- नवाब मलिक ने कहा- मेयर हमारा ही बनेगा. ऐसी स्थिति बनेगी कि हमारे बिना मुंबई का मेयर नहीं बन सकता.
- उन्होंने धर्म और भाषा के नाम पर राजनीति करने वाले दलों की कड़ी आलोचना करते हुए मुंबई की जनता को जागरूक बताया.
- नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे और रहने वाले सभी नागरिक मराठी हैं चाहे उनकी भाषा या धर्म कोई भी हो.
Nawab Malik on BMC Elections 2026: मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना पर जोरदार हमला बोला है. मलिक के इस इंटरव्यू को राजनीतिक गलियारों में “विस्फोटक” माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने धर्म, भाषा, गठबंधन धर्म और मेयर पद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री द्वारा यह कहे जाने पर कि “मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा”, नवाब मलिक ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह की भाषा कैसे इस्तेमाल कर सकता है.
नवाब मलिक के इंटरव्यू की बड़ी बातें
- मलिक ने कहा, “लोग मजहब के नाम पर लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं. धर्म की राजनीति हम कभी नहीं करते. कुछ दल भाषा और प्रांत के नाम पर भी भावनाएं भड़काते हैं, लेकिन मुंबई की जनता अब यह सब समझ चुकी है.”
- उन्होंने साफ कहा कि महाराष्ट्र में लंबे समय से रहने वाले और महाराष्ट्र मे जन्म लेने वाले हर नागरिक मराठी है, चाहे उसकी भाषा या धर्म कुछ भी हो. “क्या मैं और मेरे बच्चे, जो महाराष्ट्र में पैदा हुए, मराठी नहीं हैं?” – मलिक ने सवाल किया.
गठबंधन धर्म पर तंज- “चुनाव युद्ध है”
बीजेपी द्वारा अजित पवार को गठबंधन धर्म निभाने की नसीहत पर भी नवाब मलिक ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “जो लोग गठबंधन धर्म की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. यह चुनाव है, और चुनाव एक युद्ध होता है. मोहब्बत और जंग में सब जायज है. अब चुनाव जीतना है, हम युद्ध की तरह लड़ेंगे और जीतेंगे.”
“सरकार में हैं, लेकिन विचारधारा अलग है”
नवाब मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही उनकी पार्टी सरकार में शामिल है, लेकिन बीजेपी और शिवसेना की विचारधारा से वे कभी सहमत नहीं रहे. “प्रांत और धर्म की राजनीति से लोग अब उब चुके हैं. मुंबई को बांटने की नहीं, जोड़ने की जरूरत है.”

मेयर को लेकर बड़ा दावा
बीएमसी मेयर पद को लेकर नवाब मलिक ने बड़ा राजनीतिक दावा किया. “मेयर हमारा ही बनेगा. ऐसी स्थिति बनेगी कि हमारे बिना मुंबई का मेयर नहीं बन सकता. 30 से अधिक सीटें हम जीतेंगे और मुंबईकर ही मुंबई का मेयर बनेगा.”
हिंदी भाषी वर्ग को खास प्रतिनिधित्व
मलिक ने बताया कि उनकी पार्टी ने सभी वर्गों को टिकट दिए हैं, खासकर हिंदी भाषी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है. “हमने 13 उत्तर भारतीय उम्मीदवारों को मौका दिया है. जो ताकतें समाज को बांटती हैं, उनके खिलाफ हम जोड़ने वाली ताकत बनकर उभरे हैं.”
NCP के एकजुट होने के संकेत
दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के संभावित विलय पर भी नवाब मलिक ने बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि पारिवारिक मतभेद अब समाप्त हो चुके हैं और अधिकांश जगहों पर वे पवार साहब के साथ हैं. “सभी चाहते हैं कि परिवार एक हो गया है, तो दल भी एक हो जाए. अब मन मिल चुके हैं, परिवार मिल चुका है. फैसला दादा और पवार साहब को लेना है.”
अजित पवार का जताया आभार
बीजेपी और शिवसेना नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने पर नवाब मलिक ने अजित पवार का आभार व्यक्त किया. “मैं अजित पवार का आभारी हूं कि उन्होंने मेरे लिए बड़ा निर्णय लिया और मुझ पर भरोसा जताया.”
नवाब मलिक का यह इंटरव्यू साफ संकेत देता है कि BMC चुनाव में राजनीति और अधिक तीखी होने वाली है. धर्म और भाषा की राजनीति के खिलाफ खुलकर बोलते हुए मलिक ने न सिर्फ बीजेपी–शिवसेना को घेरा, बल्कि मेयर पद को लेकर आत्मविश्वास के साथ बड़ा दावा भी किया है. अब देखना होगा कि मुंबई की जनता इन दावों और आरोपों पर क्या फैसला सुनाती है?
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