांचना बेहद जरूरी है कि फैयाज ने अपनी इस खतरनाक गतिविधि को किन-किन शहरों तक फैलाया हुआ था. क्या उसने मुंबई और नालासोपारा के बाहर भी किसी बड़े नेटवर्क को यह माल सप्लाई किया है? लिहाजा, इस बात का पता लगाने के लिए आरोपी की कस्टडी और पूछताछ बेहद अहम है.
नियमों के उल्लंघन पर होगी गिरफ्तारी
इसके साथ ही, जिन ऑनलाइन सप्लायर्स और दुकानदारों ने फैयाज को इतनी बड़ी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड भेजा, वे भी अब पुलिस के रडार पर हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर सप्लायर्स ने सरकार के सभी नियमों और कानूनी गाइडलाइंस का पालन करते हुए यह केमिकल बेचा है, तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. लेकिन, अगर नियमों को ताक पर रखकर बिना वेरिफिकेशन या लाइसेंस के यह डिलीवरी की गई है, तो उन दुकानदारों और विक्रेताओं को भी सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाएगा.
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फैयाज ने बनाए थे 29 हजार कैप्सूल
पुलिस जांच में सामने आया है कि फैयाज ने कोई छोटा-मोटा स्टॉक नहीं, बल्कि भारी मात्रा में 29 हजार खतरनाक 'जिंक फॉस्फाइड' यानी चूहा मारने की दवा मंगाई थीं. पुलिस ने फैयाज के पास से 14,000 जिंक फॉस्फाइड कैप्सूल बरामद कर लिए हैं, लेकिन चिंता की बात यह है कि बची हुई 15,000 गोलियां अब भी गायब हैं. पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आखिर ये बची हुई गोलियां कहां छुपाई गई हैं या किन्हें बेची गई हैं. जांच में यह भी साफ हुआ है कि आरोपी ने यह सारा माल ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगवाया था, जिसकी सप्लाई भारत के दो अलग अलग राज्यों से की गई थी. पुलिस टीमों को सबूत जुटाने के लिए इन दोनों राज्यों में रवाना कर दिया गया है.
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