नागपुर के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मेयो अस्पताल) में रेजिडेंट डॉक्टर पर हमले का मामला सामने आया है. मेयो अस्पताल के आपातकालीन विभाग में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर डॉक्टर और पुलिसकर्मी पर मामला दर्ज किया गया है.
क्या हुआ था 4 नवंबर को?
4 नवंबर के दिन नागपुर शहर पुलिस में कार्यरत एक हेड कॉन्स्टेबल के बेटे को दुपहिया वाहन की चेन साफ करते हुए हाथ में मामूली चोट आई थी. उक्त पुलिसकर्मी बेटे को लेकर मेयो अस्पताल पहुंचा था.
हेड कॉन्स्टेबल ने अपने बेटे का इलाज फौरन करने कहा था, लेकिन वहां मौजूद रेजिडेंट डॉक्टर ने चोट मामूली होने की बात कही और घर ले जाकर मरहम पट्टी करने की सलाह दे दी.
दरअसल, डॉक्टर उस समय गंभीर मरीज का इलाज कर रहा था लेकिन इसी कारण पुलिसकर्मी और उसके बेटे को गुस्सा आ गया और उन्होंने डॉक्टर को धकेल दिया.
डॉक्टर के साथ मारपीट किए जाने का रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन मार्ड (MARD) ने आरोप लगाया है. उधर पुलिसकर्मी और उसके बेटे ने डॉक्टर पर मारपीट का आरोप किया है. दोनों पक्षों की शिकायत पर दोनों पक्षों पर मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
CCTV में कैद घटना, MARD हुआ आक्रामक
घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. इसके बाद डॉक्टरों का संगठन 'मार्ड' आक्रामक हो गया है.
मारपीट की शिकायत लेकर गए डॉक्टर पर ही उल्टे गंभीर मामले दर्ज किए जाने का मार्ड ने आरोप लगाया है.
आरोपी पुलिसकर्मी और उसके बेटे पर कार्रवाई न होने से रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी रोष है.
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